केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए 5 लाख घर मंजूर किए हैं। केंद्रीय मंत्री पेम्मासानी चंद्रशेखर के अनुसार, इससे गरीब परिवारों को आवास मिलेगा। नए और लंबित घर अगले दो से तीन वर्षों में पूरे होंगे।
अमरावती: केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) के तहत आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए कुल 5 लाख घरों को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने इसे तेलुगु राज्यों के गरीब परिवारों के लिए एक बड़ा कदम बताते हुए कहा कि इससे लाखों लोगों के पक्के घर का सपना पूरा करने में मदद मिलेगी। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, तेलुगु राज्यों के गरीबों के लिए इतनी बड़ी संख्या में आवास स्वीकृत किया जाना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताया।
दो करोड़ घरों के लक्ष्य में तेलुगु राज्यों को 5 लाख आवास
केंद्र सरकार ने गरीब परिवारों के लिए दो करोड़ घरों के निर्माण का लक्ष्य रखा है। इसी व्यापक लक्ष्य के तहत आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए कुल 5 लाख घर आवंटित किए गए हैं।
पेम्मासानी चंद्रशेखर ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य उन गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराना है, जिनके पास अभी तक अपना पक्का घर नहीं है। उन्होंने इसे तेलुगु राज्यों में आवास सुविधा बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय बताया।
आंध्र प्रदेश को पहले मिले 1.78 लाख घरों का जिक्र
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 2019 से 2024 के बीच आंध्र प्रदेश के लिए 1,78,000 घर आवंटित किए गए थे। इनमें से केवल 42,000 घरों का निर्माण पूरा हो सका, जबकि बाकी आवास लंबित रह गए।
अब केंद्र ने आंध्र प्रदेश के लिए 1,22,000 और घरों को मंजूरी दी है। पेम्मासानी चंद्रशेखर के मुताबिक, नए स्वीकृत घरों और लंबित आवासों को अगले दो से तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य को गति देकर पात्र गरीब परिवारों को जल्द से जल्द आवास उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।
तेलंगाना के लिए 2 लाख घरों का प्रावधान
केंद्रीय मंत्री ने तेलंगाना के आवास आवंटन को लेकर भी जानकारी दी। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू होने के बाद पहले तेलंगाना में इस योजना के तहत घरों का आवंटन नहीं हुआ था। उनके मुताबिक, पिछली सत्तारूढ़ पार्टी ने योजना को स्वीकार नहीं किया था।
अब राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद मौजूदा सरकार के अनुरोध पर तेलंगाना में 2 लाख घरों का निर्माण किया जाएगा। केंद्र के इस निर्णय से राज्य के पात्र गरीब परिवारों को आवास योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है।
यह आवंटन आंध्र प्रदेश के लिए स्वीकृत आवासों के साथ मिलकर तेलुगु राज्यों के लिए मंजूर किए गए कुल 5 लाख घरों का हिस्सा है।
लाभार्थियों को केंद्र से ₹1.20 लाख की सहायता
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को केंद्र सरकार की ओर से ₹1.20 लाख की बुनियादी वित्तीय सहायता मिलेगी। इसके अलावा अन्य सरकारी योजनाओं के साथ जोड़कर लाभार्थियों को कुल ₹1.70 लाख से ₹1.80 लाख तक का लाभ मिलने की बात कही गई है।
इस वित्तीय सहायता का उद्देश्य गरीब परिवारों के लिए घर निर्माण की लागत का बोझ कम करना है। केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आवास निर्माण से जुड़े अन्य जरूरी कार्यों में भी सहायता उपलब्ध करा रही है।
शौचालय निर्माण के लिए ₹12,000 की अतिरिक्त मदद
आवास निर्माण को स्वच्छता से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को स्वच्छ भारत अभियान के तहत अतिरिक्त सहायता भी मिलती है।
लाभार्थियों को घर के साथ शौचालय निर्माण के लिए ₹12,000 की अतिरिक्त राशि दी जाती है। इस तरह आवास योजना के साथ स्वच्छता संबंधी सुविधाओं को भी बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।
केंद्र सरकार का उद्देश्य केवल घर उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से जोड़ना भी है।
PM Awas Yojana के लिए बदले पात्रता नियम
केंद्र सरकार ने हाल में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्रता मानदंड में भी बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत पात्र परिवार की मासिक आय ₹15,000 से कम होनी चाहिए। इससे पहले यह सीमा ₹10,000 थी।
आय सीमा बढ़ाए जाने से अधिक परिवारों के इस योजना के दायरे में आने की संभावना है। सरकार का मानना है कि इससे निम्न आय वर्ग के उन लोगों को लाभ मिल सकेगा, जो पहले निर्धारित आय सीमा के कारण योजना से बाहर रह जाते थे।
बाइक या फ्रिज होने पर योजना से बाहर नहीं होंगे
योजना के पात्रता नियमों में एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि किसी व्यक्ति के पास बाइक या फ्रिज जैसे निजी सामान होने मात्र से वह प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए अयोग्य नहीं होगा।
इस बदलाव से उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके पास कुछ बुनियादी उपभोक्ता वस्तुएं हैं, लेकिन वे अभी भी आर्थिक रूप से कमजोर हैं और पक्के घर की जरूरत रखते हैं।
केंद्र सरकार की ओर से पात्रता में किए गए इन बदलावों का उद्देश्य योजना का लाभ ज्यादा जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाना है।
‘Awas Plus’ ऐप से लाभार्थियों का चयन
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों की पहचान और सत्यापन के लिए तकनीक का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। इसके लिए ‘Awas Plus’ ऐप के माध्यम से जियो-टैगिंग प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
इसके साथ ही आम लोगों की सुविधा के लिए सेल्फ-सर्वे सुविधा भी शुरू की गई है। इसका उद्देश्य पात्र परिवारों को आवास योजना के लिए अपनी जानकारी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
जियो-टैगिंग और डिजिटल सर्वे के माध्यम से लाभार्थियों की पहचान तथा आवास निर्माण की निगरानी को अधिक व्यवस्थित बनाने की कोशिश की जा रही है।
दो से तीन साल में नए और लंबित घर पूरे करने का लक्ष्य
केंद्र सरकार ने नए स्वीकृत घरों के साथ पुराने लंबित आवासों को भी पूरा करने की योजना बनाई है। पेम्मासानी चंद्रशेखर के अनुसार, नए स्वीकृत और पुराने लंबित सभी घरों को अगले दो से तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
आंध्र प्रदेश में पहले से लंबित आवासों के निर्माण को पूरा करना और तेलंगाना में नए आवासों का निर्माण शुरू करना इस योजना के प्रमुख हिस्से होंगे।
गरीब परिवारों के लिए आवास पर जोर
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 5 लाख घरों की मंजूरी को केंद्र सरकार की आवास नीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में बड़ी संख्या में गरीब परिवारों को इस योजना से लाभ मिलने की उम्मीद है।
पेम्मासानी चंद्रशेखर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह निर्णय तेलुगु राज्यों के गरीबों के आवास संबंधी सपनों को पूरा करने में मदद करेगा।
आवास सहायता के साथ वित्तीय सहयोग, शौचालय निर्माण के लिए अतिरिक्त राशि, पात्रता मानदंड में बदलाव और डिजिटल सर्वे जैसी व्यवस्थाओं के जरिए सरकार योजना की पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रही है। अब नए स्वीकृत आवासों और पुराने लंबित घरों को निर्धारित दो से तीन वर्ष की अवधि में पूरा करना अगला प्रमुख लक्ष्य होगा।










