कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: आठ साल बाद मैदान में उतरेंगे नीरज चोपड़ा, अरशद नदीम से होगी बहुप्रतीक्षित भिड़ंत

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में नीरज चोपड़ा आठ साल बाद वापसी कर रहे हैं। जैवलिन थ्रो में उनकी टक्कर पाकिस्तान के अरशद नदीम से होगी। भारत को कई इवेंट मे पदकों की उम्मीद

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के आठवें दिन भारत की निगाहें नीरज चोपड़ा पर होंगी, जो आठ साल बाद राष्ट्रमंडल खेलों में उतर रहे हैं। जैवलिन थ्रो में उनकी चुनौती पाकिस्तान के अरशद नदीम होंगे, जबकि कई अन्य भारतीय खिलाड़ी भी पदक के लिए मैदान में उतरेंगे।

CWG 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के आठवें दिन भारतीय खेल प्रेमियों की नजरें स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा पर रहेंगी। नीरज आठ साल बाद राष्ट्रमंडल खेलों में वापसी कर रहे हैं और पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा के क्वालिफाइंग राउंड में अपने अभियान की शुरुआत करेंगे। उनके साथ भारत के रोहित यादव और यश वीर सिंह भी क्वालिफाइंग में हिस्सा लेंगे। इस बार प्रतियोगिता का सबसे बड़ा आकर्षण नीरज चोपड़ा और पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम के बीच होने वाली संभावित टक्कर मानी जा रही है। दोनों खिलाड़ियों की प्रतिद्वंद्विता पिछले कई वर्षों से अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स की सबसे चर्चित मुकाबलों में शामिल रही है।

आठ साल बाद कॉमनवेल्थ गेम्स में वापसी

नीरज चोपड़ा ने आखिरी बार 2018 के गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लिया था। उस प्रतियोगिता में उन्होंने 86.47 मीटर का शानदार थ्रो कर स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में चोट के कारण वह भाग नहीं ले सके थे। अब पूरी तरह फिट होकर लौट रहे नीरज से भारतीय टीम को एक बार फिर स्वर्ण पदक की उम्मीद है। उनकी वापसी भारतीय एथलेटिक्स के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

अरशद नदीम से होगी कड़ी चुनौती

जैवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के अरशद नदीम होंगे। दोनों खिलाड़ियों की पहली अंतरराष्ट्रीय भिड़ंत 2016 के दक्षिण एशियाई खेलों में हुई थी। इसके बाद वे कई प्रमुख प्रतियोगिताओं में आमने-सामने आए। अब तक अधिकांश मुकाबलों में नीरज ने बढ़त बनाए रखी है, लेकिन पेरिस ओलंपिक 2024 में अरशद नदीम ने 92.97 मीटर का ओलंपिक रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता था। उस प्रतियोगिता में नीरज ने 89.45 मीटर के साथ रजत पदक हासिल किया था। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में दोनों खिलाड़ियों के बीच होने वाला मुकाबला एक बार फिर वैश्विक खेल जगत की सुर्खियों में रहने की संभावना है।

90 मीटर पार करने वाले पहले भारतीय

नीरज चोपड़ा भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में 90 मीटर का आंकड़ा पार करने वाले पहले जैवलिन थ्रोअर हैं। उन्होंने 2025 दोहा डायमंड लीग में 90.23 मीटर का थ्रो कर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। इस उपलब्धि ने उन्हें विश्व के शीर्ष जैवलिन खिलाड़ियों की सूची में और मजबूती से स्थापित किया। उनकी निरंतरता और बड़े मंच पर प्रदर्शन करने की क्षमता उन्हें पदक का प्रबल दावेदार बनाती है।

ओलंपिक से विश्व चैंपियन तक का शानदार सफर

नीरज चोपड़ा का अंतरराष्ट्रीय करियर लगातार उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक 2020 में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा और भारत को एथलेटिक्स में पहला ओलंपिक गोल्ड दिलाया। इसके बाद उन्होंने विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 और एशियाई खेल 2023 में स्वर्ण पदक जीते। पेरिस ओलंपिक 2024 में उन्होंने रजत पदक हासिल कर लगातार दूसरी बार ओलंपिक पोडियम पर जगह बनाई। अब उनकी नजर कॉमनवेल्थ गेम्स में एक और स्वर्ण पदक जीतने पर होगी।

