भारत डेविस कप 2026 के क्वालिफायर राउंड-2 में दक्षिण कोरिया से 1-3 हारकर बाहर हो गया। डबल्स में सुरेश और बालाजी की जीत से भारत ने वापसी की, लेकिन सुमित नागल को सूनवू क्वोन ने 6-1, 6-2 से हराकर कोरियाई टीम को फाइनल-8 में पहुंचा दिया।
डेविस कप 2026: भारत का डेविस कप 2026 अभियान दक्षिण कोरिया के खिलाफ 1-3 की हार के साथ समाप्त हो गया। सियोल के ओलंपिक टेनिस कोर्ट पर खेले गए क्वालिफायर राउंड-2 मुकाबले में भारत को फाइनल-8 में जगह बनाने के लिए दूसरे दिन दोनों मुकाबले जीतने थे, लेकिन डबल्स में वापसी के बाद सुमित नागल को सूनवू क्वोन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के साथ दक्षिण कोरिया डेविस कप फाइनल-8 में पहुंचने वाला पहला एशियाई देश बन गया।
भारत की उम्मीदें डबल्स जीत के बाद जगीं
भारत ने मुकाबले के पहले दिन दोनों सिंगल्स गंवा दिए थे और टीम 0-2 से पीछे थी। ऐसे में शनिवार को भारत के लिए हर मैच निर्णायक था। पहले रिवर्स सिंगल्स से पहले खेले गए मेंस डबल्स में धक्षिणेश्वर सुरेश और एन. श्रीराम बालाजी की जोड़ी ने भारत को मुकाबले में वापस ला दिया।
भारतीय जोड़ी ने जी-सुंग नाम और उइसुंग पार्क को 6-3, 3-6, 6-3 से हराया। इस जीत के बाद भारत ने स्कोर 1-2 कर लिया और फाइनल-8 की उम्मीदें फिर से कायम हो गईं। मुकाबले से पहले भारतीय टीम ने डबल्स संयोजन में बदलाव करते हुए निकी पूनाचा की जगह धक्षिणेश्वर सुरेश को उतारा था।
पहले सेट में भारतीय जोड़ी ने 6-3 से बढ़त बनाई, लेकिन कोरियाई टीम ने दूसरे सेट में वापसी करते हुए इसे 6-3 से अपने नाम कर लिया। निर्णायक सेट में सुरेश और बालाजी ने दबाव बनाए रखा और 6-3 से सेट जीतकर भारत को मुकाबले में बनाए रखा।
सुमित नागल निर्णायक मुकाबले में नहीं दिला सके जीत
डबल्स जीतने के बाद भारत की नजरें सुमित नागल पर थीं। उन्हें रिवर्स सिंगल्स में दक्षिण कोरिया के सूनवू क्वोन का सामना करना था। भारत को फाइनल-8 में पहुंचने के लिए नागल का मुकाबला जीतना जरूरी था।
हालांकि, क्वोन ने शुरुआत से ही मैच पर नियंत्रण बनाए रखा। उन्होंने पहला सेट 6-1 से जीतकर भारत पर दबाव बढ़ा दिया। दूसरे सेट में नागल ने वापसी की कोशिश की, लेकिन कोरियाई खिलाड़ी ने लगातार अंक जुटाते हुए 6-2 से सेट जीत लिया। मुकाबला एक घंटे से कुछ अधिक समय में समाप्त हुआ और क्वोन की जीत के साथ दक्षिण कोरिया ने टाई 3-1 से अपने नाम कर लिया।
पहले दिन भारत 0-2 से पिछड़ा था
इससे पहले शुक्रवार को खेले गए दोनों सिंगल्स मुकाबलों में दक्षिण कोरिया ने भारत पर बढ़त बनाई थी। पहले मुकाबले में सूनवू क्वोन ने धक्षिणेश्वर सुरेश को 3-6, 6-3, 6-4 से हराया। सुरेश ने पहला सेट अपने नाम किया था, लेकिन क्वोन ने अगले दो सेट जीतकर कोरियाई टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई।
दूसरे सिंगल्स में भारत के सुमित नागल का सामना ह्योन चुंग से हुआ। नागल ने शुरुआत में बढ़त बनाई, लेकिन चुंग ने मुकाबले में वापसी करते हुए 2-6, 6-4, 7-5 से जीत हासिल की। इस परिणाम के बाद दक्षिण कोरिया ने पहले दिन 2-0 की बढ़त बना ली थी।
दक्षिण कोरिया ने बनाया ऐतिहासिक रिकॉर्ड
भारत पर जीत के साथ दक्षिण कोरिया ने डेविस कप के नए प्रारूप में फाइनल-8 में पहुंचकर इतिहास बनाया है। वह इस चरण में पहुंचने वाला पहला एशियाई देश बन गया है। दक्षिण कोरिया अब नवंबर में इटली के बोलोन्या में होने वाले डेविस कप फाइनल-8 में खेलेगा।
भारत के लिए यह हार इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि टीम नए प्रारूप के तहत पहली बार फाइनल-8 में पहुंचने की कोशिश कर रही थी। भारत की डेविस कप टीम ने क्वालिफायर राउंड-2 तक पहुंचने के दौरान नीदरलैंड्स के खिलाफ जीत दर्ज की थी, लेकिन सियोल में दक्षिण कोरिया की चुनौती को पार नहीं कर सकी।
2027 में फिर क्वालिफायर राउंड-1 खेलेगा भारत
दक्षिण कोरिया से हार के बाद भारत अब 2027 में डेविस कप क्वालिफायर राउंड-1 में खेलेगा। टीम के लिए सियोल मुकाबला फाइनल-8 में पहुंचने का मौका था, लेकिन शुरुआती दोनों सिंगल्स में मिली हार ने स्थिति मुश्किल कर दी। डबल्स में मिली जीत से टीम ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन नागल की हार के साथ मुकाबला समाप्त हो गया।
भारत के कप्तान रोहित राजपाल के भविष्य को लेकर भी अब चर्चा हो सकती है। उनका मौजूदा अनुबंध दिसंबर 2026 तक है और अभी तक इसके विस्तार की घोषणा नहीं हुई है। हालांकि, कप्तानी को लेकर अंतिम फैसला संबंधित अधिकारियों की ओर से ही किया जाएगा।
भारत की चुनौती और आगे की राह
सियोल में भारत ने मुकाबले की शुरुआत अच्छी स्थिति में नहीं की। पहले दिन दोनों सिंगल्स गंवाने के बाद टीम को लगातार दो मुकाबले जीतने की जरूरत थी। सुरेश और बालाजी ने डबल्स में यह उम्मीद जरूर जगाई कि भारत 0-2 की स्थिति से मुकाबला पलट सकता है, लेकिन क्वोन ने नागल के खिलाफ निर्णायक रिवर्स सिंगल्स जीतकर दक्षिण कोरिया को फाइनल-8 में पहुंचा दिया।
भारत के लिए अब अगले डेविस कप चक्र में वापसी की चुनौती होगी। टीम को 2027 के क्वालिफायर राउंड-1 से अभियान शुरू करना होगा और फाइनल-8 में जगह बनाने के लिए दोबारा लंबा रास्ता तय करना होगा। दूसरी ओर, दक्षिण कोरिया अपनी ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ नवंबर में बोलोन्या में होने वाले अंतिम आठ के मुकाबले की तैयारी करेगा।









