मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार में 23 सितंबर तक शुष्क मौसम, बढ़ेगा पारा

मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार में 23 सितंबर तक मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा। हल्के बादल और कहीं-कहीं बूंदाबांदी के बीच तापमान 36 डिग्री तक पहुंच सकता है।
मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार में 23 सितंबर तक शुष्क मौसम, बढ़ेगा पारा
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मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के लोगों को आने वाले दिनों में लगातार बारिश से राहत मिलने के संकेत हैं। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा विभाग और भारत मौसम विज्ञान विभाग के सहयोग से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 19 से 23 सितंबर 2026 के बीच उत्तर बिहार के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि इस दौरान आसमान में हल्के बादल छाए रह सकते हैं और कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा या बूंदाबांदी भी हो सकती है। यानी अगले कुछ दिनों में लगातार या व्यापक बारिश की स्थिति बनने का अनुमान नहीं है, लेकिन स्थानीय स्तर पर मौसम में थोड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

पूर्वानुमान के मुताबिक इस अवधि में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। उत्तर बिहार में अधिकतम तापमान 30 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 23 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान लगाया गया है। इसका मतलब यह है कि बारिश की गतिविधियां कम होने के साथ दिन के समय गर्मी और उमस का असर दोबारा महसूस हो सकता है।

मुजफ्फरपुर के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग के स्थानीय पूर्वानुमान में भी अगले दिनों में तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। 19 सितंबर को अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। 20 सितंबर को भी अधिकतम तापमान 34 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। इसके बाद 21 और 22 सितंबर को भी अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री रह सकता है, जबकि 23 सितंबर को अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 19 सितंबर को मुजफ्फरपुर में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछार की संभावना है। 20 सितंबर को भी बादल रहने के साथ बारिश, गरज या धूल भरी आंधी की संभावना बताई गई है। हालांकि 21 से 23 सितंबर के बीच मौसम अपेक्षाकृत शांत रहने का अनुमान है और मुख्य रूप से आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। 24 सितंबर को फिर से एक-दो दौर की बारिश या गरज के साथ बौछार की संभावना जताई गई है।

19 सितंबर को मुजफ्फरपुर के लिए गरज और बिजली गिरने की चेतावनी भी दर्ज की गई है। ऐसे में हल्की बारिश के साथ अचानक मेघगर्जन और वज्रपात की स्थिति बनने पर लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी। 20 से 23 सितंबर के बीच स्थानीय पूर्वानुमान में कोई विशेष चेतावनी दर्ज नहीं है। 24 सितंबर को फिर गरज के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।

उत्तर बिहार के लिए पूसा कृषि विश्वविद्यालय के पूर्वानुमान में सुबह के समय सापेक्षिक आर्द्रता 80 से 90 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना जताई गई है। दोपहर के समय यह घटकर करीब 55 से 60 प्रतिशत रह सकती है। पूर्वी या दक्षिण-पूर्वी दिशा से 8 से 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है। इस तरह सुबह के समय नमी अधिक रहने और दोपहर में तापमान बढ़ने से उमस का अनुभव हो सकता है।

पिछले कुछ दिनों के मौसम के आंकड़ों में भी बारिश और धूप दोनों का असर देखने को मिला है। पूसा की मौसमी वेधशाला के अनुसार पिछले तीन दिनों का औसत अधिकतम तापमान 33.1 डिग्री सेल्सियस और औसत न्यूनतम तापमान 23.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस दौरान औसतन 5.8 घंटे धूप खिली और कुल 21 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। सुबह के समय औसत सापेक्षिक आर्द्रता 92 प्रतिशत और दोपहर में 73 प्रतिशत रही। हवा की औसत गति करीब 4.4 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई।

बारिश में कमी का असर खेती-किसानी पर भी पड़ेगा। उत्तर बिहार के कई जिलों में इस समय खरीफ फसलों का दौर चल रहा है और पिछले दिनों हुई बारिश से खेतों में नमी बनी हुई है। आने वाले दिनों में मौसम शुष्क रहने से खेतों में जमा अतिरिक्त पानी निकलने का मौका मिल सकता है। जिन इलाकों में लगातार बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बनी थी, वहां पानी की निकासी में भी मदद मिल सकती है। हालांकि जिन खेतों में फसल को लंबे समय तक पानी में रहने से नुकसान हुआ है, वहां केवल मौसम का शुष्क होना पर्याप्त नहीं होगा और किसानों को फसल की स्थिति के अनुसार आगे की तैयारी करनी होगी।

मुजफ्फरपुर और उत्तर बिहार के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश के कारण पहले से ही खेतों और ग्रामीण इलाकों में नमी बनी हुई है। अब तापमान बढ़ने और बारिश की गतिविधियां सीमित रहने से दिन के समय खेतों में काम करने की स्थिति कुछ बेहतर हो सकती है। हालांकि सुबह के समय ज्यादा नमी रहने के कारण उमस बनी रह सकती है। किसानों के लिए मौसम में इस बदलाव को ध्यान में रखते हुए खेतों की निगरानी करना जरूरी होगा।

