प्रधानमंत्री मोदी ने इजराइल में नेतन्याहू से मुलाकात कर भारत की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति दोहराई। महबूबा मुफ्ती ने इस मुलाकात को नकारात्मक बताया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि पर चिंता जताई।
World News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजराइल यात्रा के दौरान इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू से मुलाकात ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा है। इस मुलाकात में मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति पर जोर दिया और कहा कि भारत किसी भी कीमत पर आतंकवाद को स्वीकार नहीं करता। दोनों नेताओं के बीच बातचीत के दौरान मुस्कुराहट और हाथ मिलाने जैसे संकेत भी देखे गए।
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस मुलाकात पर चिंता जताते हुए कहा कि पीएम मोदी का क्रिमिनल मामलों से घिरे नेतन्याहू से मिलना भारत की पॉलिसी के खिलाफ है। मुफ्ती ने बताया कि पूरी दुनिया इजराइल के प्रधानमंत्री के खिलाफ है और इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने भी उन्हें इंडाइट किया हुआ है। उनका कहना था कि भारत के 140 करोड़ नागरिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रधानमंत्री का किसी ऐसे नेता को गले लगाना उचित संकेत नहीं देता।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने बयान में साफ किया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाता है और कोई भी देश या संगठन भारत की सुरक्षा को चुनौती नहीं दे सकता। उन्होंने यह भी बताया कि भारत हमेशा आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने में पीछे नहीं हटेगा। नेतन्याहू के साथ हुई बातचीत में दोनों नेताओं ने आतंकवाद और सुरक्षा मामलों पर चर्चा की और सहयोग को और मजबूत बनाने पर सहमति व्यक्त की।
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि भारत की विदेश नीति में यह कदम नकारात्मक संदेश भेज सकता है। उनका मानना है कि भारत को अंतरराष्ट्रीय पॉलिसी और कानून का सम्मान करना चाहिए और ऐसे नेताओं के साथ अपनी छवि को सावधानीपूर्वक संभालना चाहिए जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादास्पद माने जाते हैं।
भारत की सैन्य तैयारी

भारतीय सेना ने भी इस बीच अपनी तैयारियों को सार्वजनिक किया। टू कोर के जीओसी और आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर टू पहले ही शुरू हो चुका है। लेफ्टिनेंट जनरल पुष्कर ने कहा कि पिछली बार पाकिस्तान को केवल एक छोटा सा सैंपल दिखाया गया था, और चार दिन में ही पाकिस्तान ने युद्ध रोकने के लिए डीजीएमओ से संपर्क किया था।
इस बार भारत की तैयारी का स्तर बहुत व्यापक है। ऑपरेशन सिंदूर टू के तहत भारतीय सेना ने रणनीतिक योजना बनाई है, जिससे पाकिस्तान पर असर बढ़ सके। लेफ्टिनेंट जनरल पुष्कर ने बताया कि पिछली बार की तुलना में इस बार कार्रवाई का दायरा और तकनीकी क्षमता बढ़ाई गई है।
पाकिस्तान पर संभावित कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, मोदी-नेतन्याहू बैठक में पाकिस्तान पर ध्यान केंद्रित किया गया। अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही संकेत दिया था कि यदि मैं सत्ता में न होता, तो पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाया जा सकता था। इस पृष्ठभूमि में भारत की तैयारियों और ऑपरेशन सिंदूर टू की योजनाओं ने अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा को बढ़ावा दिया है।
लेफ्टिनेंट जनरल पुष्कर ने कहा कि इस बार भारत ने रणनीति तैयार करते समय पाकिस्तान के कमजोर बिंदुओं और पिछले अनुभवों का विश्लेषण किया है। भारतीय सेना ने सीमाओं पर अपने बलों को मजबूत किया है और हाईटेक हथियारों के साथ ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए तैयार है।
पीएम मोदी की नेतन्याहू से मुलाकात पर देश में और विपक्षी नेताओं में प्रतिक्रिया आई है। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि यह मुलाकात भारत की परंपरागत नीति के खिलाफ है और इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि प्रभावित हो सकती है। उनके अनुसार भारत को अंतरराष्ट्रीय कानून और नैतिकता का पालन करना चाहिए और किसी भी विवादित नेता के साथ अपनी नीतियों का संतुलन बनाकर रखना चाहिए।










