भारत इस बार Deaflympics 2025 (बधिर ओलंपिक) में इतिहास रचने को तैयार है। देश अब तक का अपना सबसे बड़ा 111 सदस्यीय दल टोक्यो भेज रहा है। इस दल की ध्वजवाहक बनी हैं तीन बार की स्वर्ण पदक विजेता जर्लिन जयरातचागन, जो भारत का नेतृत्व करते हुए उद्घाटन समारोह में तिरंगा लहराएंगी।
स्पोर्ट्स न्यूज़: तीन बार की स्वर्ण पदक विजेता जर्लिन जयरातचागन को 15 नवंबर से टोक्यो में शुरू हो रहे बधिर ओलंपिक के लिए भारत की ध्वजवाहक नियुक्त किया गया है। इस बार भारत इस प्रतियोगिता में रिकॉर्ड 111 सदस्यीय दल भेज रहा है। बुधवार को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेल सचिव हरी रंजन राव ने भारतीय दल को औपचारिक रूप से विदाई दी।
खिलाड़ियों का पहला जत्था गुरुवार को टोक्यो के लिए रवाना होगा। इस अवसर पर खिलाड़ियों और अधिकारियों में उत्साह का माहौल देखा गया और सभी ने देश के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का संकल्प लिया।
भारत का अब तक का सबसे बड़ा दल टोक्यो रवाना
Deaflympics 2025 में भारत की भागीदारी ऐतिहासिक मानी जा रही है। इस बार भारत से 111 खिलाड़ियों का दल भाग लेगा, जिसमें पुरुष और महिला दोनों वर्गों के खिलाड़ी शामिल हैं। यह अब तक का सबसे बड़ा भारतीय प्रतिनिधिमंडल है, जो किसी बधिर ओलंपिक में भाग ले रहा है। भारतीय दल कई खेलों में अपनी दावेदारी पेश करेगा, जिनमें एथलेटिक्स, बैडमिंटन, शूटिंग, तैराकी, कुश्ती, जूडो, टेबल टेनिस, और क्रिकेट शामिल हैं।
तीन बार की Deaflympics गोल्ड मेडलिस्ट जर्लिन जयरातचागन को इस बार भारतीय दल की फ्लैग बियरर (ध्वजवाहक) नियुक्त किया गया है। यह उनके करियर का तीसरा बधिर ओलंपिक होगा, लेकिन पहली बार उन्हें देश का ध्वज थामने का सम्मान मिला है। जर्लिन ने भावुक होकर कहा, भारत की ध्वजवाहक चुना जाना मेरे लिए गर्व और भावनाओं से भरा क्षण है। यह मेरा तीसरा बधिर ओलंपिक है, लेकिन पहली बार मैं अपने देश का ध्वज लेकर नेतृत्व करूंगी। यह अनुभव मेरे जीवन का सबसे यादगार पल होगा।

खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने दी शुभकामनाएं
केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने भारतीय खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत खेलों में समावेशिता की दिशा में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा,
'विशेष खिलाड़ियों के लिए आयोजित वैश्विक टूर्नामेंटों में भारत की तेजी से हो रही प्रगति गर्व की बात है। इस बार बधिर ओलंपिक में अब तक का सबसे बड़ा भारतीय दल भेजा जा रहा है। हर वर्ष हमारे पदकों की संख्या बढ़ रही है और मुझे विश्वास है कि इस बार हम ब्राजील से भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे।'
भारत ने पिछले कुछ वर्षों में बधिर ओलंपिक में उल्लेखनीय प्रगति की है। ब्राजील Deaflympics 2022 में भारत ने अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था, जहां भारतीय खिलाड़ियों ने 16 पदक (8 स्वर्ण, 2 रजत, 6 कांस्य) जीतकर नया इतिहास रचा था। इस बार टोक्यो में, भारत के खिलाड़ियों का लक्ष्य 20 से अधिक पदक जीतने का है। खेल विश्लेषकों का मानना है कि भारत की इस बार की टीम पहले से कहीं ज्यादा संतुलित और अनुभवी है।
खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रशिक्षण और सुविधाएं
स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) और अखिल भारतीय बधिर खेल परिषद (AIDSF) ने मिलकर खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रशिक्षण सुविधाएं दी हैं। दिल्ली, पटियाला और बेंगलुरु में विशेष कोचिंग कैंप आयोजित किए गए।
इसके अलावा खिलाड़ियों को साइन लैंग्वेज इंटरप्रेटर्स, स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट और फिटनेस ट्रेनर्स भी उपलब्ध कराए गए हैं ताकि वे मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत रह सकें।
Deaflympics 2025 का आयोजन 15 नवंबर से 26 नवंबर तक टोक्यो (जापान) में होगा। इसमें 100 से अधिक देशों के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। भारत की नजर न सिर्फ पदक तालिका में बेहतर प्रदर्शन पर है, बल्कि देश की समावेशी खेल नीति को भी वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने पर है।