मौसम के शुष्क रहने का एक दूसरा असर यह हो सकता है कि शहरों में उमस और गर्मी दोबारा महसूस हो। बारिश के दौरान तापमान अपेक्षाकृत नीचे रहता है, लेकिन बारिश रुकने के बाद धूप निकलने और हवा में नमी अधिक रहने से गर्मी का अहसास बढ़ सकता है। मुजफ्फरपुर में 19 से 23 सितंबर के दौरान अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान इसी ओर संकेत करता है।

उत्तर बिहार के लोगों के लिए इस पूर्वानुमान का मतलब यह नहीं है कि पांच दिनों तक बिल्कुल बारिश नहीं होगी। पूर्वानुमान में स्पष्ट रूप से कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना रखी गई है। इसलिए किसी एक इलाके में मौसम पूरी तरह शुष्क रहने के बावजूद दूसरे इलाके में हल्की बारिश हो सकती है। स्थानीय स्तर पर बादलों के विकास के कारण मौसम में अचानक बदलाव भी संभव है।

मुजफ्फरपुर में 18 सितंबर को अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। भारत मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार उस दिन 24 घंटे में कोई बारिश रिकॉर्ड नहीं हुई। 19 सितंबर के लिए अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री का अनुमान है। इससे साफ है कि आने वाले दिनों में तापमान धीरे-धीरे ऊपर जाने की संभावना है।

उत्तर बिहार में पिछले कुछ समय से बारिश और बाढ़ के कारण कई इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा है। अब अगर मौसम कुछ दिनों तक शुष्क रहता है तो बाढ़ और जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी घटने की प्रक्रिया को मदद मिल सकती है। हालांकि नदी के जलस्तर, स्थानीय जलनिकासी और आसपास के क्षेत्रों में होने वाली बारिश पर भी स्थिति निर्भर करेगी। केवल स्थानीय मौसम के शुष्क रहने से हर बाढ़ प्रभावित इलाके में तुरंत सामान्य स्थिति लौटना जरूरी नहीं है।

मौसम वैज्ञानिकों के पूर्वानुमान के मुताबिक इस दौरान हवा की गति बहुत तेज रहने की संभावना नहीं है। पूर्वी या दक्षिण-पूर्वी हवा 8 से 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है। इससे मौसम में हल्की हवा बनी रहेगी, लेकिन अधिक नमी और बढ़ता तापमान मिलकर उमस को बढ़ा सकते हैं। सुबह और दोपहर के तापमान में अंतर भी लोगों को महसूस हो सकता है।

स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और खुले में काम करने वाले लोगों को भी मौसम में इस बदलाव के दौरान सावधानी बरतनी होगी। सुबह के समय नमी और दोपहर में बढ़ते तापमान के कारण शरीर पर गर्मी का असर बढ़ सकता है। वहीं 19 और 20 सितंबर को कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बारिश की संभावना को देखते हुए बाहर निकलने वाले लोगों को स्थानीय मौसम की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए। मुजफ्फरपुर के 19 सितंबर के पूर्वानुमान में विशेष रूप से बिजली गिरने की चेतावनी दर्ज है।

किसानों के लिए शुष्क मौसम खेतों में काम करने का अवसर भी देगा। जिन खेतों में जरूरत से ज्यादा नमी है, वहां जलनिकासी की व्यवस्था की जा सकती है। वहीं जिन फसलों को सिंचाई की आवश्यकता है, वहां मौसम को देखते हुए पानी देने का निर्णय लिया जा सकता है। हालांकि खेतों में किसी भी कृषि कार्य से पहले स्थानीय स्तर पर मिट्टी की नमी और फसल की स्थिति देखना जरूरी होगा।

पूसा कृषि विश्वविद्यालय का यह पूर्वानुमान विशेष रूप से उत्तर बिहार के किसानों के लिए उपयोगी है क्योंकि इसमें तापमान, हवा, नमी और वर्षा की संभावनाओं को ध्यान में रखा गया है। 19 से 23 सितंबर के बीच व्यापक बारिश की संभावना कम रहने से किसान अपने कृषि कार्यों की योजना बना सकते हैं। हालांकि हल्की बारिश की संभावना वाले इलाकों में अचानक मौसम बदलने पर कृषि कार्य प्रभावित हो सकते हैं।

कुल मिलाकर मुजफ्फरपुर समेत पूरे उत्तर बिहार में अगले कुछ दिनों में मौसम का मिजाज बारिश से ज्यादा गर्मी और उमस की ओर जाने का अनुमान है। 19 से 23 सितंबर के बीच अधिकांश जगह मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा, लेकिन हल्के बादल बने रहेंगे और कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी हो सकती है। अधिकतम तापमान 30 से 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 से 27 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। मुजफ्फरपुर में पारा 34 डिग्री के आसपास पहुंच सकता है। ऐसे में बारिश से मिली राहत के बाद लोगों को बढ़ती गर्मी और उमस के लिए तैयार रहना होगा।

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