एथलेटिक्स में भारत की अन्य उम्मीदें

कॉमनवेल्थ गेम्स के आठवें दिन केवल नीरज ही नहीं, बल्कि कई अन्य भारतीय एथलीट भी पदक की दौड़ में उतरेंगे। तेजस्विन शंकर डेकाथलॉन में अपने अभियान की शुरुआत करेंगे, जिसमें 100 मीटर दौड़, लंबी कूद, शॉट पुट, हाई जंप और 400 मीटर जैसी स्पर्धाएं शामिल हैं। प्रवीण चित्रवेल और सेल्वा प्रभु पुरुष ट्रिपल जंप क्वालिफाइंग में उतरेंगे। वहीं विशाल टीके 400 मीटर सेमीफाइनल और अनीमेष कुजूर पुरुष 200 मीटर सेमीफाइनल में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

तजिंदरपाल सिंह तूर से पदक की उम्मीद

शॉट पुट फाइनल में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद तजिंदरपाल सिंह तूर होंगे। उनके साथ समरदीप सिंह गिल भी फाइनल में चुनौती पेश करेंगे। तूर ने क्वालिफिकेशन राउंड में 20 मीटर से अधिक का थ्रो कर शानदार प्रदर्शन किया था। उनके अनुभव और फॉर्म को देखते हुए भारत को इस स्पर्धा में पदक की मजबूत उम्मीद है। महिला डिस्कस थ्रो फाइनल में सीमा कलिरमाना और निधि रानी भी पदक जीतने का प्रयास करेंगी, जबकि महिला 5000 मीटर दौड़ में पारुल चौधरी भारत की प्रमुख दावेदार होंगी।

वेटलिफ्टिंग में भी भारत की चुनौती

वेटलिफ्टिंग में भारत की ओर से मार्टिना देवी मैबाम महिला 86+ किलोग्राम वर्ग के फाइनल में उतरेंगी। इसके बाद पुरुष 110+ किलोग्राम वर्ग में लवप्रीत सिंह स्वर्ण पदक के लिए मुकाबला करेंगे। भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम ने इस प्रतियोगिता में अब तक अच्छा प्रदर्शन किया है और आठवें दिन भी उससे पदकों की उम्मीद बनी हुई है।

ट्रैक साइक्लिंग और लॉन बॉल्स में भी मुकाबले

भारतीय पुरुष टीम ट्रैक साइक्लिंग की 4000 मीटर टीम परस्यूट क्वालिफिकेशन में हिस्सा लेगी। यदि टीम क्वालिफाई करती है तो उसे फाइनल में पदक जीतने का अवसर मिलेगा। लॉन बॉल्स में दिनेश कुमार और नवनीत सिंह की जोड़ी पुरुष पेयर्स मुकाबले में बोत्सवाना का सामना करेगी। महिला सिंगल्स में नयनमोनी सैकिया का मुकाबला मलेशिया की एम्मा फिरयाना सरोजी से होगा।

आठवें दिन दांव पर होंगे 17 स्वर्ण पदक

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के आठवें दिन कुल 17 स्वर्ण पदकों का फैसला होगा। इनमें ट्रैक साइक्लिंग और पैरा ट्रैक साइक्लिंग के सात, एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स के सात तथा वेटलिफ्टिंग के तीन स्वर्ण पदक शामिल हैं। भारत के लिए यह दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि कई अनुभवी और उभरते खिलाड़ी अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक जीतने की क्षमता रखते हैं। विशेष रूप से नीरज चोपड़ा और अरशद नदीम के बीच संभावित मुकाबला पूरे खेल जगत की सबसे चर्चित प्रतिस्पर्धाओं में से एक रहेगा। भारतीय प्रशंसकों को उम्मीद है कि आठवें दिन देश की पदक संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

Leave a comment