सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) की पूर्व जनरल सेक्रेटरी उपासना सिंह ने बताया है कि एसोसिएशन के कुल 11 सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है। इनमें 8 चुने हुए सदस्य भी शामिल हैं।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) में अंदरूनी विवाद गहराता नजर आ रहा है। संगठन की पूर्व जनरल सेक्रेटरी उपासना सिंह ने दावा किया है कि संस्था के कुल 11 सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है। इनमें आठ निर्वाचित सदस्य बताए जा रहे हैं। इस्तीफों के बाद संगठन के कामकाज और भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
उपासना सिंह के मुताबिक, इस्तीफा देने वाले सदस्यों ने अपनी-अपनी वजहें भी बताई हैं। उनके आरोपों में संगठन के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया, पदों के कथित दुरुपयोग और सदस्यों के साथ व्यवहार से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पदाधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।
11 सदस्यों के इस्तीफे से क्यों बढ़ा विवाद?
उपासना सिंह ने बताया कि इस्तीफा देने वाले सदस्यों ने अपने त्यागपत्र उनके पास जमा किए। उनके अनुसार, कई सदस्यों ने संगठन के कामकाज को लेकर गंभीर असंतोष जताया। उनका दावा है कि कुछ सदस्यों को लगता था कि संस्था में उनकी बातों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है। इस्तीफों के पीछे कथित तौर पर निर्णय प्रक्रिया और संगठनात्मक व्यवस्था को लेकर मतभेद प्रमुख कारण रहे।
उपासना सिंह ने कहा कि जब कोई सदस्य संस्था से इस्तीफा देता है तो उसके पीछे अक्सर लंबे समय से चली आ रही नाराजगी हो सकती है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इससे पहले भी कुछ सदस्यों ने इस्तीफा देने की कोशिश की थी, लेकिन उस समय उनके इस्तीफे स्वीकार नहीं किए गए थे।
पद्मिनी कोल्हापुरे और पूनम ढिल्लों पर क्या आरोप?

उपासना सिंह ने पद्मिनी कोल्हापुरे और पूनम ढिल्लों के कामकाज को लेकर भी आरोप लगाए हैं। उनके मुताबिक, दोनों पर संगठन में मनमाने तरीके से फैसले लेने और सदस्यों की बातों को पर्याप्त महत्व नहीं देने के आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि कुछ कलाकारों को बिना पर्याप्त कारण शो-कॉज नोटिस भेजे गए। कलाकारों की भूमिकाओं में बदलाव और कुछ मामलों में सदस्यता रद्द किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
उपासना सिंह का कहना है कि इस तरह की कथित घटनाओं से कुछ सदस्य मानसिक दबाव और परेशानी महसूस कर रहे थे। हालांकि, ये सभी आरोप फिलहाल उपासना सिंह की ओर से लगाए गए हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पदाधिकारियों की प्रतिक्रिया सामने आने पर विवाद की पूरी तस्वीर अधिक स्पष्ट हो सकती है।
CINTAA के नियमों में क्या है प्रावधान?
CINTAA के संगठनात्मक नियमों को लेकर भी इस पूरे विवाद में चर्चा तेज हो गई है। उपासना सिंह के मुताबिक, अगर समिति के आधे या उससे अधिक सदस्य इस्तीफा दे देते हैं, तो मौजूदा कमेटी के भंग होने की स्थिति बन सकती है। ऐसी परिस्थिति में संगठन के लिए दोबारा चुनाव कराना आवश्यक हो सकता है। 11 सदस्यों के इस्तीफे के दावे के बाद अब संगठनात्मक ढांचे को लेकर यही सबसे बड़ा सवाल बन गया है कि क्या मौजूदा समिति अपने स्तर पर काम जारी रख पाएगी या नए चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। इस मामले में अंतिम स्थिति CINTAA के आधिकारिक नियमों और संस्था के सक्षम प्राधिकरण के फैसले पर निर्भर करेगी।
उपासना सिंह ने की चुनाव की निगरानी की मांग
इस्तीफों के बीच उपासना सिंह ने आगामी चुनाव प्रक्रिया को लेकर एक अहम मांग रखी है। उनका कहना है कि यदि दोबारा चुनाव होते हैं तो पूरी प्रक्रिया की रजिस्ट्रार के जरिए निगरानी होनी चाहिए। उनका तर्क है कि बाहरी निगरानी से चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरी की जा सकती है। इससे संगठन के सदस्यों के बीच भरोसा बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।
11 सदस्यों के इस्तीफे के दावे ने CINTAA के प्रशासनिक ढांचे के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। संगठन के लिए सबसे बड़ी चुनौती आंतरिक मतभेदों को दूर करना और सदस्यों के बीच विश्वास बहाल करना होगी।











