Punjab Drugs: केजरीवाल का दावा- पंजाब में आने वाले 80% ड्रग्स अब BJP शासित राज्यों से

अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि पंजाब में आने वाले 80% ड्रग्स अब BJP शासित राज्यों से आ रहे हैं। उन्होंने गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, UP और दिल्ली का नाम लिया।

अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि पंजाब में आने वाले ड्रग्स का 80 प्रतिशत हिस्सा अब BJP शासित राज्यों से आता है। उन्होंने गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, UP और दिल्ली का नाम लिया और केंद्र से तस्करी रोकने की मांग की।

चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को पंजाब में ड्रग्स की समस्या को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। केजरीवाल ने दावा किया कि पंजाब में आने वाले ड्रग्स की आपूर्ति का अब बड़ा हिस्सा पाकिस्तान के बजाय BJP शासित राज्यों से हो रहा है।
केजरीवाल के अनुसार, पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद पाकिस्तान से आने वाले ड्रग्स की मात्रा में कमी आई है। उन्होंने दावा किया कि अब केवल 20 प्रतिशत ड्रग्स पाकिस्तान से आ रहे हैं, जबकि 80 प्रतिशत आपूर्ति BJP शासित राज्यों से हो रही है। उन्होंने गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली का नाम लिया।

यह बयान ऐसे समय आया है जब पंजाब में ड्रग्स के मुद्दे को लेकर AAP सरकार को BJP की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर राज्य में नशे की समस्या से जुड़े कई वीडियो भी वायरल हुए हैं।

केजरीवाल ने BJP शासित राज्यों पर उठाए सवाल

अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर हिंदी में एक पोस्ट के जरिए BJP पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या BJP अपने शासन वाले राज्यों में ड्रग्स के कारोबार को रोकने में विफल रही है या फिर वह इसे रोकना नहीं चाहती।

केजरीवाल ने विशेष रूप से गुजरात का जिक्र करते हुए कहा कि वहां BJP की सरकार पिछले 30 वर्षों से सत्ता में है और उनके अनुसार सबसे अधिक ड्रग्स का कारोबार भी वहीं है। हालांकि, ये आंकड़े और आरोप केजरीवाल के राजनीतिक दावे हैं। उपलब्ध स्रोत में इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि या किसी सरकारी एजेंसी के आंकड़ों का उल्लेख नहीं किया गया है।

2022 में AAP सरकार बनने का हवाला

केजरीवाल ने पंजाब में 2022 में बनी AAP सरकार के समय की स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि जब पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी थी, तब राज्य में आने वाले ड्रग्स में से 80 प्रतिशत पाकिस्तान से आते थे।

उनके मुताबिक, सीमा पार से होने वाली ड्रग्स की आवाजाही को रोकने के लिए पंजाब सरकार ने एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाया। केजरीवाल ने कहा कि इस तकनीक का इस्तेमाल पाकिस्तान से ड्रग्स की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए किया गया। उन्होंने इस व्यवस्था को पंजाब में ड्रग्स की आपूर्ति रोकने के लिए सरकार की ओर से उठाए गए प्रमुख कदमों में शामिल बताया।

अब BJP शासित राज्यों से आपूर्ति का दावा

केजरीवाल ने दावा किया कि पंजाब में ड्रग्स की मौजूदा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा अब BJP शासित राज्यों से आ रहा है। उन्होंने गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली का नाम लेते हुए कहा कि इन राज्यों से पंजाब में ड्रग्स पहुंच रहे हैं।

उनके अनुसार, पाकिस्तान से आने वाले ड्रग्स को नियंत्रित करने के लिए पंजाब सरकार ने कदम उठाए हैं, लेकिन दूसरे राज्यों से आने वाली कथित आपूर्ति को रोकने के लिए केंद्र और संबंधित राज्य सरकारों को कार्रवाई करनी चाहिए। AAP नेता ने BJP से यह भी सवाल किया कि यदि उसके शासन वाले राज्यों से ड्रग्स की तस्करी हो रही है तो वहां इसे रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।

मुंद्रा पोर्ट का भी किया जिक्र

पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री ने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट का उल्लेख करते हुए दावा किया कि भारत में ड्रग्स की एंट्री वहां से होती है।

