भारत अंडर-19 विश्व कप 2026 के फाइनल में पहुंच गया है। सेमीफाइनल मुकाबले में टीम ने अफगानिस्तान को हराया। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया।
स्पोर्ट्स न्यूज़: अंडर-19 विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में भारत ने अफगानिस्तान को हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। इस मुकाबले में भारत के सलामी बल्लेबाज आरोन जॉर्ज ने अपनी बल्लेबाजी का जलवा दिखाया। जॉर्ज ने 104 गेंदों में 115 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई। उनकी पारी में 15 चौके और 2 छक्के शामिल थे।
इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने 33 गेंदों में 68 रन और कप्तान आयुष म्हात्रे ने 59 गेंदों में 62 रन बनाए। लेकिन टीम की जीत की असली चाबी आरोन जॉर्ज की शतकीय पारी रही। उन्होंने टीम को 41.1 ओवर में तीन विकेट खोकर 311 रन का विशाल लक्ष्य हासिल कर फाइनल तक पहुंचाया।
आरंभिक जीवन: केरल से हैदराबाद तक
आरोन जॉर्ज का जन्म केरल में हुआ, लेकिन वे हैदराबाद में पले-बढ़े और वहीं के लिए घरेलू क्रिकेट खेलते हैं। उनके क्रिकेट करियर की शुरुआत बचपन से ही हुई। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, चौथे जन्मदिन पर उन्हें प्लास्टिक का बैट गिफ्ट किया गया। बच्चों की तरह खेलने के बजाय उन्होंने उस बैट से सही तकनीक में अभ्यास करना शुरू किया। घर के ड्राइंग रूम में ही उनकी क्रिकेट यात्रा शुरू हुई, जो अब उन्हें अंडर-19 विश्व कप के फाइनल तक ले आई।
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क्रिकेट करियर की शुरुआत
आरोन ने 2022-23 विजय मर्चेंट ट्रॉफी में अपनी टीम की कप्तानी की। बिहार के खिलाफ उन्होंने 303 रन की शानदार पारी खेली। इसके अलावा, वीनू मांकड ट्रॉफी के पिछले दो सीजन में जॉर्ज ने क्रमशः 341 और 373 रन बनाए। उनका प्रदर्शन हमेशा से ही टीम इंडिया की युवा टीम के लिए भरोसेमंद रहा है। आरोन के पिता, ईसो वर्गीज़, का बेटे के क्रिकेट करियर में बड़ा योगदान है। खुद क्रिकेटर बनने का सपना अधूरा रह गया था, लेकिन उन्होंने अपने बेटे की प्रतिभा को निखारने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
पहले पुलिस में काम करने के बाद उन्होंने कॉर्पोरेट सेक्टर में नौकरी करके पूरा ध्यान आरोन के क्रिकेट करियर पर दिया। ईसो वर्गीज़ का समर्थन ही था जो आज आरोन को अंडर-19 विश्व कप फाइनल में चमकने का मौका दिला सका। आरोन जॉर्ज एक आक्रामक सलामी बल्लेबाज हैं, जो छोटी गेंद पर तेजी से रन बनाने में सक्षम हैं।
उनकी पारी में संयम और शॉट चयन का संतुलन देखने को मिलता है। 115 रनों की पारी में उनका आक्रामक अंदाज टीम को शुरुआती ओवरों में दबाव बनाने में मदद करता है। उनका खेल फील्डिंग में भी दमदार है और विकेट के पीछे की तकनीक शानदार है।









