आंध्र प्रदेश के CM एन. चंद्रबाबू नायडू ने तिरुमला में पिलग्रिम एक्सपीरियंस सेंटर और SV म्यूजियम का उद्घाटन किया। उन्होंने 32 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई। केंद्र में 3D वीडियो और VR दर्शन, जबकि म्यूजियम में ऐतिहासिक व धार्मिक विरासत प्रदर्शित है।
तिरुमला: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को तिरुमला में तीर्थयात्रियों के लिए नए अनुभव केंद्र और एसवी म्यूजियम का उद्घाटन किया। उन्होंने 32 इलेक्ट्रिक बसों को भी हरी झंडी दिखाई, जिनका इस्तेमाल तिरुमला में श्रद्धालुओं को परिवहन सुविधा देने के लिए किया जाएगा। तिरुमला के वैकुंठम क्यू कॉम्प्लेक्स में स्थापित पिलग्रिम एक्सपीरियंस सेंटर का उद्देश्य श्रद्धालुओं को भगवान वेंकटेश्वर से जुड़ी धार्मिक परंपराओं और तिरुमला की आध्यात्मिक महत्ता का डिजिटल अनुभव उपलब्ध कराना है।मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को इस केंद्र का उद्घाटन किया। उनके साथ आंध्र प्रदेश के मंत्री अनम रामनारायण रेड्डी और अनगानी सत्यप्रसाद भी मौजूद रहे।
केंद्र में श्रद्धालुओं को भगवान वेंकटेश्वर के लिए प्रतिदिन किए जाने वाले विभिन्न कैंकर्यम (सेवा) और पूजा अनुष्ठानों के 3D वीडियो दिखाए जाएंगे। इसके अलावा तिरुमला के पहाड़ी मंदिर के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को दर्शाने वाले दृश्य भी यहां प्रदर्शित किए गए हैं। नायडू ने नए केंद्र में वर्चुअल रियलिटी आधारित तिरुमला दर्शन का अनुभव भी लिया। इस तकनीक के जरिए श्रद्धालुओं को तिरुमला और मंदिर से जुड़े दृश्यों का डिजिटल अनुभव उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
32 इलेक्ट्रिक बसों को दिखाई हरी झंडी
पिलग्रिम एक्सपीरियंस सेंटर के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री नायडू ने नारायणगिरी सर्किल से 32 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई। इन बसों का इस्तेमाल तिरुमला में श्रद्धालुओं को विभिन्न स्थानों तक पहुंचाने के लिए किया जाएगा।
इन 32 इलेक्ट्रिक बसों में से 25 बसें रिलायंस फाउंडेशन और 7 बसें भारत बायोटेक की ओर से उपलब्ध कराई गई हैं। इस पहल के तहत दोनों संस्थाओं की ओर से चार्जिंग स्टेशन भी तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को सौंपे गए।
रिलायंस EV मोबिलिटी के CEO नितिन सेठ और भारत बायोटेक की मैनेजिंग डायरेक्टर सुचित्रा एला ने चार्जिंग स्टेशनों को TTD को सौंपा। रिलायंस की ओर से इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराने की पहल जून में रिलायंस के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी की तिरुमला यात्रा के दौरान की गई घोषणा के बाद सामने आई है।
नई इलेक्ट्रिक बस से SV म्यूजियम पहुंचे नायडू
बसों को हरी झंडी दिखाने के बाद मुख्यमंत्री नायडू खुद एक नई इलेक्ट्रिक बस में सवार होकर नारायणगिरी सर्किल से एसवी म्यूजियम पहुंचे।
म्यूजियम पहुंचने के बाद उन्होंने इसका उद्घाटन किया और परिसर में मौजूद विभिन्न प्रदर्शनों का निरीक्षण किया। एसवी म्यूजियम को तिरुमला और भगवान वेंकटेश्वर के इतिहास, धार्मिक महत्व और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
म्यूजियम में अलग-अलग माध्यमों और तकनीकों के जरिए तिरुमला की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने की व्यवस्था की गई है। इनमें ऐतिहासिक आभूषणों के मॉडल, मंदिरों और मूर्तियों के प्रतिरूप, प्राकृतिक संरचनाओं के प्रदर्शन तथा 3D मॉडल शामिल हैं।
