दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव 2026-27 में ABVP ने चार में से तीन केंद्रीय पद जीते। यश डबास अध्यक्ष, रिया छावड़ी सचिव और लक्ष्य राज सिंह संयुक्त सचिव बने। निर्दलीय दीपांशु शौकीन ने उपाध्यक्ष पद जीता, जबकि NSUI कोई केंद्रीय सीट नहीं जीत सकी।
नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026-27 के नतीजों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने चार केंद्रीय पदों में से तीन पर जीत दर्ज की है। ABVP के यश डबास ने अध्यक्ष, रिया छावड़ी ने सचिव और लक्ष्य राज सिंह ने संयुक्त सचिव पद पर जीत हासिल की। वहीं, निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए। इस चुनाव में कांग्रेस समर्थित NSUI चारों केंद्रीय पदों में से किसी पर जीत दर्ज नहीं कर सकी।
ABVP ने तीन पदों पर दर्ज की जीत
DUSU चुनाव के लिए मतदान 18 सितंबर 2026 को हुआ था, जबकि मतगणना 19 सितंबर को दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस स्थित यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम के मल्टीपर्पज हॉल में हुई। चुनाव में 1.51 लाख से अधिक छात्र मतदान के लिए पात्र थे और कुल मतदान प्रतिशत 40.46% रहा।
मतगणना के दौरान अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास और NSUI के विजय शंकर मीणा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। कई राउंड तक दोनों उम्मीदवारों के बीच बढ़त बदलती रही। अंतिम परिणाम में यश डबास ने अध्यक्ष पद अपने नाम किया।
सचिव पद पर ABVP की रिया छावड़ी ने जीत दर्ज की, जबकि संयुक्त सचिव पद भी ABVP के लक्ष्य राज सिंह के खाते में गया। इस तरह ABVP ने केंद्रीय पैनल की चार में से तीन सीटें अपने नाम कीं।
निर्दलीय दीपांशु शौकीन ने जीता उपाध्यक्ष पद
इस चुनाव का एक प्रमुख परिणाम उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन की जीत रही। मतगणना के शुरुआती चरण से ही शौकीन इस पद पर बढ़त बनाए हुए थे।
रिपोर्टों के अनुसार, शौकीन पहले NSUI से जुड़े रहे थे और बाद में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरे। उन्होंने ABVP और NSUI के उम्मीदवारों को पीछे छोड़ते हुए उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की।
इस तरह DUSU के चार केंद्रीय पदों में से एक पर इस बार किसी प्रमुख छात्र संगठन के उम्मीदवार के बजाय निर्दलीय प्रत्याशी निर्वाचित हुआ।
NSUI को चारों केंद्रीय पदों पर नहीं मिली जीत
DUSU चुनाव में NSUI ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव—चारों पदों के लिए उम्मीदवार उतारे थे। अध्यक्ष पद पर विजय शंकर मीणा ने यश डबास को कड़ी टक्कर दी, लेकिन अंतिम परिणाम में उन्हें जीत नहीं मिली।
उपाध्यक्ष पद पर NSUI के उम्मीदवार वीर छत्र राठौर को दीपांशु शौकीन और ABVP के उम्मीदवार से पीछे रहना पड़ा। सचिव पद पर रिया छावड़ी ने NSUI की नम्रता चौधरी को हराया।
संयुक्त सचिव पद पर भी ABVP के लक्ष्य राज सिंह ने जीत दर्ज की। इस तरह NSUI इस बार केंद्रीय पैनल की किसी भी सीट पर जीत हासिल नहीं कर सकी।
1.51 लाख से ज्यादा छात्र मतदान के लिए पात्र
DUSU चुनाव 2026-27 के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़े कॉलेजों और संस्थानों के 1.51 लाख से अधिक छात्र मतदान के पात्र थे। मतदान 18 सितंबर को दो पालियों में कराया गया था।
