कमजोर वैश्विक संकेतों और बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी 1.55 प्रतिशत गिरकर 24,480 पर बंद हुआ, जबकि मेटल और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी गई।
Stock Market: कमजोर वैश्विक संकेतों और बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिली। बाजार की शुरुआत ही कमजोरी के साथ हुई और पूरे कारोबारी सत्र में निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल बना रहा। दिन भर बाजार सीमित दायरे में ही कारोबार करता रहा और बीच-बीच में हल्की रिकवरी की कोशिश जरूर दिखी, लेकिन अंत तक दबाव बना रहा।
Nifty 50 अंततः करीब 1.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,480.50 के स्तर पर बंद हुआ। पिछले कुछ सत्रों से जारी गिरावट की कड़ी इस दिन भी जारी रही। बाजार में बढ़ती अस्थिरता और कमजोर वैश्विक संकेतों ने निवेशकों के भरोसे को प्रभावित किया है, जिससे ट्रेडिंग के दौरान सतर्कता साफ दिखाई दी।
मेटल और रियल्टी सेक्टर में तेज बिकवाली
बुधवार के कारोबार में ज्यादातर सेक्टर दबाव में दिखाई दिए। खासतौर पर मेटल, रियल्टी और एनर्जी सेक्टर के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। इन सेक्टरों में निवेशकों की बिकवाली के कारण बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना रहा।
हालांकि आईटी सेक्टर ने बाकी सेक्टरों के मुकाबले थोड़ा बेहतर प्रदर्शन किया। कुछ आईटी कंपनियों के शेयरों में हल्की मजबूती देखने को मिली, जिससे बाजार को सीमित समर्थन मिला।
व्यापक बाजार में भी कमजोरी ज्यादा साफ नजर आई। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 2 प्रतिशत से अधिक गिर गए। इससे यह संकेत मिला कि सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं बल्कि छोटे और मध्यम आकार की कंपनियों के शेयरों में भी निवेशकों ने मुनाफावसूली की।
निवेशकों की चिंता क्यों बढ़ी
बाजार की कमजोरी के पीछे कई कारण एक साथ काम कर रहे हैं। सबसे बड़ा कारण वैश्विक बाजारों से मिल रहे नकारात्मक संकेत हैं। इसके अलावा कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव ने भी बाजार की धारणा को कमजोर किया है।
इसी के साथ विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की लगातार बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया है। रुपये में उतार-चढ़ाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता ने निवेशकों को ज्यादा सतर्क बना दिया है।
इन सभी कारणों का असर बाजार के सेंटीमेंट पर साफ दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि कई निवेशक फिलहाल नई बड़ी पोजिशन लेने से बच रहे हैं और बाजार की दिशा साफ होने का इंतजार कर रहे हैं।
निफ्टी के लिए आगे क्या संकेत
रेलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट Ajit Mishra का कहना है कि निफ्टी के लिए 24,600 का अहम सपोर्ट स्तर टूटना बाजार के लिए चिंता का संकेत है। यह स्तर तकनीकी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा था और इसके टूटने से बाजार की कमजोरी और स्पष्ट हो गई है।
उनके अनुसार इस सप्ताह India VIX में 50 प्रतिशत से अधिक का उछाल आया है। यह बाजार में बढ़ती घबराहट और अस्थिरता का संकेत देता है।
अजीत मिश्रा के मुताबिक अब निफ्टी के लिए अगला बड़ा सपोर्ट करीब 24,050 के आसपास नजर आता है। यह स्तर 100 वीकली एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज के पास है, इसलिए तकनीकी रूप से इसे मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।
