EPFO Salary Limit बढ़ी, मेरठ मंडल के करीब एक लाख कर्मचारियों को मिलेगा सामाजिक सुरक्षा का लाभ

EPFO Salary Limit 15 हजार से बढ़कर 25 हजार रुपये हुई। मेरठ, मुजफ्फरनगर समेत 9 जिलों के करीब 1 लाख कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा।

EPFO ने कवरेज के लिए मासिक वेतन सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी है। फैसले से मेरठ समेत आसपास के आठ जिलों के करीब एक लाख कर्मचारियों को लाभ मिलने की बात कही गई है।

मेरठ: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने के लिए EPFO Salary Limit को 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रति माह करने की जानकारी दी है। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-प्रथम अंकुर पी. गुप्ता के अनुसार, इससे मेरठ मंडल के मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, गाजियाबाद, बुलंदशहर, शामली, हापुड़, बागपत और बिजनौर के करीब एक लाख कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।

EPFO Salary Limit बढ़ने से मेरठ मंडल के करीब एक लाख कर्मचारियों को लाभ

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने EPFO कवरेज के लिए मासिक वेतन सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी है। इस बदलाव से मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, गाजियाबाद, बुलंदशहर, शामली, हापुड़, बागपत और बिजनौर के करीब एक लाख कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।

नौ जिलों के कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-प्रथम अंकुर पी. गुप्ता ने पत्रकार वार्ता में बताया कि नई वेतन सीमा का लाभ मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, गाजियाबाद, बुलंदशहर, शामली, हापुड़, बागपत और बिजनौर के लगभग एक लाख कर्मचारियों को मिलेगा।

EPFO की ओर से सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का दायरा बढ़ाने के साथ पात्र कर्मचारियों को व्यवस्था से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है।

EEC योजना से छूटे कर्मचारियों को जोड़ने की पहल

एंप्लाय एनरोलमेंट कैंपेन (EEC) के तहत ऐसे पात्र कर्मचारियों को EPFO के दायरे में लाने का प्रयास किया जा रहा है, जो फिलहाल सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से बाहर हैं।

अभियान के तहत पिछली अवधि के लिए छूटे कर्मचारियों का अंशदान माफ रहेगा। वहीं, नियोक्ता को संबंधित अवधि के लिए डैमेज के रूप में केवल 100 रुपये की एकमुश्त राशि जमा करनी होगी। पत्रकार वार्ता में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना की जानकारी भी दी गई।

सैनिक परिवारों की 11 समस्याओं पर भी हुई सुनवाई

मेरठ में जिला सैनिक बंधु की बैठक के दौरान पूर्व सैनिकों, शहीद और दिवंगत सैनिकों के स्वजन तथा उनके आश्रितों से जुड़ी कुल 11 समस्याएं सामने आईं। एडीएम प्रशासन विजय वर्धन तोमर की अध्यक्षता में हुई बैठक में भूमि और पुलिस से संबंधित मामलों पर चर्चा की गई।

संबंधित विभागों के अधिकारियों को इन समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए गए। सैनिक कल्याण निदेशालय लखनऊ से प्राप्त शिकायतों पर भी चर्चा हुई। सैनिक कल्याण बोर्ड के अधिकारियों ने बलिदानी सैनिकों के नाम पर सड़कों के नामकरण से जुड़ी मांगों के लंबित रहने का मुद्दा उठाया।

अधिकारियों के अनुसार, इस संबंध में पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट का इंतजार है। एडीएम प्रशासन ने सभी मामलों का सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए।

Leave a comment