रिलायंस इंडस्ट्रीज ने FY-25 में $125 अरब की सालाना कमाई के साथ इतिहास रच दिया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट $9.5 अरब, एक्सपोर्ट $33.2 अरब और राष्ट्रीय खजाने में योगदान $24.6 अरब रहा। CSR खर्च $252 मिलियन और कर्मचारियों की संख्या 6.8 लाख तक पहुंच गई है।
Reliance AGM 2025: रिलायंस इंडस्ट्रीज की 48वीं AGM में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने FY-25 का प्रदर्शन साझा किया। कंपनी ने $125.3 अरब की सालाना कमाई की, $21.5 अरब EBITDA और $9.5 अरब नेट प्रॉफिट दर्ज किया। एक्सपोर्ट $33.2 अरब, राष्ट्रीय खजाने में योगदान $24.6 अरब और CSR खर्च $252 मिलियन रहा। रिलायंस ने देश में 6.8 लाख कर्मचारियों को रोजगार दिया और भविष्य में इसे बढ़ाकर 10 लाख करने की योजना है।
कमाई और प्रॉफिट का आंकड़ा
FY-25 में रिलायंस का EBITDA ₹1,83,422 करोड़ ($21.5 अरब) रहा। वहीं नेट प्रॉफिट ₹81,309 करोड़ ($9.5 अरब) रहा। यह प्रदर्शन कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति और व्यवसायिक रणनीति को दर्शाता है।
मुकेश अंबानी ने बताया कि रिलायंस के एक्सपोर्ट ₹2,83,719 करोड़ ($33.2 अरब) रहे, जो भारत के कुल वस्तु एक्सपोर्ट का लगभग 7.6 प्रतिशत है। यह आंकड़ा यह साबित करता है कि रिलायंस ने देश की अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक पहचान में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
निवेश और विस्तार
पिछले तीन सालों में रिलायंस ने कुल ₹5.6 लाख करोड़ ($65.5 अरब) का निवेश किया है। इस निवेश का मुख्य उद्देश्य देश में नए उद्योग खड़े करना, रोजगार पैदा करना और तकनीकी विकास को बढ़ावा देना रहा है। कंपनी के इस निवेश ने देश की अर्थव्यवस्था में स्थिरता और विकास को बढ़ावा दिया है।
राष्ट्रीय खजाने में योगदान
FY-25 में रिलायंस ने ₹2,10,269 करोड़ ($24.6 अरब) का योगदान देकर देश के राष्ट्रीय खजाने में सबसे बड़ा योगदान देने का गौरव हासिल किया। पिछले छह सालों में रिलायंस ने कुल ₹10 लाख करोड़ ($117 अरब) से अधिक का योगदान किया है। यह आंकड़ा देश में टैक्सपेयर के तौर पर कंपनी की अहमियत को दर्शाता है।
रिलायंस ने CSR और रोजगार में बढ़ोतरी की
रिलायंस ने अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) में भी महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की है। FY-25 में कंपनी का CSR व्यय ₹2,156 करोड़ ($252 मिलियन) तक पहुंचा। पिछले तीन सालों में कुल CSR व्यय ₹5,000 करोड़ ($585 मिलियन) से अधिक हो चुका है।
रिलायंस ने देश के युवाओं को रोजगार देने को प्राथमिकता दी है। वर्तमान में कंपनी के पारंपरिक और गैर-पारंपरिक कर्मचारियों की संख्या लगभग 6.8 लाख है। आने वाले वर्षों में यह संख्या 10 लाख से अधिक होने की संभावना है।
विकास और समाज सेवा पर फोकस
मुकेश अंबानी ने AGM में कहा कि रिलायंस देश के आर्थिक विकास में लगातार अहम योगदान देगी। कंपनी का उद्देश्य भविष्य में भी अपने रिकॉर्ड को लगातार तोड़ते रहना और नए मानक स्थापित करना है। रिलायंस की मजबूत व्यावसायिक नींव और दीर्घकालिक योजनाएं इसे भारत की सबसे भरोसेमंद और प्रभावशाली कंपनियों में शुमार करती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि रिलायंस की वित्तीय और सामाजिक जिम्मेदारी केवल कारोबार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका लक्ष्य देश के युवाओं के लिए अवसर पैदा करना और समाज में सकारात्मक बदलाव लाना भी है।