प्रसिद्ध तेलुगु फिल्मकार दासारी नारायण राव की 80वीं जयंती पर विशाखापत्तनम में शॉर्ट फिल्म प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में अभिनेता मुरली मोहन सहित कई हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया।
विशाखापट्नम : प्रसिद्ध तेलुगु फिल्म निर्देशक और पद्मश्री से सम्मानित दिग्गज फिल्मकार दासरी नारायण राव की 80वीं जयंती के अवसर पर आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन रायटर्स एकेडमी द्वारा वीएमआरडीए चिल्ड्रन एरिना में सोमवार को किया गया, जिसमें शॉर्ट फिल्म प्रतियोगिता 2026 के पुरस्कार भी वितरित किए गए।
इस अवसर पर फिल्म जगत से जुड़े कई कलाकार, निर्देशक, लेखक और युवा फिल्म निर्माता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल दासरी नारायण राव को श्रद्धांजलि देना था, बल्कि युवा फिल्म प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना भी था।
दासरी नारायण राव: तेलुगु सिनेमा के महान निर्देशक को श्रद्धांजलि
दासरी नारायण राव को भारतीय सिनेमा में एक ऐसे निर्देशक के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने सामाजिक मुद्दों को फिल्मों के माध्यम से प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया। उन्हें अक्सर “दर्शक रत्न” के नाम से भी जाना जाता है।
उनकी फिल्मों ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने का भी काम किया। उनकी 80वीं जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम उनके योगदान को याद करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बन गया।
शॉर्ट फिल्म प्रतियोगिता 2026 के विजेताओं को मिला सम्मान
इस आयोजन का मुख्य आकर्षण शॉर्ट फिल्म प्रतियोगिता 2026 के पुरस्कार वितरण समारोह रहा। देशभर से आए युवा फिल्म निर्माताओं ने अपनी रचनात्मकता और कहानी कहने की क्षमता का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि यह मंच नई पीढ़ी के फिल्मकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करता है।
मुख्य अतिथि मुरली मोहन ने दी श्रद्धांजलि
इस कार्यक्रम में वरिष्ठ अभिनेता और पूर्व सांसद मगंती मुरली मोहन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने दासरी नारायण राव को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि विशाखापत्तनम में उनकी जयंती का आयोजन होना गर्व की बात है।
मुरली मोहन ने कहा कि दासरी नारायण राव ने तेलुगु सिनेमा को नई दिशा दी और समाज से जुड़े विषयों को फिल्मों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
उन्होंने यह भी कहा कि युवा फिल्म निर्माताओं को उनके कार्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए और सिनेमा को समाज परिवर्तन का माध्यम बनाना चाहिए।
रायटर्स एकेडमी की पहल: युवा प्रतिभाओं को मंच
कार्यक्रम का आयोजन रायटर्स एकेडमी द्वारा किया गया, जिसका उद्देश्य साहित्य, सिनेमा और कला के क्षेत्र में नई प्रतिभाओं को आगे लाना है।
संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि शॉर्ट फिल्म प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं को अपनी कहानियां दुनिया के सामने रखने का अवसर देना है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में शॉर्ट फिल्में एक प्रभावी माध्यम बन चुकी हैं, जिससे नए फिल्मकार अपनी पहचान बना सकते हैं।
विशाखापत्तनम बना सांस्कृतिक केंद्र
इस आयोजन ने विशाखापत्तनम को एक बार फिर सांस्कृतिक और सिनेमाई गतिविधियों के केंद्र के रूप में स्थापित किया। शहर में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कला प्रेमी और छात्र शामिल हुए।
आयोजन स्थल वीएमआरडीए चिल्ड्रन एरिना में पूरे दिन फिल्म स्क्रीनिंग, सम्मान समारोह और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां चलती रहीं।
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युवा फिल्मकारों में उत्साह
शॉर्ट फिल्म प्रतियोगिता में भाग लेने वाले युवा फिल्म निर्माताओं ने इस मंच को अपने करियर के लिए महत्वपूर्ण बताया।
प्रतिभागियों का कहना था कि इस तरह के आयोजन उन्हें न केवल प्रोत्साहन देते हैं, बल्कि इंडस्ट्री से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करते हैं।
जजों ने प्रतिभागियों की रचनात्मकता, कहानी कहने की शैली और तकनीकी कौशल की सराहना की।
दासरी नारायण राव की विरासत
दासरी नारायण राव का योगदान भारतीय सिनेमा में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। उन्होंने अपने करियर में कई यादगार फिल्में दीं और सामाजिक मुद्दों को बड़े पर्दे पर मजबूती से उठाया।
वे न केवल एक निर्देशक थे, बल्कि लेखक, अभिनेता और निर्माता के रूप में भी सक्रिय रहे। उनकी फिल्मों में समाज, राजनीति और मानवीय भावनाओं का गहरा चित्रण देखने को मिलता है।
सिनेमा और समाज पर प्रभाव
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि दासरी नारायण राव की फिल्मों ने समाज में जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनकी फिल्मों ने गरीबी, भ्रष्टाचार, पारिवारिक मूल्य और सामाजिक असमानता जैसे मुद्दों को दर्शाया, जिससे दर्शकों में सोचने की नई दिशा विकसित हुई।
फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों की उपस्थिति
इस अवसर पर फिल्म उद्योग से जुड़े कई वरिष्ठ और युवा कलाकार मौजूद रहे। सभी ने दासरी नारायण राव को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया।
कार्यक्रम में फिल्म जगत के प्रतिनिधियों ने कहा कि ऐसे आयोजन भारतीय सिनेमा की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं।
सांस्कृतिक महत्व और भविष्य की दिशा
विशाखापत्तनम में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक श्रद्धांजलि समारोह नहीं था, बल्कि यह भारतीय फिल्म संस्कृति को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी था।
आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे ताकि युवा प्रतिभाओं को लगातार मंच मिलता रहे।







