Cincinati Open: सिनसिनाटी ओपन में आर्यना सबालेंका ने वांग शिन्यू को 6-1, 6-3 से हराकर चौथे दौर में जगह बनाई। वहीं डेनियल मेदवेदेव तीन मैच प्वाइंट गंवाने के बाद ब्रैंडन नकाशिमा से पांच मैचों के रोमांचक मुकाबले में हार गए। सिनसिनाटी ओपन में दुनिया की नंबर-1 महिला टेनिस खिलाड़ी आर्यना सबालेंका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चौथे दौर में जगह बना ली है। बेलारूस की स्टार खिलाड़ी ने चीन की वांग शिन्यू को सीधे सेटों में 6-1, 6-3 से हराया। सबालेंका ने यह मुकाबला सिर्फ 54 मिनट में अपने नाम किया और पूरे मैच में एक भी ब्रेक प्वाइंट का सामना नहीं किया।
सबालेंका ने शुरुआत से ही मुकाबले पर अपना दबदबा बनाए रखा। उनकी सर्विस बेहद प्रभावी रही और वांग शिन्यू को वापसी का कोई बड़ा मौका नहीं मिला। आठ सर्विस गेम में सबालेंका ने सिर्फ छह अंक गंवाए। इसके साथ ही उन्होंने महज पांच अनफोर्स्ड एरर किए, जबकि 17 विनर्स लगाए।
आत्मविश्वास के साथ खेलीं सबालेंका
मुकाबले के बाद सबालेंका ने अपने प्रदर्शन पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि एक घंटे से भी कम समय में जीत हासिल करना शानदार नतीजा है और वह अगले दौर में पहुंचकर बेहद खुश हैं। उनके मुताबिक इस मैच में उन्होंने खुद पर भरोसा रखा और बिना ज्यादा सोच-विचार किए अपने शॉट्स खेलने पर ध्यान दिया।
सबालेंका के लिए यह जीत आगामी यूएस ओपन से पहले भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वह यूएस ओपन की लगातार दो बार की मौजूदा चैंपियन हैं और इस साल न्यूयॉर्क में लगातार तीसरा खिताब जीतने की कोशिश करेंगी।
यूएस ओपन में इतिहास रचने का मौका
यूएस ओपन का नया संस्करण 30 अगस्त से शुरू होने वाला है। अगर सबालेंका लगातार तीसरी बार महिला सिंगल्स का खिताब जीतने में सफल रहती हैं, तो वह एक खास उपलब्धि हासिल करेंगी। सेरेना विलियम्स के 2014 में लगातार तीन यूएस ओपन खिताब जीतने के बाद से कोई भी महिला खिलाड़ी यह कारनामा नहीं कर सकी है।
इस लिहाज से सिनसिनाटी ओपन में सबालेंका का प्रदर्शन उनके लिए काफी अहम है। टूर्नामेंट में अच्छी लय हासिल करने से उन्हें यूएस ओपन के लिए आत्मविश्वास मिलेगा।
नंबर-1 रैंकिंग पर भी खतरा
सबालेंका के सामने सिर्फ खिताब की चुनौती नहीं है, बल्कि उनकी विश्व नंबर-1 रैंकिंग भी दांव पर लगी है। ऑस्ट्रेलियन ओपन चैंपियन एलेना रिबाकिना उनकी रैंकिंग के लिए चुनौती पेश कर रही हैं।
सिनसिनाटी ओपन में प्रवेश के समय सबालेंका और रिबाकिना के बीच 354 रैंकिंग अंकों का अंतर था। रिबाकिना के पास सबालेंका को पीछे छोड़ने का मौका है, लेकिन इसके लिए उन्हें टूर्नामेंट के फाइनल तक पहुंचना होगा।
अगर सबालेंका क्वार्टर फाइनल में पहुंच जाती हैं, तो रिबाकिना को विश्व नंबर-1 बनने के लिए सिनसिनाटी ओपन का खिताब जीतना जरूरी होगा। इसलिए टूर्नामेंट के अगले दौरों में दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर खास नजर रहेगी।
अगले दौर में चेक गणराज्य की खिलाड़ी से मुकाबला
चौथे दौर में पहुंच चुकी सबालेंका का सामना अब चेक गणराज्य की सारा बेजलेक से होगा। इस मुकाबले में भी सबालेंका को जीत का मजबूत दावेदार माना जा रहा है, लेकिन टूर्नामेंट के इस चरण में किसी भी खिलाड़ी को हल्के में लेना महंगा पड़ सकता है।
सबालेंका की सर्विस और आक्रामक बेसलाइन गेम उनकी सबसे बड़ी ताकत है। वांग शिन्यू के खिलाफ उन्होंने इसी रणनीति का प्रभावी इस्तेमाल किया और पूरे मुकाबले में विपक्षी खिलाड़ी को दबाव में रखा।

