गिरावट के बाद रिलायंस शेयर में रिकवरी, मजबूत फंडामेंटल्स और O2C कारोबार भविष्य में रिटर्न का संकेत

गिरावट के बाद रिलायंस शेयर में रिकवरी, मजबूत फंडामेंटल्स और O2C कारोबार भविष्य में रिटर्न का संकेत

रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर चार दिन की गिरावट के बाद गुरुवार को बढ़त में खुला। JM Financial ने ‘BUY’ रेटिंग बरकरार रखी और ₹1,730 टारगेट प्राइस दिया। डीजल, पेट्रोकेमिकल्स और मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन शेयर के लिए सकारात्मक संकेत हैं।

Reliance Share Price: रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries Limited) के शेयर बाजार में लगातार चल रही गिरावट के बाद गुरुवार को मजबूती के संकेत देने लगे हैं। एशियाई बाजारों में तेजी के बीच भारतीय शेयर बाजार चार दिन की गिरावट के बाद बढ़त में खुले। ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बावजूद हैवीवेट शेयरों में रिकवरी ने बाजार को समर्थन दिया।

विशेषज्ञों का कहना है कि रिलायंस के शेयर में हाल में आई गिरावट ओवरडन यानी जरूरत से ज्यादा रही है। इसी कारण ब्रोकरेज हाउस ने शेयर पर मजबूत आउटलुक और उच्च टारगेट प्राइस दिया है। निवेशकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

JM Financial का मजबूत आउटलुक

ब्रोकरेज हॉउस जेएम फाइनेंशियल ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर पर ‘BUY’ रेटिंग बरकरार रखी है। उन्होंने स्टॉक के लिए 1,730 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है, जो वर्तमान भाव 1,345 रुपये के मुकाबले करीब 29 प्रतिशत का अपसाइड रिटर्न दे सकता है।

जेएम फाइनेंशियल का मानना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण बाजार ने रिलायंस के शेयर को जरूरत से ज्यादा सजा दी है। इस हफ्ते शेयर में करीब 4 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि पिछले एक महीने में यह लगभग 8 प्रतिशत नीचे आया है। ब्रोकरेज के अनुसार, कंपनी पर कच्चे तेल और एलएनजी की कीमत बढ़ने का कोई बड़ा स्ट्रक्चरल खतरा नहीं है।

डीजल और पेट्रोकेमिकल कारोबार से फायदा

ब्रोकरेज ने कहा है कि कच्चे तेल की सप्लाई में रुकावट के खतरे के बीच डीजल के मार्जिन बढ़ सकते हैं। इसका असर कंपनी की नजदीकी अवधि में कमाई पर पॉजिटिव होगा। इसके अलावा पेट्रोकेमिकल कारोबार के मार्जिन में सुधार होने की संभावना भी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) कारोबार को नुकसान नहीं पहुंचाएगा। उल्टे, हाल के महीनों में आए दबाव और कमजोरी के बावजूद निकट भविष्य में कंपनी की कमाई में बढ़त देखने को मिल सकती है।

विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली

हाल में शेयर में कमजोरी का एक कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली भी रही है। दिसंबर 2025 तक रिलायंस में FII की हिस्सेदारी 21.1 प्रतिशत थी, जबकि मार्च 2021 में यह 28.3 प्रतिशत के उच्च स्तर पर थी।

ब्रोकरेज के अनुसार, विदेशी निवेशकों की बिकवाली से शेयर की कीमत उनके बेयर केस वैल्यूएशन के करीब यानी 1,275 रुपये प्रति शेयर तक गिर गई। हालांकि यह गिरावट कंपनी की मूल कमाई और मार्केट पोजिशन को प्रभावित नहीं करती।

बाजार में गुरुवार को बढ़त

रिलायंस के शेयर गुरुवार को बाजार में पॉजिटिव माहौल के बीच बढ़त के साथ खुले। बीएसई पर सुबह 10 बजे शेयर 37.75 अंक या 2.81 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,383.30 रुपये पर कारोबार कर रहे थे।

विश्लेषकों के अनुसार, मौजूदा माहौल में निवेशक इस मजबूत स्टॉक में खरीदारी के अवसर तलाश सकते हैं। तकनीकी विश्लेषण और मौजूदा वॉल्यूम के आधार पर शेयर में आगे तेजी की संभावना बनी हुई है।

क्यों है यह समय निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण

ब्रोकरेज का मानना है कि रिलायंस के शेयर में हालिया कमजोरी ओवरडन थी। मिडिल ईस्ट के तनाव और वैश्विक बाजार की अस्थिरता ने शेयर को अस्थायी रूप से नीचे खींचा।

हालांकि, कंपनी के फंडामेंटल्स मजबूत हैं। मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन, पेट्रोकेमिकल्स में सुधार और O2C कारोबार की स्थिरता निवेशकों को भविष्य में अच्छा रिटर्न देने की संभावना बनाती है।

इसलिए विशेषज्ञों का मानना है कि यह समय शेयर में एंट्री के लिए उपयुक्त हो सकता है, खासकर लंबी अवधि के निवेशकों के लिए।

निवेशकों के लिए सलाह

विशेषज्ञों की सलाह है कि मौजूदा बाजार में निवेशक सतर्कता बरतें। निवेश करते समय स्टॉप लॉस और टारगेट प्राइस का ध्यान रखें।

  • मौजूदा भाव: ₹1,345
  • टारगेट प्राइस: ₹1,730
  • अनुमानित अपसाइड: 29 प्रतिशत

इसके साथ ही निवेशकों को वैश्विक बाजार की खबरों और कच्चे तेल की कीमतों पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यह रिलायंस के शेयर की कीमत पर सीधा असर डाल सकती हैं।

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