भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी (BRP) ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को राष्ट्रीय महासचिव और पंजाब प्रभारी समेत सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया है। पार्टी ने सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल को पंजाब का नया प्रभारी नियुक्त किया है।
चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी (BRP) ने संगठन में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को स्वास्थ्य कारणों से राष्ट्रीय महासचिव और पंजाब प्रभारी समेत सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया है। उनकी जगह पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल को पंजाब की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी ने कहा कि नवजोत कौर सिद्धू का स्वास्थ्य और व्यक्तिगत कल्याण उसकी प्राथमिकता है।
स्वास्थ्य कारणों से नवजोत कौर सिद्धू को जिम्मेदारियों से मुक्त किया
भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी ने डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को संगठन की सभी जिम्मेदारियों से मुक्त करने का फैसला लिया है। वह पार्टी में राष्ट्रीय महासचिव और पंजाब प्रभारी के पद पर कार्यरत थीं। पार्टी ने इस बदलाव के पीछे उनके स्वास्थ्य को प्रमुख कारण बताया है।
![]()
पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं मुख्यालय प्रभारी मनोज चौबे की ओर से जारी बयान में नवजोत कौर सिद्धू के योगदान, अनुभव और मार्गदर्शन की सराहना की गई। बयान में कहा गया कि उनका स्वास्थ्य और व्यक्तिगत कल्याण पार्टी के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही, पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि संगठन के साथ उनका जुड़ाव महत्वपूर्ण बना रहेगा।
सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल बने पंजाब के नए प्रभारी
संगठनात्मक फेरबदल के तहत बीआरपी ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल, जिन्हें भुकड़ी कलां के नाम से भी जाना जाता है, को पंजाब का नया प्रभारी नियुक्त किया है। पार्टी के मुताबिक, इस नियुक्ति का उद्देश्य राज्य में संगठन को मजबूत करना और राजनीतिक गतिविधियों को गति देना है।
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी संगठनात्मक स्तर पर अपनी तैयारियों को आगे बढ़ाना चाहती है। नए प्रभारी के सामने राज्य में पार्टी के जनाधार का विस्तार करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और संगठन को मजबूत बनाने की चुनौती होगी।
पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी
बीआरपी ने पंजाब में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने और खुद को एक विश्वसनीय राजनीतिक विकल्प के रूप में स्थापित करने की बात कही है। पार्टी ने दोहराया है कि वह राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।
पार्टी के अनुसार, उसका लक्ष्य संगठन को मजबूत करना, निर्णायक नेतृत्व देना और पंजाब के भविष्य तथा जनता के हितों से जुड़े मुद्दों पर काम करना है। चुनाव से पहले होने वाले संगठनात्मक बदलावों को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि नए पंजाब प्रभारी के नेतृत्व में बीआरपी राज्य में अपनी राजनीतिक गतिविधियों को किस तरह आगे बढ़ाती है और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को कितना मजबूत कर पाती है।










