29 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार लगातार तीसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 79,809.65 और निफ्टी 24,426.85 पर बंद हुए। अमेरिकी टैरिफ और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते रिलायंस, एचडीएफसी बैंक, महिंद्रा जैसे बड़े शेयर कमजोर रहे, जबकि आईटीसी, एशियन पेंट्स और श्रीराम फाइनेंस में बढ़त देखी गई।
Stock Market Today: 29 अगस्त, शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव भरा सत्र देखने को मिला। अमेरिकी टैरिफ के ऐलान और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते सेंसेक्स 270.92 अंक गिरकर 79,809.65 और निफ्टी 74.05 अंक गिरकर 24,426.85 पर बंद हुए। रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक के शेयर कमजोर रहे, जबकि आईटीसी, एशियन पेंट्स और श्रीराम फाइनेंस में लाभ दर्ज किया गया। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी मामूली गिरावट रही।
सेंसेक्स और निफ्टी में हल्की गिरावट
29 अगस्त को सेंसेक्स 270.92 अंक या 0.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 79,809.65 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 74.05 अंक या 0.30 प्रतिशत गिरकर 24,426.85 पर बंद हुआ। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी क्रमशः 0.4 और 0.3 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। ट्रेडिंग सत्र में बाजार उतार-चढ़ाव भरा रहा और निवेशक किसी मजबूत दिशा का संकेत खोजते रहे।
सेक्टर्स में मिला-जुला असर
सेक्टोरल मोर्चे पर इस दिन मेटल, आईटी, रियल्टी और ऑटो सेक्टर में 0.5 से 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, कंजूमर गुड्स, मीडिया और FMCG सेक्टर में हल्की बढ़त देखने को मिली, जो 0.2 से 1 प्रतिशत तक रही। यह संकेत देता है कि बाजार में निवेशक बड़े उद्योगों में सतर्क हैं जबकि रोजमर्रा की खपत वाली कंपनियों में थोड़ी स्थिरता बनी हुई है।
सबसे अधिक बढ़त और गिरावट वाले शेयर
निफ्टी पर एआरसी इंसुलेशन एंड इंसुलेटर लिमिटेड, श्रीराम फाइनेंस, आईटीसी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, ट्रेंट और एशियन पेंट्स के शेयर सबसे ज्यादा लाभ में रहे। वहीं महिंद्रा एंड महिंद्रा, इंफोसिस, अपोलो हॉस्पिटल्स, अदानी एंटरप्राइजेज और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर सबसे ज्यादा टूटे।
सेंसेक्स पैक में रिलैक्सो फुटवियर्स लिमिटेड, दावणगेरे शुगर कंपनी लिमिटेड, ग्रैन्यूल्स इंडिया लिमिटेड और सम्मान कैपिटल लिमिटेड के शेयरों में अच्छा कारोबार देखने को मिला। इसके विपरीत वर्धमान टेक्सटाइल्स लिमिटेड, जेम एरोमैटिक्स लिमिटेड, विक्रम सोलर लिमिटेड, स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड और आईडीबीआई बैंक लिमिटेड के शेयर सबसे ज्यादा नुकसान में रहे।
अमेरिकी टैरिफ से शेयर बाजार में गिरावट
बाजार में गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी टैरिफ का ऐलान है। 27 अगस्त से लागू हुए 50 प्रतिशत तक के टैरिफ ने निवेशकों की भावनाओं को प्रभावित किया। इससे निवेशक सतर्क हो गए और शेयरों में बिकवाली बढ़ गई। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी बाजार में दबाव बढ़ा रही है। अगस्त 2025 में विदेशी निवेशकों (FII) द्वारा 3.3 अरब डॉलर की निकासी हुई है, जो फरवरी के बाद का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
प्रमुख कंपनियों पर असर
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर AGM के दिन 2 प्रतिशत से अधिक टूटे। एचडीएफसी बैंक के शेयर भी कमजोर कारोबार के कारण नीचे आए। बड़े उद्योग और बैंकिंग सेक्टर में गिरावट का असर पूरे बाजार पर पड़ा। अमेरिकी टैरिफ और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने निवेशकों का मूड प्रभावित किया और खरीदारी की ललक को धीमा कर दिया।