NMDC के सतर्कता विभाग ने 17 सितंबर 2026 को हैदराबाद में CVC के प्रशिक्षण कार्यक्रम की सह-मेजबानी की। Vigilance Manual 2026 और Master Circulars पर आयोजित कार्यक्रम में दक्षिण क्षेत्र के करीब 75 सतर्कता अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
हैदराबाद: NMDC Limited के सतर्कता विभाग ने 17 सितंबर 2026 को हैदराबाद में केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) द्वारा आयोजित ‘मास्टर सर्कुलर और सतर्कता मैनुअल 2026’ विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम की सह-मेजबानी की। यह Training of Trainers Programme दक्षिण क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न संगठनों के सतर्कता अधिकारियों के लिए आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों को संशोधित सतर्कता ढांचे, नए प्रावधानों और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोग की जानकारी देना था।
दक्षिण क्षेत्र के सतर्कता अधिकारियों के लिए आयोजित कार्यक्रम
प्रशिक्षण कार्यक्रम में दक्षिण क्षेत्र की विभिन्न संस्थाओं से करीब 75 सतर्कता अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय सतर्कता आयोग की ओर से विशेषज्ञों ने Vigilance Manual 2026 और हाल में जारी किए गए CVC Master Circulars के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में सतर्कता प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण बदलावों, उनके प्रभाव और संस्थागत स्तर पर उनके व्यावहारिक इस्तेमाल पर चर्चा की गई। अधिकारियों को अपडेट किए गए सतर्कता ढांचे को बेहतर तरीके से समझने और उसे अपनी संबंधित संस्थाओं में लागू करने के लिए व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराई गई।
पूर्व CBI स्पेशल डायरेक्टर प्रवीण कुमार सिन्हा ने किया संबोधित
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और पूर्व Special Director, CBI, प्रवीण कुमार सिन्हा ने कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने CVC Master Circulars के महत्व और Vigilance Manual में समय-समय पर संशोधन की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रवीण कुमार सिन्हा ने सतर्कता व्यवस्था में निवारक उपायों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने संवेदनशील पदों पर तैनात कर्मचारियों के रोटेशन को एक महत्वपूर्ण preventive vigilance measure बताया।
उनके अनुसार, संवेदनशील पदों पर लंबे समय तक एक ही कर्मचारी की तैनाती से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए कर्मचारियों का समय-समय पर स्थानांतरण या रोटेशन सतर्कता प्रशासन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
CVC के अधिकारियों ने साझा की जानकारी
कार्यक्रम में केंद्रीय सतर्कता आयोग के कई वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ भी शामिल हुए। इस अवसर पर CVC Consultant राजीव वर्मा, CVC Director अजय कुमार वर्मा और CVC के OSD अरविंद कुमार मौजूद रहे।
इसके अलावा MIDHANI & BDL की CVO स्फूर्ति रेड्डी, ECIL के CVO पी. कृष्ण कुमार और NMDC Limited के CVO सी. नीलकंता रेड्डी ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
इन अधिकारियों की मौजूदगी ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को सतर्कता प्रशासन से जुड़े विभिन्न संस्थानों के बीच अनुभव और प्रक्रियाओं को साझा करने का मंच प्रदान किया।
Vigilance Manual 2026 के बदलावों पर चर्चा
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान CVC के विशेषज्ञ वक्ताओं ने Vigilance Manual 2026 का विस्तृत अवलोकन प्रस्तुत किया। इसमें मैनुअल में किए गए प्रमुख बदलावों और सतर्कता प्रशासन पर उनके संभावित प्रभावों की जानकारी दी गई।
अधिकारियों को यह समझाया गया कि संशोधित सतर्कता व्यवस्था में नए प्रावधानों को किस तरह देखा जाना चाहिए और संबंधित संस्थानों में उनकी व्यावहारिक प्रासंगिकता क्या है।
कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य सतर्कता अधिकारियों को अपडेटेड दिशानिर्देशों की एक समान समझ उपलब्ध कराना था, ताकि विभिन्न संगठनों में सतर्कता संबंधी प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित तरीके से लागू किया जा सके।
CVC Master Circulars के व्यावहारिक पहलुओं पर जोर
