Closing Bell: शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 504 अंक टूटा, निफ्टी 25,642 पर बंद

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को सेंसेक्स 503 अंक और निफ्टी 133 अंक गिरा। ऑटो, मेटल और डिफेंस सेक्टर में बिकवाली, FIIs की बेचैनी का असर, वैश्विक बाजार भी दबाव

गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों गिरावट के साथ बंद हुए। ऑटो, मेटल और डिफेंस सेक्टर में बिकवाली रही, वहीं FIIs की नकारात्मक प्रवृत्ति और वैश्विक बाजारों का दबाव भी दिखा।

Closing Bell: गुरुवार, 5 फरवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट का रुख रहा। शुरुआत में बाजार सपाट था, लेकिन जैसे-जैसे कारोबारी सत्र आगे बढ़ा, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट गहराती गई। ऑटो, मेटल और डिफेंस सेक्टर के शेयरों में बिकवाली का दबाव प्रमुख वजह रहा। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली ने भी बाजार के सेंटीमेंट पर नेगेटिव असर डाला।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 83,757 पर खुला और कारोबार के दौरान 83,784 के हाई और 83,151 के लो तक गया। अंत में यह 503.76 अंक या 0.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83,313.93 पर बंद हुआ। इसी तरह, निफ्टी-50 25,755.90 पर ओपन हुआ और अंत में 133.20 अंक या 0.52 प्रतिशत गिरकर 25,642.80 पर बंद हुआ।

ऑटो और मेटल सेक्टर में बिकवाली का दबाव

ऑटो और मेटल सेक्टर में भारी बिकवाली का असर दोनों बेंचमार्क इंडेक्स पर साफ देखा गया। निवेशक इस समय अपने पोर्टफोलियो में जोखिम कम करने की रणनीति अपना रहे हैं। डिफेंस सेक्टर के शेयरों में भी गिरावट ने बाजार की लाल रेखा को और गहरा किया। विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार की अस्थिरता के कारण निवेशक स्टॉक्स में तेजी से एंट्री लेने से बच रहे हैं।

वैश्विक बाजारों का असर

गुरुवार को एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार में गिरावट देखी गई। दक्षिण कोरिया का KOSPI 2.35 प्रतिशत गिरा और जापान का Nikkei 225 इंडेक्स 0.49 प्रतिशत नीचे आया। अमेरिकी बाजारों के पिछले सत्र के रुख का असर एशियाई बाजारों पर दिखा। वहीं, वॉल स्ट्रीट के टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली जारी रही। एसएंडपी 500 0.51 प्रतिशत और नैस्डैक 100 1.8 प्रतिशत गिरकर बंद हुए। नैस्डैक ने अक्टूबर के बाद की सबसे बड़ी दो-दिवसीय गिरावट दर्ज की और अपने 100-दिन के मूविंग एवरेज से नीचे चला गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि महंगे टेक शेयरों और बढ़ते वैल्यूएशन ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। इसी कारण भारत के निफ्टी आईटी इंडेक्स पर भी नजर बनी हुई है, जिसने पिछले सत्र में छह साल से ज्यादा समय की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की थी।

निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण स्तर

कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च श्रिकांत चौहान ने कहा कि निफ्टी के लिए 25,800 और 50-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस जोन के रूप में काम करेगा। अगर बाजार इन स्तरों के ऊपर टिकने में सफल रहता है, तो निफ्टी 25,900 से 26,000 तक जा सकता है। वहीं, 25,600 के स्तर से नीचे फिसलने पर इंडेक्स 25,500 से 25,350 तक गिर सकता है। मौजूदा स्थिति किसी एक दिशा में नहीं है, इसलिए डे ट्रेडर्स के लिए स्तर-आधारित ट्रेडिंग सबसे बेहतर रणनीति रहेगी।

चांदी के वायदा भाव में गिरावट

चांदी के वायदा भाव ने गुरुवार को गिरावट जारी रखी। MCX पर चांदी का मार्च कॉन्ट्रैक्ट 2,58,096 रुपये पर खुला, जो पिछले बंद भाव 2,68,850 रुपये से 10,754 रुपये कम था। कारोबारी सत्र के दौरान चांदी ने 2,52,719 रुपये के निचले स्तर तक गिरावट दर्ज की। इस साल चांदी के वायदा भाव ने 4,20,048 रुपये प्रति किलो का सर्वोच्च स्तर छुआ था।

विशेषज्ञों का कहना है कि इंडस्ट्रियल डिमांड, करेंसी में उतार-चढ़ाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं चांदी और सोने के भाव पर असर डाल रही हैं। निवेशकों के लिए यह समय सतर्क निवेश का है, खासकर वायदा बाजार में।

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