कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला 1500 मीटर T54 पैराअथलेटिक्स रेस का परिणाम रद्द कर दिया गया है। अपील के बाद मुकाबला दोबारा आयोजित होगा। स्कॉटलैंड की मेलानी वुड्स और इंग्लैंड की एलिस कोटास के पदक अब नए परिणाम पर निर्भर हैं।
CWG 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पैराअथलेटिक्स स्पर्धा को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। स्कॉटलैंड की मेलानी वुड्स और इंग्लैंड की एलिस कोटास को मिले स्वर्ण और रजत पदक अब खतरे में पड़ गए हैं। अधिकारियों के फैसले के बाद महिला 1500 मीटर T54 फाइनल रेस को दोबारा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। यह फैसला एक अपील के बाद लिया गया, जिसके कारण बुधवार को हुई रेस के परिणाम को रद्द कर दिया गया। अब सभी खिलाड़ी शुक्रवार को फिर से फाइनल रेस में हिस्सा लेंगी और नए परिणाम के आधार पर पदक तय किए जाएंगे।
मेलानी वुड्स ने बनाया था गेम्स रिकॉर्ड
ग्लासगो में आयोजित इस रेस में स्कॉटलैंड की पैराअथलीट मेलानी वुड्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया था। उन्होंने अपने घरेलू शहर में नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया था। इंग्लैंड की एलिस कोटास दूसरे स्थान पर रही थीं, जबकि ऑस्ट्रेलिया की मिकाएला डिंगली ने तीसरा स्थान हासिल किया था। हालांकि, रेस की शुरुआत में हुई दुर्घटना ने पूरे मुकाबले को विवादों में ला दिया।
पहले लैप में हुई दुर्घटना बनी विवाद की वजह
रेस के पहले लैप में कई खिलाड़ियों के बीच टक्कर हो गई थी। कनाडा की नंदिनी शर्मा फिनिश लाइन पर मेलानी वुड्स के बाद दूसरे स्थान पर पहुंची थीं, लेकिन दुर्घटना में उनकी भूमिका के कारण उन्हें उस समय अयोग्य घोषित कर दिया गया। इसके बाद एलिस कोटास को दूसरा स्थान दिया गया और उन्हें सिल्वर मेडल की स्थिति में पहुंचा दिया गया। कनाडा की टीम ने इस फैसले के खिलाफ अपील की, लेकिन शुरुआती अपील को खारिज कर दिया गया। बाद में ऑस्ट्रेलिया और मॉरीशस की ओर से भी विरोध दर्ज कराया गया। इसके बाद पैराअथलेटिक्स अधिकारियों ने फैसला लिया कि पूरी रेस दोबारा कराई जाएगी।
पदक समारोह से पहले बदला फैसला
इस मामले में एक खास बात यह रही कि किसी भी खिलाड़ी को आधिकारिक रूप से पदक नहीं दिया गया था। पदक समारोह गुरुवार को होना था, लेकिन उससे पहले ही रेस को दोबारा आयोजित करने का फैसला आ गया। इस वजह से मेलानी वुड्स, एलिस कोटास और अन्य खिलाड़ियों को अभी तक आधिकारिक पदक नहीं मिले हैं। शुक्रवार की नई रेस के बाद ही अंतिम विजेता तय होंगे।

मेलानी वुड्स ने फैसले को बताया निराशाजनक
मेलानी वुड्स ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी कर इस फैसले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने समर्थकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह स्थिति उनके लिए आसान नहीं है। वुड्स ने कहा कि अब वह कॉमनवेल्थ चैंपियन नहीं हैं और उन्हें अगले दिन फिर से रेस के लिए तैयार होना होगा। उन्होंने इसे अप्रत्याशित स्थिति बताते हुए कहा कि प्रतियोगिता में नया मोड़ आ गया है।
स्कॉटलैंड और इंग्लैंड ने जताई नाराजगी
टीम स्कॉटलैंड ने फैसले को स्वीकार करते हुए कहा कि वह इसे नोट कर रही है। टीम ने पुष्टि की कि मेलानी वुड्स और उनकी साथी जोआना रॉबर्टसन दोबारा होने वाली रेस में हिस्सा लेंगी। वहीं, इंग्लैंड की एलिस कोटास ने सोशल मीडिया पर अपनी निराशा जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह पूरा घटनाक्रम उनके लिए मानसिक रूप से काफी परेशान करने वाला रहा है।
टीम इंग्लैंड ने भी इस फैसले पर नाराजगी जताई। इंग्लैंड के शेफ डी मिशन जॉनी रियाल ने कहा कि टीम इस निर्णय से बेहद निराश है और उसने अधिकारियों के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि रेस के दौरान अधिकारियों ने दुर्घटना के समय मुकाबला नहीं रोका था और तत्काल रेस रद्द करने या दोबारा कराने का कोई फैसला नहीं लिया गया था। इसलिए खिलाड़ियों और टीम ने माना कि प्रतियोगिता की सभी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं और परिणाम अंतिम हैं।
मेलानी वुड्स का प्रेरणादायक सफर
मेलानी वुड्स की कहानी भी बेहद प्रेरणादायक है। साल 2018 में साइकिल चलाते समय एक कार की टक्कर के बाद उन्होंने व्हीलचेयर का इस्तेमाल शुरू किया। इसके बावजूद उन्होंने खेल में वापसी की और पैराअथलेटिक्स में अपनी पहचान बनाई। वह शुक्रवार को होने वाली दोबारा 1500 मीटर T54 फाइनल रेस के अलावा 400 मीटर स्पर्धा में भी हिस्सा लेंगी। 400 मीटर की हीट रेस नई 1500 मीटर फाइनल के करीब 90 मिनट बाद शुरू होगी।
पैराअथलेटिक्स में निष्पक्षता पर उठे सवाल
इस पूरे विवाद ने अंतरराष्ट्रीय पैराअथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में फैसले लेने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि अगर रेस के दौरान कोई बड़ी घटना हुई थी, तो उसी समय स्पष्ट निर्णय लिया जाना चाहिए था। वहीं अधिकारियों का मानना है कि सभी खिलाड़ियों को निष्पक्ष मौका देने के लिए रेस को दोबारा आयोजित करना जरूरी है। अब शुक्रवार की प्रतियोगिता पर सभी की नजरें होंगी, जहां खिलाड़ी फिर से पदक के लिए मुकाबला करेंगी।











