Budget 2026-27 में सरकार ने हेल्थ और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को राहत दी है। कैंसर और डायबिटीज की दवाइयां सस्ती होंगी। टेक्सटाइल पार्क, बायोफार्मा निवेश और महात्मा गांधी हैंडलूम योजना का भी एलान किया गया।
New Delhi: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में Budget 2026-27 पेश कर दिया है। इस बजट पर पूरे देश की नजरें टिकी थीं, क्योंकि इसे वैश्विक अनिश्चितताओं और घरेलू चुनौतियों के बीच पेश किया गया है। बजट से आम नागरिक, मिडिल क्लास, कारोबारी वर्ग, हेल्थ सेक्टर, मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री और शेयर मार्केट सभी को बड़ी उम्मीदें थीं।
अपने भाषण की शुरुआत में वित्त मंत्री ने साफ किया कि यह बजट मजबूत आर्थिक विकास, युवा शक्ति और गरीबी उन्मूलन पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि सरकार का पहला कर्तव्य आर्थिक विकास को तेज और सतत बनाए रखना है, ताकि देश आने वाले वर्षों में मजबूत अर्थव्यवस्था के रूप में उभरे।
ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच मजबूत विकास पर जोर
निर्मला सीतारमण ने कहा कि दुनिया इस समय कई तरह की आर्थिक और राजनीतिक अनिश्चितताओं से गुजर रही है, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में है। सरकार के लगातार किए गए सुधारों और नीतिगत फैसलों से देश करीब 7 प्रतिशत की विकास दर बनाए रखने में सफल रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत को वैश्विक बाजारों के साथ और अधिक एकीकृत होना होगा, ताकि निर्यात, निवेश और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को बढ़ावा मिल सके। Budget 2026-27 इसी दिशा में एक मजबूत कदम है।
युवा शक्ति और गरीबी उन्मूलन पर फोकस
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में युवा शक्ति को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि बजट में रोजगार सृजन, स्किल डेवलपमेंट और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
सरकार का लक्ष्य है कि युवाओं को शिक्षा, कौशल और रोजगार के बेहतर अवसर मिलें, जिससे गरीबी उन्मूलन की प्रक्रिया और तेज हो सके। बजट में किए गए प्रावधान इसी सोच को दर्शाते हैं।
मैन्युफैक्चरिंग और MSME को मिलेगा बढ़ावा
Budget 2026-27 में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नई रफ्तार देने की बात कही गई है। इसके तहत Champion MSME के निर्माण पर जोर दिया गया है। सरकार का मानना है कि मजबूत MSME सेक्टर से रोजगार बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
इन्फ्रास्ट्रक्चर, सप्लाई चेन और टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन के जरिए मैन्युफैक्चरिंग को प्रतिस्पर्धी बनाया जाएगा। इससे भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।
हेल्थ सेक्टर के लिए बड़ी राहत
Budget 2026-27 की सबसे बड़ी घोषणाओं में से एक हेल्थ सेक्टर से जुड़ी है। वित्त मंत्री ने एलान किया कि कैंसर और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों की दवाइयों को सस्ता किया जाएगा।

इस फैसले से लाखों मरीजों और उनके परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है। महंगी दवाओं के कारण इलाज से वंचित रहने वाले लोगों के लिए यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है। सरकार ने हेल्थ सेवा के लिए एक दीर्घकालिक रणनीति अपनाने की बात भी कही है।
बायोफार्मा सेक्टर में बड़ा निवेश
वित्त मंत्री ने बताया कि अगले पांच वर्षों में बायोफार्मा सेक्टर में 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इससे दवाओं के रिसर्च, मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा।
भारत पहले से ही फार्मा सेक्टर में एक मजबूत देश है और इस निवेश से भारत को ग्लोबल हेल्थकेयर सप्लाई चेन में और मजबूती मिलेगी।
टेक्सटाइल सेक्टर के लिए नई योजनाएं
Budget 2026-27 में टेक्सटाइल सेक्टर के लिए भी कई अहम घोषणाएं की गई हैं। सरकार टेक्सटाइल पार्क की स्थापना करेगी, जिससे इस सेक्टर में निवेश और रोजगार दोनों बढ़ेंगे।
इसके साथ ही महात्मा गांधी हैंडलूम योजना शुरू करने का एलान किया गया है। इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक बुनकरों को आर्थिक और तकनीकी सहायता देना है। इससे हैंडलूम सेक्टर को नई पहचान मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
बुनकरों और वस्त्र उद्योग को होगा फायदा
वित्त मंत्री ने कहा कि वस्त्र उद्योग सेक्टर में भी रिफॉर्म किए जाएंगे। इन सुधारों से बुनकरों को बेहतर बाजार, आधुनिक तकनीक और वित्तीय सहायता मिलेगी।
महात्मा गांधी हैंडलूम योजना के जरिए सरकार पारंपरिक कला को संरक्षित करने के साथ-साथ बुनकरों की आय बढ़ाने पर भी ध्यान देगी।
दुर्लभ खनिज और रेयर अर्थ मिनरल पर फोकस
Budget 2026-27 में रेयर अर्थ मिनरल को लेकर भी बड़ा एलान किया गया है। सरकार पांच राज्यों में दुर्लभ खनिज के लिए डेडिकेटेड कॉरिडोर बनाएगी।
इन राज्यों में आंध्र प्रदेश, केरल, तमिलनाडु और ओडिशा शामिल हैं। इन कॉरिडोर से खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग और सप्लाई चेन को मजबूत किया जाएगा।
सेमीकंडक्टर मिशन को नई गति
वित्त मंत्री ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत ISM 2.0 शुरू करने का एलान किया। इसका उद्देश्य उपकरण और सामग्री उत्पादन को बढ़ाना और सप्लाई चेन को मजबूत करना है।
इसके अलावा EMS PLI स्कीम का आवंटन 20 हजार करोड़ से बढ़ाकर 40 हजार करोड़ रुपये किया गया है। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और इन्फ्रास्ट्रक्चर
Budget 2026-27 में दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भी जोर दिया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़े और भविष्य की जरूरतों को समय रहते पूरा किया जा सके। इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश से निर्माण, लॉजिस्टिक्स और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।








