ग्लास्गो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का भव्य समापन हो गया है। समापन समारोह के दौरान एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब मेजबान शहर ने 2030 में अहमदाबाद में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के शताब्दी संस्करण से पहले आधिकारिक तौर पर खेलों का झंडा और बैटन भारत को सौंप दिया।
CWG 2030 Ahmedabad: वर्ष 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games) की मेजबानी भारत को मिलने के बाद देश में खेल और राजनीति का नया विवाद सामने आ गया है। अहमदाबाद को मेजबान शहर चुने जाने के फैसले पर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने सवाल उठाते हुए हरियाणा को मेजबान या सह-मेजबान राज्य बनाए जाने की मांग की है। उनके इस विरोध प्रदर्शन के बाद भारतीय खेल जगत और राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। वहीं, पूर्व अंतरराष्ट्रीय पहलवान और भाजपा नेता बबीता फोगाट ने हुड्डा के बयान को “राजनीतिक नौटंकी” करार देते हुए तीखा पलटवार किया है।
भारत को मिली कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी
स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के समापन समारोह में आधिकारिक तौर पर 2030 संस्करण की मेजबानी भारत को सौंपी गई। इसके साथ ही अहमदाबाद को मेजबान शहर घोषित किया गया। यह आयोजन ऐतिहासिक होगा क्योंकि भारत दूसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा। इससे पहले वर्ष 2010 में नई दिल्ली में इन खेलों का सफल आयोजन हुआ था।
समापन समारोह के दौरान कॉमनवेल्थ गेम्स का झंडा और बैटन भारतीय प्रतिनिधिमंडल को सौंपा गया। इस प्रतिनिधिमंडल में ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा, भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पी.टी. उषा और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी शामिल थे।
हरियाणा को लेकर उठे सवाल
कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी गुजरात को मिलने के बाद कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने तर्क दिया कि देश के लिए सबसे अधिक पदक जीतने वाले खिलाड़ियों का बड़ा हिस्सा हरियाणा से आता है, इसलिए राज्य को मेजबानी या सह-मेजबानी का अवसर मिलना चाहिए।
हुड्डा ने कहा कि हरियाणा लंबे समय से भारतीय खेलों का मजबूत केंद्र रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाले कई शीर्ष खिलाड़ी इसी राज्य से आते हैं। उन्होंने संसद परिसर में नारे लगाते हुए कहा कि यदि पदक हरियाणा के खिलाड़ी दिलाते हैं, तो खेलों की मेजबानी में भी राज्य को उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।

पदक तालिका को लेकर चर्चा
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने कुल 39 पदक जीते, जिनमें 13 स्वर्ण पदक शामिल रहे। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा के खिलाड़ियों ने भारत की पदक तालिका में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कई स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतकर राज्य के खिलाड़ियों ने भारतीय दल की सफलता में अहम भूमिका निभाई।
इसी आधार पर हुड्डा ने राज्य-वार प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा कि खेलों के विकास और खिलाड़ियों के योगदान को देखते हुए हरियाणा को अधिक महत्व दिया जाना चाहिए।
बबीता फोगाट ने किया पलटवार
दीपेंद्र हुड्डा के बयान पर पूर्व कॉमनवेल्थ पदक विजेता और भाजपा नेता बबीता फोगाट ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब 2010 में दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स आयोजित हुए थे, तब इस तरह की मांग क्यों नहीं उठाई गई। बबीता फोगाट ने कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन की मेजबानी किसी एक राज्य की नहीं बल्कि पूरे देश की उपलब्धि होती है। उनके अनुसार, अहमदाबाद में होने वाले खेलों को भारत की मेजबानी के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि किसी एक राज्य के आयोजन के रूप में।
उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों की उपलब्धियों का सम्मान होना चाहिए, लेकिन खेल आयोजनों को क्षेत्रीय राजनीति से जोड़ना उचित नहीं है। फोगाट ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए उठाया जा रहा है।