मेदवेदेव के हाथ से निकली जीत
पुरुष वर्ग में चौथी वरीयता प्राप्त डेनियल मेदवेदेव को बड़ा झटका लगा। रूसी खिलाड़ी मजबूत स्थिति में होने के बावजूद अमेरिका के ब्रैंडन नकाशिमा से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गए।
मेदवेदेव ने पहले सेट में 5-2 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की और टाईब्रेक में 7-3 से सेट अपने नाम कर लिया। इसके बाद दूसरे सेट में भी वह जीत के बेहद करीब पहुंच गए थे।
तीन मैच प्वाइंट गंवाने के बाद पलटा मैच
दूसरे सेट में मेदवेदेव के पास मैच खत्म करने के तीन मौके आए। वह 5-4 के स्कोर पर नकाशिमा की सर्विस के दौरान तीन मैच प्वाइंट हासिल करने में सफल रहे, लेकिन अमेरिकी खिलाड़ी ने तीनों मौकों को बचा लिया।
नकाशिमा ने इसके बाद टाईब्रेक में 7-4 से दूसरा सेट जीत लिया और मुकाबले को निर्णायक तीसरे सेट तक पहुंचा दिया। तीसरे सेट में मेदवेदेव पूरी तरह दबाव में नजर आए और नकाशिमा ने इसका फायदा उठाते हुए 6-1 से सेट जीतकर मैच अपने नाम कर लिया।
अंतिम स्कोर 6-7(3-7), 7-6(7-4), 6-1 रहा। यह जीत नकाशिमा के लिए बड़ी उपलब्धि रही, क्योंकि उन्होंने दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल मेदवेदेव के खिलाफ मुश्किल स्थिति से मुकाबला पलट दिया।
हार के बाद मेदवेदेव ने खोया आपा
मैच प्वाइंट गंवाने के बाद मेदवेदेव अपना गुस्सा नियंत्रित नहीं कर सके। उन्होंने कोर्ट के पीछे लगे इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड की ओर अपना रैकेट फेंक दिया, जिससे बोर्ड कुछ समय के लिए क्षतिग्रस्त हो गया।
इसके बाद उन्होंने स्क्रीन पर लात भी मारी और कई माइक्रोफोन गिरा दिए। मुकाबले में मेदवेदेव ने कुल 51 अनफोर्स्ड एरर किए, जिसने उनकी हार में बड़ी भूमिका निभाई। वह कई अहम मौकों पर अपनी लय बनाए रखने में नाकाम रहे।
मेदवेदेव के लिए यह हार इसलिए भी निराशाजनक रही क्योंकि उनके पास दूसरे सेट में मैच खत्म करने के स्पष्ट अवसर थे। तीन मैच प्वाइंट गंवाने के बाद मुकाबला पूरी तरह नकाशिमा के पक्ष में चला गया।
नकाशिमा ने दबाव में दिखाया संयम
ब्रैंडन नकाशिमा ने मैच प्वाइंट बचाने के बाद शानदार मानसिक मजबूती दिखाई। उन्होंने दूसरे सेट का टाईब्रेक जीतकर मुकाबले में वापसी की और निर्णायक सेट में मेदवेदेव को कोई मौका नहीं दिया।
जीत के बाद नकाशिमा ने कहा कि मैच प्वाइंट के समय उनका ध्यान हर अंक के लिए लड़ने पर था। उन्होंने तीसरे सेट में अपने प्रदर्शन के स्तर पर भी संतोष जताया।
यह जीत नकाशिमा के लिए सिनसिनाटी ओपन में बड़ी सफलता है। मेदवेदेव जैसे अनुभवी और शीर्ष खिलाड़ी के खिलाफ पिछड़ने के बाद मुकाबला जीतना उनके आत्मविश्वास को और मजबूत कर सकता है।
सिनसिनाटी में रोमांच बढ़ा
सिनसिनाटी ओपन के महिला और पुरुष वर्ग में मुकाबले अब निर्णायक चरण में पहुंच रहे हैं। एक ओर सबालेंका ने बेहद प्रभावशाली जीत के साथ अपने खिताब की तैयारी मजबूत की है, वहीं मेदवेदेव की हार ने पुरुष वर्ग में बड़ा उलटफेर कर दिया है।
सबालेंका की नजर अब क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने पर होगी, जबकि नकाशिमा अपनी शानदार जीत की लय को आगे बढ़ाना चाहेंगे। यूएस ओपन से ठीक पहले होने वाले इस टूर्नामेंट के नतीजे खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और रैंकिंग समीकरणों के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण हैं।