केजरीवाल ने कहा कि इस तरह की कथित तस्करी को रोकना BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने केंद्र से ड्रग्स की आपूर्ति और तस्करी पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

उनका बयान पंजाब में ड्रग्स की समस्या को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को और तेज करने वाला माना जा रहा है, जिसमें AAP और BJP एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे हैं।

BJP से पंजाब से सीखने की अपील

केजरीवाल ने BJP से पंजाब की कार्रवाई से सीख लेने और अपने शासन वाले राज्यों में भी ड्रग्स की समस्या को खत्म करने के लिए कदम उठाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि पंजाब में ड्रग्स की समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकार ने सीमा पर निगरानी और एंटी-ड्रोन तकनीक जैसे उपाय किए हैं। उनके मुताबिक, इसी तरह अन्य राज्यों में भी तस्करी के नेटवर्क को रोकने के लिए कार्रवाई की जानी चाहिए।

केजरीवाल का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नशे का मुद्दा राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है और विपक्षी दल राज्य सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते रहे हैं।

पंजाब सरकार पर BJP की आलोचना

पंजाब में AAP सरकार को ड्रग्स के मुद्दे पर BJP की ओर से आलोचना का सामना करना पड़ा है। हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर नशे से जुड़ी कई घटनाओं और वीडियो ने इस मुद्दे को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

BJP जहां पंजाब सरकार से राज्य में ड्रग्स की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण की मांग कर रही है, वहीं केजरीवाल ने ड्रग्स की कथित आपूर्ति के स्रोतों को लेकर BJP शासित राज्यों पर सवाल उठाए हैं।

इस राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच पंजाब में नशे की समस्या को लेकर सरकार की नीतियों, सीमा सुरक्षा और अंतरराज्यीय तस्करी पर बहस जारी है।

सीमा पार तस्करी से अंतरराज्यीय नेटवर्क तक

केजरीवाल के बयान में पंजाब में ड्रग्स की समस्या के दो कथित स्रोतों का जिक्र किया गया है। उन्होंने 2022 में AAP सरकार बनने के समय पाकिस्तान से आने वाली कथित आपूर्ति को 80 प्रतिशत बताया, जबकि वर्तमान स्थिति में इसका हिस्सा 20 प्रतिशत होने का दावा किया।

इसके साथ ही उन्होंने गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से कथित तौर पर होने वाली आपूर्ति को 80 प्रतिशत बताया।

इन दावों के मुताबिक, पंजाब में ड्रग्स की चुनौती अब केवल सीमा पार तस्करी तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराज्यीय नेटवर्क भी इसका हिस्सा बन गया है। हालांकि, उपलब्ध सामग्री में इन प्रतिशत आंकड़ों के समर्थन में विस्तृत आधिकारिक डेटा उपलब्ध नहीं है।

केंद्र और राज्य सरकारों की भूमिका पर बहस

केजरीवाल ने ड्रग्स की तस्करी रोकने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार और BJP शासित राज्यों पर डालते हुए उनसे कार्रवाई करने की अपील की। खासतौर पर मुंद्रा पोर्ट का उल्लेख करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाया।

वहीं, पंजाब सरकार के सामने राज्य के भीतर ड्रग्स की उपलब्धता और नशे की समस्या पर नियंत्रण की चुनौती बनी हुई है। इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के साथ-साथ कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्रवाई भी महत्वपूर्ण होगी।

राजनीतिक बयान से फिर गरमाया ड्रग्स का मुद्दा

अरविंद केजरीवाल के ताजा बयान से पंजाब में ड्रग्स का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। AAP ने जहां राज्य सरकार के कदमों और सीमा पर निगरानी व्यवस्था को रेखांकित किया है, वहीं BJP की आलोचना के जवाब में केजरीवाल ने BJP शासित राज्यों से कथित आपूर्ति का मुद्दा उठाया है।

अब इस बयान पर BJP और संबंधित राज्य सरकारों की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी। उपलब्ध स्रोत में BJP या संबंधित सरकारों की ओर से केजरीवाल के इन आरोपों पर तत्काल प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है।

ड्रग्स की तस्करी को रोकने के लिए केंद्र, राज्य सरकारों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण रहेगा। पंजाब में यह मुद्दा आने वाले समय में राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना रह सकता है।

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