असम के हैलाकांडी में असम राइफल्स और DRI ने संयुक्त अभियान में 109.2 किलो याबा टैबलेट जब्त कीं, जिनकी अनुमानित कीमत ₹327 करोड़ है। रामनाथपुर में हुई कार्रवाई में एक व्यक्ति गिरफ्तार हुआ और दो ट्रक, मोबाइल फोन व दस्तावेज बरामद हुए।
हैलाकांडी: असम के हैलाकांडी जिले में असम राइफल्स और डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने संयुक्त कार्रवाई में 109.2 किलोग्राम याबा टैबलेट जब्त की हैं। अधिकारियों के मुताबिक, बरामद नशीले पदार्थों की अनुमानित कीमत करीब ₹327 करोड़ है। कार्रवाई में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया और दो ट्रक भी जब्त किए गए।
रामनाथपुर इलाके में खुफिया सूचना पर कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार, असम राइफल्स और DRI की सिलचर टीम को नशीले पदार्थों की तस्करी से संबंधित विशेष खुफिया जानकारी मिली थी। इसके आधार पर दोनों एजेंसियों की संयुक्त टीम ने 15 और 16 सितंबर 2026 के बीच हैलाकांडी जिले के रामनाथपुर इलाके में अभियान चलाया।
संयुक्त अभियान के दौरान टीम ने कुल 546 पैकेट याबा टैबलेट बरामद किए। इन सभी पैकेटों का कुल वजन 109.200 किलोग्राम बताया गया है। अधिकारियों ने जब्त किए गए याबा की अनुमानित कीमत करीब ₹327 करोड़ आंकी है।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पूर्वोत्तर क्षेत्र में नशीले पदार्थों की अवैध आवाजाही पर सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां लगातार नजर रख रही हैं। एजेंसियों के बीच साझा की गई खुफिया सूचनाओं के आधार पर की गई इस कार्रवाई को क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।
दो ट्रक और दस्तावेज भी बरामद
याबा टैबलेट के अलावा संयुक्त टीम ने दो ट्रक भी जब्त किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन वाहनों का इस्तेमाल कथित तौर पर जब्त किए गए नशीले पदार्थों के परिवहन के लिए किया जा रहा था।
कार्रवाई के दौरान एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया। इसके अलावा एक आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस भी टीम के हाथ लगे हैं।
जांच एजेंसियां बरामद दस्तावेजों, मोबाइल फोन और वाहनों की मदद से इस मामले से जुड़े अन्य लोगों और तस्करी के नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा सकती हैं। हालांकि, मामले की विस्तृत जांच अभी DRI द्वारा की जानी है।
एक व्यक्ति गिरफ्तार
संयुक्त कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने उसे जब्त किए गए नशीले पदार्थों और अन्य सामान के साथ आगे की जांच के लिए DRI, सिलचर को सौंप दिया।
अब DRI मामले में जब्त याबा के स्रोत, उसके संभावित गंतव्य और परिवहन से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच करेगी। इसके अलावा एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि क्या इस खेप का संबंध किसी बड़े संगठित तस्करी नेटवर्क से है।
गिरफ्तार व्यक्ति के खिलाफ लागू कानूनों के तहत आगे की कानूनी प्रक्रिया की जाएगी। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होगी।
109.2 किलो याबा की बरामदगी
इस कार्रवाई में कुल 109.200 किलोग्राम याबा टैबलेट बरामद हुई हैं। इन्हें 546 अलग-अलग पैकेटों में रखा गया था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, बरामदगी का कुल अनुमानित मूल्य ₹327 करोड़ है।
याबा एक अवैध सिंथेटिक ड्रग है, जिसका इस्तेमाल नशीले पदार्थ के रूप में किया जाता है। इसकी तस्करी भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में सुरक्षा एजेंसियों के लिए लंबे समय से एक चुनौती रही है।
हालांकि, इस मामले में बरामद पदार्थ की अंतिम कानूनी स्थिति और उससे जुड़े सभी तथ्य जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
संगठित तस्करी नेटवर्क पर कार्रवाई का दावा
अधिकारियों ने कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में याबा की बरामदगी से क्षेत्र में नशीले पदार्थों की आवाजाही से जुड़े एक संगठित नेटवर्क को झटका लगने की उम्मीद है।
एजेंसियों के मुताबिक, यह नेटवर्क कथित तौर पर विभिन्न राज्यों के बीच याबा के परिवहन में शामिल हो सकता है। हालांकि, नेटवर्क की संरचना, इसमें शामिल लोगों और नशीले पदार्थों के संभावित स्रोत के बारे में अंतिम जानकारी विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगी।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सीमा और अंतरराज्यीय मार्गों के जरिए नशीले पदार्थों की आवाजाही रोकने के लिए अलग-अलग प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण है।
खुफिया जानकारी साझा करने पर जोर
असम राइफल्स और DRI की संयुक्त कार्रवाई ने प्रवर्तन एजेंसियों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने और समय पर कार्रवाई के महत्व को भी सामने रखा है।
अधिकारियों के अनुसार, विशिष्ट खुफिया इनपुट मिलने के बाद दोनों एजेंसियों ने मिलकर अभियान चलाया। संयुक्त कार्रवाई के दौरान नशीले पदार्थों के साथ कथित परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों और मामले से संबंधित अन्य सामान को भी जब्त किया गया।
ऐसे अभियानों में सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय का उद्देश्य नशीले पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करना और तस्करी से जुड़े नेटवर्क की पहचान करना होता है।
DRI करेगी आगे की जांच
कार्रवाई पूरी होने के बाद गिरफ्तार व्यक्ति, जब्त याबा, दोनों ट्रक, मोबाइल फोन और बरामद अन्य वस्तुओं को DRI सिलचर को सौंप दिया गया।
अब DRI मामले की विस्तृत जांच करेगी। जांच में याबा की खेप कहां से आई, इसे कहां पहुंचाया जाना था, परिवहन में किन लोगों की भूमिका थी और क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है, जैसे पहलुओं की पड़ताल की जा सकती है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार मामले में एक व्यक्ति गिरफ्तार किया गया है। आगे की गिरफ्तारियां या अन्य कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
नशीली दवाओं के खिलाफ अभियान
हैलाकांडी में हुई यह कार्रवाई पूर्वोत्तर भारत में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सुरक्षा और राजस्व खुफिया एजेंसियों के संयुक्त प्रयास का हिस्सा है। 109.2 किलोग्राम याबा की बरामदगी और दो वाहनों की जब्ती के बाद अब जांच का फोकस इस खेप से जुड़े पूरे नेटवर्क तक पहुंचने पर रहेगा।
असम राइफल्स और DRI ने कहा कि अवैध नशीले पदार्थों की आवाजाही रोकने और समुदायों को ड्रग तस्करी के प्रभाव से बचाने के लिए एजेंसियों के बीच सहयोग जरूरी है।
मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया DRI की जांच के आधार पर आगे बढ़ेगी। अधिकारियों द्वारा बरामद याबा की अनुमानित कीमत ₹327 करोड़ बताई गई है।












