छत्तीसगढ़ में 5 महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की नीलामी शुरू, स्वच्छ ऊर्जा और AI सेक्टर को मिलेगा नया आधार

छत्तीसगढ़ में 5 महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की नीलामी शुरू हुई। लिथियम, ग्रेफाइट और दुर्लभ मृदा तत्वों से स्वच्छ ऊर्जा, EV और AI सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा।

रायपुर में छत्तीसगढ़ के 5 महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया शुरू हुई। लिथियम, ग्रेफाइट और दुर्लभ मृदा तत्वों की संभावनाओं के बीच सरकार ने स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और AI क्षेत्र में निवेश बढ़ाने पर जोर दिया।

रायपुर: छत्तीसगढ़ में महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया शुरू हो गई है। नवा रायपुर में आयोजित रोड शो में पांच खनिज ब्लॉकों को नीलामी के लिए पेश किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निवेशकों से सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि लिथियम, ग्रेफाइट और दुर्लभ मृदा तत्व जैसे खनिज स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी, रक्षा और AI जैसी तकनीकों के लिए अहम हैं।

छत्तीसगढ़ के 5 महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की नीलामी शुरू

छत्तीसगढ़ महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में अपनी भूमिका मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। भारत सरकार के खान मंत्रालय की ओर से नवा रायपुर में महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी की आठवीं ट्रेंच के लिए रोड शो आयोजित किया गया।

छत्तीसगढ़ में 5 महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की नीलामी शुरू, स्वच्छ ऊर्जा और AI सेक्टर को मिलेगा नया आधार

आठवीं ट्रेंच में देश के सात राज्यों के कुल 20 खनिज ब्लॉक नीलामी के लिए रखे गए हैं। इनमें छत्तीसगढ़ के पांच ब्लॉक शामिल हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निवेशकों से इन ब्लॉकों की नीलामी में भाग लेने की अपील की।

राज्य में अब तक 65 खनिज ब्लॉकों की नीलामी की जा चुकी है। इनसे करीब 4 लाख करोड़ रुपये के संभावित राजस्व की उम्मीद जताई गई है।

लिथियम और दुर्लभ मृदा तत्वों पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि लिथियम, ग्रेफाइट और दुर्लभ मृदा तत्व आधुनिक तकनीकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इन खनिजों का इस्तेमाल बैटरी, ऊर्जा भंडारण, इलेक्ट्रॉनिक्स, ड्रोन, रक्षा उपकरण और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में होता है।

छत्तीसगढ़ के कटघोरा और बस्तर क्षेत्रों में लिथियम और दुर्लभ मृदा तत्वों की संभावनाएं बताई गई हैं। बलरामपुर में ग्रेफाइट, वैनेडियम और गैलियम के भंडार की संभावना है। इसके अलावा राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में निकेल और क्रोमियम समेत अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की भी संभावनाएं मौजूद हैं।

पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 40 एक्सप्लोरेशन प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। इस दौरान 2,800 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में जियोलॉजिकल सर्वे भी पूरा किया गया है।

खनन के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर

राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण खनिजों के विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता देने की बात कही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, सतत खनन पर ध्यान देने के चलते राज्य के वन क्षेत्र में 1.22 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

सरकार का कहना है कि खनिज संसाधनों का उपयोग करते समय पेड़ों, जंगलों और स्थानीय पर्यावरण का ध्यान रखा जा रहा है। निवेशकों को भी सतत और जिम्मेदार खनन के लिए प्रोत्साहित किया गया है।

केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों के मामले में आत्मनिर्भरता भारत की आर्थिक और सामरिक शक्ति के लिए जरूरी है। उन्होंने निवेशकों, युवाओं और स्टार्टअप्स से इस क्षेत्र में मौजूद अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया।

खनिज विकास से निवेश और रोजगार बढ़ाने की तैयारी

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि खनिज ब्लॉकों की नीलामी का लाभ केवल खनन तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसके साथ अन्वेषण, निवेश, प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और रोजगार के अवसर भी बढ़ने चाहिए।

उन्होंने खनन क्षेत्रों में आवास, परिवहन, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया।

रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री साय ने ई-रेत संगवारी पोर्टल और टिन पोर्टल की शुरुआत भी की। ई-रेत संगवारी के जरिए प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को रियायती दर पर रेत उपलब्ध कराने की व्यवस्था को आसान और पारदर्शी बनाने का लक्ष्य है। वहीं, दंतेवाड़ा में टिन से जुड़े आदिवासी परिवारों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और खरीद-बिक्री प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए टिन पोर्टल शुरू किया गया।

देश में 88 महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया शुरू

खान मंत्रालय के सचिव केशव चंद्र के अनुसार, देश में अब तक 88 क्रिटिकल और स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। इनमें से 56 ब्लॉकों की सफलतापूर्वक नीलामी हो चुकी है।

उन्होंने बताया कि भारत के पहले लिथियम युक्त खनिज ब्लॉक की नीलामी छत्तीसगढ़ के कटघोरा लिथियम एवं रेयर अर्थ एलिमेंट ब्लॉक से हुई थी।

नीलामी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निवेशकों के अनुकूल बनाने के लिए समयबद्ध स्वीकृतियां, माइलस्टोन आधारित अनुपालन और यूनिफाइड माइनिंग पोर्टल जैसे सुधार किए गए हैं।

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