डीयू के दिन की कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्रों के लिए सुबह मतदान हुआ, जबकि शाम की कक्षाओं के छात्रों के लिए अलग समय निर्धारित किया गया था। मतदान के बाद 19 सितंबर की सुबह 8 बजे मतगणना शुरू हुई।
चुनाव प्रक्रिया के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे। मतगणना स्थल के आसपास पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती रही।
अध्यक्ष पद पर रहा करीबी मुकाबला
अध्यक्ष पद का चुनाव इस बार खास तौर पर करीबी रहा। शुरुआती राउंड में कभी ABVP के यश डबास आगे रहे तो कुछ राउंड के बाद NSUI के विजय शंकर मीणा ने बढ़त बना ली।
मतगणना के 11वें राउंड में मीणा 647 वोटों की बढ़त के साथ आगे थे। इसके बाद मुकाबला और करीबी हुआ और कुछ चरणों में दोनों उम्मीदवारों के बीच अंतर महज कुछ वोटों तक रह गया। बाद के राउंड में डबास ने फिर बढ़त हासिल की।
अंतिम परिणाम में डबास की जीत के साथ अध्यक्ष पद ABVP के खाते में चला गया।
चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों की मौजूदगी
DUSU चुनाव में इस बार निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उपाध्यक्ष पद पर दीपांशु शौकीन की जीत इसका सबसे बड़ा उदाहरण रही। इसके अलावा संयुक्त सचिव पद पर भी मतगणना के दौरान निर्दलीय उम्मीदवार विशेष यादव कई राउंड में आगे रहे थे।
हालांकि अंतिम परिणाम में संयुक्त सचिव पद ABVP के लक्ष्य राज सिंह ने जीता। इस तरह केंद्रीय पैनल में केवल उपाध्यक्ष पद निर्दलीय उम्मीदवार के पास गया।
2025 में भी ABVP ने जीती थीं तीन सीटें
पिछले DUSU चुनाव में भी ABVP ने चार केंद्रीय पदों में से तीन पर जीत दर्ज की थी, जबकि एक सीट NSUI के खाते में गई थी। 2025 में ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद जीते थे और NSUI ने उपाध्यक्ष पद हासिल किया था।
2026 के चुनाव में तस्वीर इस मायने में बदली कि ABVP ने अपनी तीन सीटें बरकरार रखीं, लेकिन इस बार NSUI के बजाय निर्दलीय उम्मीदवार ने उपाध्यक्ष पद जीता।
DUSU चुनाव में पिछले 17 वर्षों में बदली प्रचार शैली
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के स्वरूप में पिछले करीब 17 वर्षों में बदलाव आया है। चुनाव प्रचार पर खर्च की सीमा, लिंगदोह समिति की सिफारिशों और विश्वविद्यालय प्रशासन की सख्ती के कारण प्रचार के तौर-तरीकों में बदलाव की रिपोर्टें सामने आती रही हैं।
इसलिए इस चुनाव के संदर्भ में “17 साल बाद” का उल्लेख मुख्य रूप से DUSU की चुनावी प्रक्रिया और प्रचार शैली में आए बदलावों से जुड़ा है। इसे किसी एक दल की लगातार 17 साल बाद हुई जीत के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं होगा। 2025 में भी ABVP ने तीन केंद्रीय पद जीते थे।
DUSU के चारों विजेता
| पद | विजेता | संबद्धता | |
| अध्यक्ष | यश डबास | ABVP | |
| उपाध्यक्ष | दीपांशु शौकीन | निर्दलीय | |
| सचिव | रिया छावड़ी | ABVP | |
| युक्त सचिव | लक्ष्य राज सिं | ABVP |
इन परिणामों के साथ 2026-27 के लिए DUSU के चार केंद्रीय पदों में ABVP के तीन प्रतिनिधि और एक निर्दलीय प्रतिनिधि निर्वाचित हुए हैं।











