धनबाद-हावड़ा की पहली एसी डबल डेकर ट्रेन अब नहीं लौटेगी पटरी पर, 2011 में शुरू हुई सेवा होगी खत्म

धनबाद-हावड़ा के बीच 2011 में शुरू हुई देश की पहली AC डबल डेकर ट्रेन अब दोबारा नहीं चलेगी। 2014 से यार्ड में खड़ी ट्रेन को स्क्रैप किया जाएगा।

धनबाद-हावड़ा के बीच 2011 में शुरू हुई देश की पहली एसी डबल डेकर ट्रेन अब दोबारा नहीं चलेगी। करीब 11-12 साल से हावड़ा यार्ड में खड़ी ट्रेन को स्क्रैप करने की तैयारी शुरू हो गई है।

झारखंड: धनबाद-हावड़ा के बीच वर्ष 2011 में शुरू हुई देश की पहली एसी डबल डेकर ट्रेन अब इतिहास बन जाएगी। वर्ष 2014 से हावड़ा के पास यार्ड में खड़ी इस ट्रेन के दोबारा चलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन अब इसे स्क्रैप करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके साथ ही ट्रेन के दोबारा पटरी पर लौटने की संभावनाएं खत्म हो गई हैं।

2011 में शुरू हुई थी देश की पहली एसी डबल डेकर ट्रेन

धनबाद-हावड़ा रेल मार्ग पर वर्ष 2011 में देश की पहली एसी डबल डेकर ट्रेन शुरू की गई थी। इस ट्रेन का संचालन शुरू होने के समय यात्रियों के बीच काफी उत्साह देखने को मिला था। सामान्य ट्रेनों से अलग इसका डबल डेकर डिजाइन यात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र था। ट्रेन का रंग-रूप और डिजाइन भी इसे दूसरी ट्रेनों से अलग पहचान देता था।

डबल डेकर ट्रेन को लेकर उस समय यात्रियों में काफी उत्सुकता थी। एक ही ट्रेन में दो स्तरों पर यात्रियों को बैठाने की व्यवस्था होने के कारण इसे रेलवे की एक खास पहल के तौर पर देखा गया था। धनबाद और हावड़ा के बीच इस ट्रेन का संचालन रेल यात्रियों के लिए एक अलग अनुभव था।

हालांकि, बाद में इस ट्रेन का परिचालन बंद हो गया। वर्ष 2014 से यह ट्रेन हावड़ा के पास यार्ड में खड़ी है। इसके बाद से लगातार लंबे समय तक इसके दोबारा संचालन का इंतजार किया जाता रहा। करीब 11-12 वर्षों तक यार्ड में खड़े रहने के कारण ट्रेन का भविष्य भी सवालों के घेरे में बना रहा।

पीसीएमई कांफ्रेंस में रेलवे बोर्ड से मांगा गया समाधान

पिछले दिनों हुई पीसीएमई कांफ्रेंस के दौरान पूर्व रेलवे ने हावड़ा यार्ड में खड़ी डबल डेकर ट्रेन के मामले को रेलवे बोर्ड के सामने उठाया था। पूर्व रेलवे की ओर से ट्रेन को लेकर समाधान मांगे जाने के बाद इसके दोबारा पटरी पर लौटने की उम्मीद जगी थी।

लंबे समय से यार्ड में खड़ी ट्रेन को लेकर यह संभावना बनी थी कि रेलवे किसी समाधान के जरिए इसे फिर से उपयोग में ला सकता है। यात्रियों और रेलवे से जुड़े लोगों की नजर भी इस बात पर थी कि ट्रेन के भविष्य को लेकर रेलवे बोर्ड क्या फैसला करता है।

हालांकि, अब सामने आई जानकारी के अनुसार ट्रेन को स्क्रैप करने की तैयारी शुरू हो गई है। इससे इसके दोबारा संचालन की उम्मीदों पर विराम लग गया है।

अब हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी वापसी की उम्मीद

धनबाद-हावड़ा एसी डबल डेकर ट्रेन के स्क्रैप होने की तैयारी के साथ ही इसके दोबारा पटरी पर लौटने की संभावना भी खत्म हो गई है। वर्ष 2014 से हावड़ा यार्ड में खड़ी यह ट्रेन अब दोबारा यात्रियों को सेवा देती नजर नहीं आएगी।

जिस ट्रेन के शुरू होने पर यात्रियों में काफी उत्साह था, वही ट्रेन अब रेलवे के इतिहास का हिस्सा बनने जा रही है। इसकी डबल डेकर संरचना, अलग डिजाइन और धनबाद-हावड़ा के बीच संचालन इसकी खास पहचान रही है।

लंबे समय तक यार्ड में खड़ी रहने के बाद अब इसे स्क्रैप करने की तैयारी रेलवे की ओर से शुरू कर दी गई है। इससे न सिर्फ इस ट्रेन के दोबारा संचालन का अध्याय बंद हो जाएगा, बल्कि 2011 में शुरू हुई देश की पहली एसी डबल डेकर ट्रेन की सेवा की कहानी भी समाप्त हो जाएगी।

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