भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को चार दिन की गिरावट के बाद मजबूत बढ़त में बंद हुआ। सेंसेक्स 899 अंक उछला, जबकि निफ्टी 285 अंक बढ़ा। रिलायंस, एलएंडटी और HDFC बैंक ने सबसे ज्यादा योगदान दिया।
Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार गुरुवार, 5 मार्च 2026 को चार दिन की लगातार गिरावट के बाद मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए। एशियाई बाजारों में आई तेजी और अमेरिका-ईरान तनाव कम होने की उम्मीद ने बाजार को प्रमुख रूप से सपोर्ट दिया। इस दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज, एलएंडटी और एचडीएफसी बैंक ने सेंसेक्स में सबसे ज्यादा योगदान दिया। हालांकि, निवेशक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के चलते सतर्क बने रहे।
बाजार के सेंटीमेंट्स पर अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति के संकेत भी सकारात्मक असर डाल रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि अगर अमेरिका कोई संतोषजनक वैकल्पिक प्रस्ताव पेश करता है, तो देश अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने पर विचार कर सकता है।
सेंसेक्स और निफ्टी का समापन
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) शुरुआती कारोबार में सीमित बढ़त के बाद अंतिम घंटे में तेजी के साथ 899.71 अंक या 1.14 प्रतिशत की बढ़त लेकर 80,015.90 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी शुरुआती कारोबार में स्थिर रहने के बाद अंत में 285.40 अंक या 1.17 फीसदी की बढ़त लेकर 24,765 पर बंद हुआ।
निवेशकों की प्रतिक्रिया
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि वैश्विक संकेतों के साथ घरेलू शेयर बाजार ने सकारात्मक प्रदर्शन किया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने लार्जकैप की तुलना में बेहतर प्रदर्शन दिखाया। अमेरिका के उप विदेश मंत्री की टिप्पणी ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता जल्द पूरा होने के करीब है।
हालिया गिरावट के बाद मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रियल्टी और ऑटो सेक्टर में निवेशकों ने वैल्यू बायिंग की। वहीं, रुपये की मजबूती ने आईटी शेयरों में गिरावट को जारी रखा। कारोबार के अंतिम घंटे में जब खबर आई कि ईरान ने कुछ शर्तों के साथ अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने का प्रस्ताव रखा है, तो बाजार में तेजी और बढ़ गई।
टॉप गेनर्स और लूजर्स
सेंसेक्स में सबसे ज्यादा बढ़त करने वाले शेयरों में अदाणी पोर्ट्स, एलएंडटी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एनटीपीसी, इंडिगो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, पावर ग्रिड, टाटा स्टील, मारुति और बजाज फाइनेंस शामिल रहे।
वहीं, गिरावट में रहने वाले प्रमुख शेयरों में टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, एचसीएल टेक, टीसीएस और हिंदुस्तान यूनिलीवर रहे।
ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन भी बेहतर रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.52 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 1.58 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुए।
सेक्टोरियल प्रदर्शन
निफ्टी मेटल इंडेक्स सबसे ज्यादा बढ़त के साथ 2.3 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। इसके अलावा निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी कंस्ट्रक्शन ड्यूरेबल्स भी बेहतर प्रदर्शन करने वाले सेक्टर रहे।
वैश्विक बाजारों की स्थिति
गुरुवार सुबह एशियाई बाजारों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। अमेरिकी बाजारों में मजबूती का असर एशियाई बाजारों पर साफ दिखाई दिया और निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।
दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 12 प्रतिशत से ज्यादा उछल गया, जिससे पिछले सत्र की गिरावट की भरपाई हो गई। जापान का निक्केई 225 भी 4 प्रतिशत से अधिक चढ़ा, जो क्षेत्रीय बाजारों में बढ़ते उत्साह का संकेत देता है।
बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली। एसएंडपी 500 सूचकांक 0.78 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.49 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
टेक्नोलॉजी कंपनियों के बड़े शेयरों में तेजी और अमेरिका के सेवा क्षेत्र से जुड़े मजबूत आर्थिक आंकड़ों ने वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बनाया। नैस्डैक कंपोजिट 1.29 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़त देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड लगातार पांचवें दिन बढ़त में रहा, क्योंकि सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर हमला करने की चेतावनी दी है, जो दुनिया में तेल आपूर्ति का प्रमुख मार्ग है।
इस वजह से कई रिफाइनरियां चिंतित हैं और बाजार में सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड 0.57 प्रतिशत बढ़कर 82.98 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।











