मध्य प्रदेश के आईएएस अधिकारी और अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) के अध्यक्ष संतोष वर्मा द्वारा बीते दिनों ब्राह्मण बेटियों को लेकर की गई अभद्र टिप्पणी के बाद प्रदेश में आक्रोश जारी है।
Madhya Pradesh IAS Controversy: मध्य प्रदेश के आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा ने हाल ही में ब्राह्मण बेटियों पर अभद्र टिप्पणी की, जिसके बाद प्रदेश में व्यापक आक्रोश फैल गया। इस टिप्पणी के कारण कई संगठनों ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार, सामान्य प्रशासन विभाग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है और सात दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है।
संतोष वर्मा, जो कि अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) के अध्यक्ष भी हैं, ने यह आपत्तिजनक बयान अजाक्स के प्रांतीय अधिवेशन में दिया था। उन्होंने कहा कि आरक्षण समाप्त हो जाएगा यदि ब्राह्मण अपनी बेटियों को दान करें। उनकी इस अमर्यादित और असभ्य टिप्पणी ने समाज में गहरी नाराजगी पैदा कर दी है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
संतोष वर्मा का विवादित बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि वर्मा क्रीमीलेयर के सुझाव को खारिज करते हुए अपनी जुबान पर नियंत्रण खो बैठते हैं और सीधे ब्राह्मण समाज की बेटियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर देते हैं। वीडियो वायरल होने के बाद से सोशल मीडिया पर आलोचनाओं की बाढ़ आ गई और कई नागरिक और संगठन उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

वीडियो ने यह स्पष्ट कर दिया कि उनका बयान केवल व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं था, बल्कि इसे सामाजिक समरसता और संवैधानिक मर्यादाओं के दृष्टिकोण से गंभीर माना जा रहा है।
सरकार की कार्रवाई और कारण बताओ नोटिस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को निर्देश दिया कि IAS अधिकारी पर उचित कार्रवाई की जाए। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने संतोष वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस में उन्हें सिविल सेवा आचरण नियमावली का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है। नोटिस के तहत वर्मा को सात दिनों के भीतर लिखित जवाब देना होगा और जवाब के आधार पर विभाग उचित कार्रवाई करेगा।
संतोष वर्मा के बयान ने पूरे प्रदेश में विरोध की लहर पैदा कर दी है। कई संगठनों और सामाजिक समूहों ने अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन किया और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। ब्राह्मण समाज ने स्पष्ट किया कि आरक्षण की मांग अलग मुद्दा है, लेकिन किसी जाति विशेष और उसकी बेटियों को अपमानित करना अस्वीकार्य है।
समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि वर्मा को माफी नहीं दी जाएगी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ऐसे आपत्तिजनक बयानों से सामाजिक समरसता और शांति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।












