चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी में बड़े फेरबदल हुए। जनरल झांग यूशिया सहित 9 सीनियर अधिकारियों को हटाया गया। यह कदम शी चिनफिंग की मिलिट्री पर पकड़ मजबूत करने और कमांड-रचना में बदलाव लाने की रणनीति माना जा रहा है।
World News: चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 19 जनवरी को एक बड़ा और विवादित फैसला लिया। उन्होंने जनरल झांग यूशिया को उनके पद से हटा दिया। आरोप था कि उन्होंने अमेरिका को न्यूक्लियर सीक्रेट्स लीक किए। यह कदम चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) में बड़े स्तर पर बदलाव का हिस्सा माना जा रहा है। जनरल झांग यूशिया सिर्फ सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के वाइस चेयरपर्सन ही नहीं थे, बल्कि शी चिनफिंग के स्कूल के साथी भी रहे हैं। उनकी यह बर्खास्तगी चीन की मिलिट्री में अप्रत्याशित और ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक मानी जा रही है।
चीनी सेना में टॉप लेवल पर बदलाव
चीनी सरकारी न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि देश की टॉप लेजिस्लेचर ने PLA के डेप्युटीज की लिस्ट अपडेट की। इसमें नौ बड़े मिलिट्री अधिकारियों को हटाया गया। इनमें से एक जनरल ताइवान के खिलाफ चीनी सेना की कमान संभालते थे। दूसरा अफसर PLA के ट्रेनिंग डिपार्टमेंट के प्रमुख थे, जिन्हें कॉम्बैट ड्रिल को आधुनिक बनाने के लिए तारीफ मिली थी। तीसरा अफसर लंबे समय तक चीन के लीडर शी जिनपिंग के चीफ मिलिट्री असिस्टेंट के रूप में कार्यरत रहा।
ये बदलाव PLA के इतिहास में असामान्य माने जा रहे हैं। इन सीनियर अफसरों को लगातार प्रमोशन मिलता रहा था, लेकिन पिछले चार साल में इनमें से कई को हिरासत में लिया गया या अचानक गायब कर दिया गया।
सीनियर ऑफिसर्स की सफाई का पैटर्न

चीन की मिलिट्री में पिछले चार वर्षों में बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिले हैं।
- 2022 में एक सीनियर ऑफिसर अचानक गायब हुआ।
- 2023 में 14 अफसरों को नौकरी से हटा दिया गया या गायब कर दिया गया।
- 2024 में 11 अफसर गायब हो गए।
- 2025 तक लगभग 62 लोगों को हटाया गया या गायब कर दिया गया।
इस साल अब तक करीब 11 अफसर उन मीटिंग्स में शामिल नहीं हुए, जिनमें उनकी मौजूदगी अपेक्षित थी। इसका मतलब है कि कई अफसर गंभीर मुसीबत में हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जनरल झांग यूशिया के जाने के बाद उनके अधीनस्थ अफसरों के खिलाफ भी जांच शुरू हो सकती है।
सीनियर अफसर हटने का प्रभाव
चीन की मिलिट्री संरचना में हर सीनियर अफसर के अधीन कई निचले स्तर के ऑफिसर्स काम करते हैं। किसी भी सीनियर अफसर का हटना निचले स्तर के अफसरों के करियर पर सीधा असर डालता है। CIA के पूर्व एनालिस्ट जॉन कल्वर का कहना है कि इस बदलाव का असर कम से कम दो से तीन साल तक रहेगा। उनके अनुसार, निचले पायदान के अफसर अपने करियर और भविष्य के लिए असुरक्षित महसूस कर सकते हैं।
सेना की स्थिरता
विश्लेषकों का कहना है कि PLA में इस तरह के बड़े फेरबदल का मकसद सिर्फ भ्रष्टाचार या सुरक्षा के खतरे को रोकना नहीं है। यह शी चिनफिंग की मिलिट्री पर पकड़ को मजबूत करने और सीनियर अफसरों के बीच केंद्रीय नियंत्रण बनाए रखने का भी तरीका हो सकता है। इस बदलाव के बाद सेना में किसी भी असंतोष को तुरंत दबाने की स्थिति बन गई है।












