कांगड़ा में तरनतारन की महिला समेत 3 गिरफ्तार, 67.62 ग्राम चिट्टा बरामद; ऑल्टो टैक्सी से ले जा रहे थे खेप

कांगड़ा में पुलिस ने ऑल्टो टैक्सी से 67.62 ग्राम चिट्टा बरामद कर तरनतारन की महिला समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया। अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच जारी है।
कांगड़ा में तरनतारन की महिला समेत 3 गिरफ्तार, 67.62 ग्राम चिट्टा बरामद; ऑल्टो टैक्सी से ले जा रहे थे खेप
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हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में पुलिस ने नशे की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान बड़ी कार्रवाई की है। शाहपुर थाना क्षेत्र में पुलिस की सीआईए टीम ने एक ऑल्टो टैक्सी को रोककर उसमें सवार एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 67.62 ग्राम चिट्टा यानी हेरोइन बरामद हुई। बरामद नशीले पदार्थ को पुलिस ने कब्जे में लेकर वाहन को भी जब्त कर लिया है। मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है और अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद चिट्टा कहां से लाया गया था और इसकी सप्लाई कहां की जानी थी।

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई नूरपुर-गग्गल न्यू फोरलेन मार्ग पर मंझग्रां बस स्टैंड के पास की गई। सीआईए टीम को नशीले पदार्थ की खेप ले जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने इलाके में नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की। इसी दौरान नूरपुर की तरफ से आ रही एक ऑल्टो के-10 टैक्सी को जांच के लिए रोका गया। पुलिस ने वाहन में मौजूद तीनों लोगों से पूछताछ करने के बाद गाड़ी की तलाशी ली। तलाशी के दौरान 67.62 ग्राम चिट्टा बरामद होने का दावा पुलिस ने किया है। इसके बाद तीनों को हिरासत में लेकर पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धर्मशाला के शौकणी दा कोट निवासी 36 वर्षीय अजय कुमार और कांगड़ा के मझेड़ा निवासी 34 वर्षीय देवी सिंह के रूप में हुई है। इनके साथ पंजाब के तरनतारन क्षेत्र के डुगवाला की रहने वाली 36 वर्षीय महिला को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, तीनों एक ही वाहन में सवार थे। इस मामले में शाहपुर पुलिस थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर बरामद नशीले पदार्थ के स्रोत और संभावित सप्लाई नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।

पुलिस की जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि इतनी मात्रा में चिट्टा आरोपियों तक कैसे पहुंचा। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि नशीला पदार्थ हिमाचल के किसी इलाके से खरीदा गया था या फिर पंजाब अथवा किसी दूसरे राज्य से इसकी खेप लाई गई थी। इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि बरामद चिट्टा किस व्यक्ति या नेटवर्क तक पहुंचाया जाना था। आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्कों और उनके आने-जाने के रास्तों की जांच से इस संबंध में सुराग मिलने की उम्मीद है। हालांकि जांच पूरी होने से पहले पुलिस ने इस नेटवर्क के बारे में अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है।

कांगड़ा पुलिस के अनुसार मामले में अंतरराज्यीय कनेक्शन की भी जांच की जा रही है। गिरफ्तार महिला पंजाब के तरनतारन क्षेत्र की रहने वाली बताई गई है, जबकि दो अन्य आरोपी कांगड़ा और धर्मशाला क्षेत्र से संबंधित हैं। अलग-अलग राज्यों और जिलों से जुड़े लोगों की एक ही वाहन में मौजूदगी को देखते हुए पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि इनके बीच संपर्क किस उद्देश्य से था और क्या ये लोग पहले भी एक-दूसरे के संपर्क में रहे हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बरामद खेप किसी बड़े सप्लाई नेटवर्क का हिस्सा थी या आरोपी इसे किसी सीमित स्थान पर पहुंचाने जा रहे थे।

कांगड़ा पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा के अनुसार पुलिस नशीले पदार्थ के स्रोत और संभावित खरीदारों या प्राप्तकर्ताओं का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि नशीले पदार्थ की सप्लाई और परिवहन में महिलाओं को कूरियर के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है या नहीं। हालांकि यह जांच का हिस्सा है और किसी आरोपी के संबंध में अंतिम निष्कर्ष कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