अगर बाजार में रिकवरी आती है तो 24,600 से 24,800 का दायरा मजबूत रेजिस्टेंस बन सकता है। ऐसे में इस स्तर के ऊपर टिके बिना बाजार में बड़ी तेजी की उम्मीद करना मुश्किल माना जा रहा है।
निवेशकों को क्या रणनीति अपनानी चाहिए
अजीत मिश्रा का मानना है कि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव काफी ज्यादा है और वैश्विक संकेत भी कमजोर बने हुए हैं। ऐसे माहौल में निवेशकों को सावधानी के साथ ट्रेड करना चाहिए।
उन्होंने सलाह दी कि निवेशकों को फिलहाल छोटी पोजिशन रखनी चाहिए और अनुशासित तरीके से ट्रेडिंग करनी चाहिए। बाजार में जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचना बेहतर रहेगा।
जब तक बाजार में स्थिरता नहीं आती, तब तक जोखिम को नियंत्रित रखना निवेशकों के लिए जरूरी है।
इन शेयरों में मिल सकता है कमाई का मौका
बाजार में कमजोरी के बावजूद कुछ शेयर ऐसे हैं जिनमें तकनीकी रूप से मजबूती के संकेत दिखाई दे रहे हैं। अजीत मिश्रा ने ऐसे दो शेयरों पर नजर रखने की सलाह दी है जिनमें आगे तेजी की संभावना बन सकती है।
Coal India में मजबूती के संकेत
Coal India का मौजूदा भाव लगभग 435.15 रुपये है और इसमें खरीदारी की सलाह दी गई है। इस शेयर के लिए 465 रुपये का टारगेट दिया गया है जबकि 418 रुपये का स्टॉप लॉस रखने की सलाह है।
विश्लेषकों के अनुसार कोल इंडिया का शेयर हाल के कंसोलिडेशन ब्रेकआउट के बाद मजबूत आधार बनाने में सफल रहा है। यह अपने प्रमुख साप्ताहिक मूविंग एवरेज के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा है।
शेयर में अच्छे वॉल्यूम के साथ बनी तेजी की कैंडल यह संकेत दे रही है कि बाजार में नई खरीदारी आ सकती है। मौजूदा गिरावट वाले बाजार में भी यह शेयर अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन दिखा रहा है, इसलिए इसमें निवेशक खरीदारी पर विचार कर सकते हैं।
Lupin में तेजी का मजबूत ट्रेंड
Lupin का मौजूदा भाव लगभग 2,304.90 रुपये है। इस शेयर में भी खरीदारी की सलाह दी गई है। इसके लिए 2,460 रुपये का टारगेट और 2,215 रुपये का स्टॉप लॉस सुझाया गया है।
विश्लेषकों के अनुसार लूपिन के शेयर में लगातार ऊंचे उच्च स्तर और ऊंचे निचले स्तर बन रहे हैं, जो मजबूत तेजी का संकेत देते हैं। लंबे समय की कंसोलिडेशन के बाद इसमें स्पष्ट ब्रेकआउट देखने को मिला है।
इसके अलावा यह शेयर अपने प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर कारोबार कर रहा है, जो मजबूत सपोर्ट का काम कर रहे हैं। यही कारण है कि तकनीकी विश्लेषण के आधार पर इसमें तेजी की संभावना दिखाई दे रही है।
Hindustan Unilever में गिरावट का दबाव
जहां कुछ शेयरों में तेजी की संभावना दिखाई दे रही है, वहीं कुछ शेयरों में कमजोरी के संकेत भी बने हुए हैं।
Hindustan Unilever का मौजूदा भाव लगभग 2,270.20 रुपये है और इसमें फ्यूचर्स में बिकवाली की रणनीति अपनाने की सलाह दी गई है। इसके लिए 2,120 रुपये का टारगेट और 2,340 रुपये का स्टॉप लॉस सुझाया गया है।
विश्लेषकों के अनुसार एफएमसीजी सेक्टर में इस समय मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है, लेकिन हिंदुस्तान यूनिलीवर का शेयर हाल के महीनों में अपेक्षाकृत कमजोर रहा है।
हालिया उछाल 200 ईएमए के पास रुक गया है, जिससे गिरावट का रुझान और मजबूत हुआ है। इसके अलावा शेयर अपने ट्रेडिंग रेंज से नीचे फिसल चुका है और बेयरिश फ्लैग पैटर्न बना रहा है, जो आगे और गिरावट की संभावना की ओर इशारा करता है।