कार्यक्रम में हाल ही में जारी CVC Master Circulars पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने इनमें शामिल महत्वपूर्ण प्रावधानों के साथ-साथ उनके व्यावहारिक महत्व को समझाया।
सत्रों के दौरान प्रतिभागियों को सतर्कता मामलों से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर प्रश्न पूछने का अवसर मिला। विशेषज्ञों ने अधिकारियों के सवालों का जवाब दिया और चर्चा के माध्यम से विभिन्न प्रावधानों को लेकर स्पष्टीकरण उपलब्ध कराया।
इस इंटरैक्टिव प्रक्रिया ने प्रशिक्षण को केवल प्रस्तुति आधारित कार्यक्रम के बजाय अधिकारियों के अनुभव और व्यावहारिक चुनौतियों को साझा करने का अवसर भी बनाया।
अधिकारियों की भागीदारी से मजबूत हुआ प्रशिक्षण
कार्यक्रम में करीब 75 सतर्कता अधिकारियों और दक्षिण क्षेत्र की विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों की भागीदारी रही। विभिन्न संगठनों से आए अधिकारियों को एक ही मंच पर अपडेटेड सतर्कता नियमों और प्रक्रियाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त हुई।
प्रशिक्षण में अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी से सतर्कता प्रशासन से जुड़े मुद्दों पर संवाद को बढ़ावा मिला। प्रश्नोत्तर और चर्चा के माध्यम से प्रतिभागियों को नियमों और प्रक्रियाओं के व्यावहारिक पहलुओं को समझने का अवसर मिला।
संस्थागत क्षमता मजबूत करने पर फोकस
NMDC के अनुसार, प्रशिक्षण कार्यक्रम ने प्रतिभागियों की अपडेटेड सतर्कता व्यवस्था को समझने की क्षमता को मजबूत करने में मदद की। कार्यक्रम में प्राप्त व्यावहारिक जानकारी का उद्देश्य विभिन्न संगठनों में सतर्कता संबंधी प्रक्रियाओं में अधिक समानता और निरंतरता को बढ़ावा देना है।
Vigilance Manual 2026 और CVC Master Circulars के प्रावधानों की जानकारी से अधिकारियों को अपने संबंधित संस्थानों में सतर्कता गतिविधियों को नए ढांचे के अनुरूप संचालित करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू संस्थागत क्षमता निर्माण भी रहा। विभिन्न संगठनों के अधिकारियों की भागीदारी ने सतर्कता प्रशासन में साझा समझ विकसित करने और प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अनुभवों के आदान-प्रदान का अवसर दिया।
निवारक सतर्कता उपायों को बढ़ावा
कार्यक्रम के दौरान निवारक सतर्कता यानी preventive vigilance के महत्व पर भी जोर दिया गया। संवेदनशील पदों पर कर्मचारियों का रोटेशन इसी व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।
निवारक सतर्कता का उद्देश्य संभावित अनियमितताओं को घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से मौजूद जोखिमों की पहचान और प्रबंधन के माध्यम से कम करना है। इस दृष्टिकोण के तहत संस्थानों में प्रक्रियाओं, जिम्मेदारियों और संवेदनशील पदों से जुड़े जोखिमों की समीक्षा महत्वपूर्ण मानी जाती है।
दक्षिण क्षेत्र में सतर्कता प्रशिक्षण को बढ़ावा
हैदराबाद में आयोजित यह कार्यक्रम दक्षिण क्षेत्र के विभिन्न संगठनों के सतर्कता अधिकारियों को एक साझा प्रशिक्षण मंच उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा। CVC के विशेषज्ञों और विभिन्न संस्थानों के सतर्कता अधिकारियों की भागीदारी ने कार्यक्रम को व्यापक बनाया।
NMDC के सतर्कता विभाग की सह-मेजबानी में आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए अधिकारियों को Vigilance Manual 2026 और CVC Master Circulars में हुए बदलावों की जानकारी मिली। साथ ही, सवाल-जवाब और चर्चा के माध्यम से अधिकारियों को इन प्रावधानों के व्यावहारिक अनुप्रयोग को समझने का अवसर मिला।
कार्यक्रम का व्यापक उद्देश्य
पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम का फोकस अपडेटेड सतर्कता ढांचे की समझ बढ़ाने, प्रक्रियाओं में एकरूपता लाने और संस्थागत क्षमता को मजबूत करने पर रहा। करीब 75 अधिकारियों और प्रतिनिधियों की भागीदारी के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में CVC के विशेषज्ञों ने सतर्कता प्रशासन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी साझा की।
NMDC के अनुसार, प्रशिक्षण से प्रतिभागियों को संशोधित सतर्कता व्यवस्था को समझने के साथ-साथ अपने संबंधित संगठनों में प्रभावी सतर्कता प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने के लिए व्यावहारिक जानकारी मिली। कार्यक्रम में हुई चर्चाओं और प्रश्नोत्तर सत्रों ने अधिकारियों को नए प्रावधानों और उनके अनुप्रयोग को लेकर आवश्यक स्पष्टीकरण भी प्रदान किया।











