झारखंड के नगर निकाय चुनावों में प्रमुख नगर परिषद और पंचायतों के परिणाम सामने आने लगे हैं। शबरी पाल, विनय कुमार और रामनाथ पासवान सहित कई उम्मीदवार विजयी रहे। कुल 62 प्रतिशत मतदान के साथ चुनाव शांतिपूर्ण और पारदर्शी रहा।
रांची: झारखंड में नगर निकाय चुनावों के नतीजे शुक्रवार को सामने आने लगे हैं। राज्य में कुल 48 नगर निकायों के लिए 23 फरवरी को मतदान हुआ था। इस बार मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और कुल 62 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। वोटों की गिनती 1309 टेबलों पर जारी है और जैसे-जैसे प्रक्रिया पूरी होगी, उम्मीदवारों की जीत-हार की तस्वीर साफ हो जाएगी।
प्रमुख नगर निकायों में किसकी हुई जीत
पाकुड़ नगर परिषद में शबरी पाल ने शानदार जीत हासिल की और अपने प्रतिद्वंद्वी शेख सेलिना सुल्ताना को हराया। शबरी की जीत को स्थानीय राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। वहीं धनवार नगर पंचायत में विनय कुमार संथालिया विजयी रहे, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी रोबिन कुमार रहे। लातेहार नगर पंचायत में महेश सिंह ने बिलासी टोपनो को पराजित किया। डोमचांच नगर पंचायत में उमेश वर्मा की जीत हुई और पप्पू मेहता हार गए।
साहेबगंज नगर परिषद में रामनाथ पासवान ने कपिल देव दास को पीछे छोड़ते हुए जीत दर्ज की। महागामा नगर पंचायत में परिणाम अभी जारी हैं, वहीं राजमहल नगर पंचायत में भावना गुप्ता ने केताबुद्दीन शेख को हराया। बरहरवा नगर पंचायत में अर्पिता दास विजयी रही, जबकि बबीता कुमारी हार गईं। बुण्डू नगर पंचायत में जीतेंद्र उरांव ने राजेश उरांव को हराया।
मतगणना की प्रक्रिया
वोटों की गिनती फिलहाल 1309 टेबलों पर जारी है। मतगणना में तेजी आने के साथ ही अन्य नगर निकायों के नतीजे भी स्पष्ट होने लगेंगे। कई जगहों पर मुकाबला बेहद करीबी रहा, जिससे प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में उत्सुकता बनी हुई है। रांची, धनबाद, हजारीबाग और देवघर जैसी प्रमुख नगर निगमों में भी वोटों की गिनती चल रही है और नतीजे आने वाले घंटों में फाइनल हो सकते हैं।
अधिकारी अभी तक किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं दे रहे हैं और चुनाव में कुल मिलाकर शांतिपूर्ण वातावरण रहा। चुनाव आयोग ने भी सभी मतदान केंद्रों पर निगरानी रखी और मतगणना की प्रक्रिया पारदर्शी बनाने पर जोर दिया।
इस चुनाव में जीत-हार सिर्फ स्थानीय प्रशासन की दिशा तय नहीं करेगी, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भी संकेत देती है। जीतने वाले उम्मीदवारों का प्रभाव स्थानीय विकास, नगर सुविधाओं और प्रशासनिक निर्णयों पर सीधे दिखाई देगा। वहीं हारने वाले उम्मीदवारों को अपने क्षेत्र में अपनी रणनीति सुधारने और आगामी चुनावों की तैयारी करने का मौका मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि शबरी पाल और विनय कुमार जैसी जीत स्थानीय राजनीति में नई ऊर्जा ला सकती है। इसके साथ ही यह संकेत है कि मतदाताओं ने अपने क्षेत्र के विकास और सेवाओं पर फोकस करते हुए मतदान किया।
जनता की भागीदारी और वोटिंग प्रतिशत
इस बार के नगर निकाय चुनावों में 62 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले चुनावों की तुलना में अच्छा आंकड़ा माना जा रहा है। यह दर्शाता है कि जनता अपने प्रतिनिधियों के चयन को लेकर जागरूक है और स्थानीय प्रशासन में अपनी भूमिका निभाना चाहती है। मतदाताओं की यह सक्रिय भागीदारी भविष्य के चुनावों और राजनीति पर भी प्रभाव डालेगी।
बाकी निकायों के नतीजे
हालांकि सभी 48 नगर निकायों के परिणाम अभी पूर्ण रूप से घोषित नहीं हुए हैं, लेकिन शुरुआती परिणाम और प्रमुख विजेताओं की जानकारी सामने आ रही है। जैसे-जैसे वोटों की गिनती पूरी होगी, सभी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों में विजेताओं की सूची फाइनल होगी।
वर्तमान स्थिति में स्पष्ट है कि शबरी पाल, विनय कुमार, रामनाथ पासवान, महेश सिंह, उमेश वर्मा और अन्य कई उम्मीदवारों ने अपने क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन किया है।