सदियों पुराने आभूषणों के मॉडल प्रदर्शित
एसवी म्यूजियम में भगवान वेंकटेश्वर को सदियों से चढ़ाए जाते रहे आभूषणों के मॉडल भी प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें श्री कृष्णदेवराय से जुड़े आभूषणों से संबंधित मॉडल भी शामिल हैं।
म्यूजियम में भगवान वेंकटेश्वर द्वारा पहने जाने वाले मुकुटों और आभूषणों के 3D पुनर्निर्माण भी प्रदर्शित किए गए हैं। इससे आगंतुकों को इन धार्मिक आभूषणों के स्वरूप और ऐतिहासिक महत्व को समझने का अवसर मिलता है। म्यूजियम में तकनीक के इस्तेमाल के जरिए धार्मिक परंपराओं को भी प्रस्तुत किया गया है। मुख्यमंत्री ने एक पैनोरमिक डिस्प्ले पर भगवान वेंकटेश्वर के विवाह समारोह से संबंधित AI-जनरेटेड वीडियो भी देखा।
तिरुमला की भौगोलिक और धार्मिक विरासत की झलक
एसवी म्यूजियम में केवल भगवान वेंकटेश्वर और मंदिर से जुड़े धार्मिक प्रदर्शनों को ही जगह नहीं दी गई है, बल्कि तिरुमला की भौगोलिक और सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित किया गया है।
म्यूजियम में तिरुमला की पहाड़ियों में मौजूद विभिन्न मंदिरों और मूर्तियों के प्रतिरूप दिखाए गए हैं। इसके साथ ही क्षेत्र में मौजूद प्राकृतिक भौगोलिक संरचनाओं को भी प्रदर्शनों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
आगंतुकों को तिरुमला के भूगोल और मंदिर परिसर की संरचना समझाने के लिए सात पहाड़ियों का 3D मॉडल भी तैयार किया गया है। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को तिरुमला के प्रमुख धार्मिक स्थलों और क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को समझने में मदद मिलेगी।
राजाओं के हथियार और भक्तों के वाद्य यंत्र भी प्रदर्शित
म्यूजियम में उन राजाओं द्वारा इस्तेमाल किए गए हथियारों के प्रदर्शन भी शामिल हैं, जो तिरुमला की यात्रा पर आए थे और बाद में सांसारिक जीवन का त्याग कर आध्यात्मिक जीवन की ओर बढ़े।
इसके अलावा भगवान वेंकटेश्वर की भक्ति से जुड़े संगीत और सांस्कृतिक पक्ष को भी प्रदर्शित किया गया है। म्यूजियम में भक्तों से जुड़े विभिन्न संगीत वाद्य यंत्रों को रखा गया है।
इनमें संत-कवि और रचनाकार अन्नमाचार्य से जुड़े वाद्य यंत्र भी शामिल हैं। अन्नमाचार्य भगवान वेंकटेश्वर की स्तुति में भक्ति रचनाओं के लिए प्रसिद्ध हैं और इन रचनाओं में संगीत का महत्वपूर्ण स्थान रहा है।
डिजिटल तकनीक के जरिए श्रद्धालुओं का अनुभव बढ़ाने की पहल
पिलग्रिम एक्सपीरियंस सेंटर और एसवी म्यूजियम में पारंपरिक धार्मिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। 3D वीडियो, वर्चुअल रियलिटी, AI-जनरेटेड वीडियो और पैनोरमिक डिस्प्ले जैसी तकनीकों का इस्तेमाल श्रद्धालुओं और आगंतुकों को तिरुमला के इतिहास तथा धार्मिक परंपराओं से जोड़ने के लिए किया गया है।
वहीं, 32 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत तिरुमला में श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए की गई है। रिलायंस फाउंडेशन और भारत बायोटेक की ओर से उपलब्ध कराई गई बसों तथा चार्जिंग स्टेशनों के जरिए इस परिवहन पहल को आगे बढ़ाया गया है। इन पहलों के उद्घाटन के साथ तिरुमला में श्रद्धालु अनुभव, संग्रहालय प्रदर्शनी और स्थानीय परिवहन से जुड़ी सुविधाओं को एक साथ विस्तार दिया गया है।