पुलिस सूत्रों के अनुसार हाल के समय में नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए जिले में नाकाबंदी और वाहनों की जांच बढ़ाई गई है। फोरलेन और अंतरजिला मार्गों पर पुलिस की निगरानी विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इन्हीं रास्तों के जरिए एक जिले से दूसरे जिले तक आवाजाही होती है। मंझग्रां बस स्टैंड के पास की गई यह कार्रवाई भी इसी निगरानी व्यवस्था का हिस्सा बताई जा रही है। गुप्त सूचना के आधार पर नाका लगाकर वाहन की जांच किए जाने के बाद यह बरामदगी सामने आई।

67.62 ग्राम चिट्टे की बरामदगी को पुलिस जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब जांच केवल बरामद नशीले पदार्थ तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि आरोपी पहले से किसी तस्करी नेटवर्क के संपर्क में थे या नहीं। इसके लिए उनके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, संपर्कों, लोकेशन और हाल की गतिविधियों की जांच की जा सकती है। साथ ही पुलिस यह भी देखेगी कि आरोपी जिस वाहन में पकड़े गए, उसका इस्तेमाल पहले किन स्थानों पर किया गया था और वाहन से संबंधित रिकॉर्ड क्या बताते हैं।

मामले में पुलिस की पूछताछ का एक प्रमुख बिंदु यह भी होगा कि चिट्टा किससे लिया गया था। यदि पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर किसी सप्लायर की पहचान होती है तो पुलिस उस तक पहुंचने की कोशिश कर सकती है। इसके अलावा संभावित खरीदार या आगे खेप लेने वाले व्यक्ति की पहचान भी जांच का हिस्सा होगी। पुलिस का उद्देश्य केवल इस बरामदगी तक कार्रवाई सीमित रखना नहीं, बल्कि नशीले पदार्थ की सप्लाई चेन के अन्य लोगों तक पहुंचना भी है। फिलहाल जांच जारी है और पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस ने बरामद चिट्टे और वाहन को अपने कब्जे में ले लिया है। मामले में जब्ती की प्रक्रिया और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले में पुलिस बरामद पदार्थ की जांच, आरोपियों के बयान और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों को केस का हिस्सा बनाएगी। जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो पुलिस उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई कर सकती है।

इस कार्रवाई के बाद कांगड़ा जिले में नशे के खिलाफ पुलिस अभियान को लेकर भी चर्चा तेज हुई है। पुलिस लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। खास तौर पर फोरलेन और अंतरराज्यीय संपर्क वाले मार्गों पर निगरानी बढ़ाना इसलिए भी जरूरी माना जा रहा है क्योंकि इन रास्तों से दूसरे राज्यों से आने-जाने वाले वाहनों की संख्या अधिक रहती है। पुलिस के सामने चुनौती यह भी है कि तस्कर जांच से बचने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

इस मामले में महिला की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि उसकी भूमिका क्या थी और क्या वह खुद किसी नेटवर्क का हिस्सा थी या किसी अन्य व्यक्ति के कहने पर नशीला पदार्थ ले जा रही थी। इसी तरह दोनों पुरुष आरोपियों की भूमिका को भी अलग-अलग स्तर पर जांचा जाएगा। किसी आरोपी के खिलाफ अंतिम दोष सिद्धि अदालत की प्रक्रिया के बाद ही तय होगी। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई गिरफ्तारी, बरामदगी और नेटवर्क की जांच तक सीमित है।

कांगड़ा पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि 67.62 ग्राम चिट्टा आरोपियों तक कहां से पहुंचा और इसे आगे कहां ले जाया जाना था। अगर जांच में किसी अंतरराज्यीय नेटवर्क की पुष्टि होती है तो मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। पुलिस इस दिशा में आरोपियों से पूछताछ के साथ-साथ तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों को भी खंगाल रही है। फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस की कार्रवाई के दायरे में हैं और मामले की आगे की जांच जारी है।

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