बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ मुकदमों में आज अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण फैसला सुनाने की तारीख तय करेगा। फैसले से पहले ढाका और अन्य शहरों में हिंसा, आगजनी और भारी तनाव की स्थिति बनी हुई है।
Bangladesh News: बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ चल रहे मुकदमों में आज अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (International Crime Tribunal) फैसले की तारीख तय करेगा। इस ऐलान से पहले ही देशभर में तनाव फैल गया है। राजधानी ढाका और उसके आसपास के इलाकों में हिंसा, आगजनी और झड़पों की घटनाएं हो रही हैं। हसीना पर हत्या, साजिश और मानवता के खिलाफ अपराध जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। इन मामलों की सुनवाई उसी ट्रिब्यूनल में हुई है, जिसे हसीना ने अपने कार्यकाल में गठित किया था।
ढाका में बिगड़े हालात
फैसले की तारीख तय होने से पहले ही ढाका में हालात बेकाबू हो गए हैं। बुधवार रात को राजधानी के कई इलाकों में Awami League और विपक्षी BNP कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुईं। भीड़ ने कई वाहनों में आग लगा दी और पुलिस पर पथराव किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और BGB (Border Guards Bangladesh) की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गईं। ढाका के अलावा नारायणगंज, चिटगांव और बोगुरा में भी उपद्रव की खबरें मिली हैं।
ट्रिब्यूनल आज तय करेगा फैसले की तारीख
International Crime Tribunal के जज गुलाम मुर्तजा मजूमदार आज यह घोषणा करेंगे कि शेख हसीना के खिलाफ फैसला कब सुनाया जाएगा। यह वही अदालत है जो 2010 में हसीना सरकार ने युद्ध अपराधों की सुनवाई के लिए बनाई थी। उस समय इसी अदालत ने Jamaat-e-Islami और BNP के कई नेताओं को मौत की सजा सुनाई थी। अब यही अदालत हसीना पर फैसला सुनाने की तैयारी में है, जिससे देश में राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है।
शेख हसीना पर गंभीर आरोप

शेख हसीना पर हत्या, साजिश और मानवता के खिलाफ अपराध जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं। इन मामलों की सुनवाई उनकी अनुपस्थिति में जून 2025 से शुरू हुई थी, जब वह देश छोड़ चुकी थीं। अदालत में पेश दस्तावेजों के अनुसार, उनके शासनकाल में विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसक कार्रवाई हुई थी। अभियोजन पक्ष (Prosecution) ने अदालत से मांग की है कि उन्हें दोषी पाए जाने पर मृत्युदंड दिया जाए।
अवामी लीग का मार्च
शेख हसीना की पार्टी Awami League ने फैसले की तारीख तय होने से पहले ही ढाका में मार्च का ऐलान किया है। पार्टी नेताओं ने कहा है कि यह विरोध “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” के खिलाफ है। ढाका विश्वविद्यालय से लेकर गुलशन तक हजारों की संख्या में हसीना समर्थक जमा हो गए हैं। पुलिस और BGB ने पूरे शहर को सुरक्षा घेरे में ले लिया है। ढाका मेट्रो पुलिस के अनुसार, शहर में 15,000 से अधिक सुरक्षा कर्मी तैनात हैं और ड्रोन से निगरानी की जा रही है।
पूर्व सहयोगियों के खिलाफ भी आएगा फैसला
हसीना के साथ-साथ उनके करीबी सहयोगियों — ढाका के पूर्व पुलिस प्रमुख और पूर्व गृह मंत्री — के खिलाफ भी सुनवाई पूरी हो चुकी है। ट्रिब्यूनल अब इन पर भी फैसला सुनाने की तैयारी में है। अभियोजन पक्ष का कहना है कि इन सभी ने हसीना के आदेश पर विपक्षी दलों पर कार्रवाई की थी, जबकि बचाव पक्ष ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है।
विपक्षी BNP का बयान, ‘तानाशाही का अंत होना चाहिए’
विपक्षी BNP ने कहा है कि शेख हसीना को उनके अपराधों की सजा मिलनी ही चाहिए। पार्टी प्रवक्ता रफीकुल इस्लाम ने कहा कि हसीना ने लोकतंत्र को कुचल दिया था और राजनीतिक विरोधियों को खत्म करने की कोशिश की थी। BNP समर्थकों ने कई जगह प्रदर्शन किए, लेकिन पुलिस ने उन्हें बलपूर्वक रोका। ढाका और आसपास के इलाकों में कई BNP नेताओं को हिरासत में लिया गया है।
समर्थक बोले, हसीना के खिलाफ रची गई साजिश
हसीना समर्थकों का कहना है कि यह मुकदमा राजनीतिक बदले की कार्रवाई है। अवामी लीग के वरिष्ठ नेता अब्दुल कादिर ने कहा कि जिस अदालत को शेख हसीना ने 1971 के युद्ध अपराधों की सुनवाई के लिए बनाया था, अब उसी अदालत का इस्तेमाल उनके खिलाफ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “हसीना देश की सुरक्षा और विकास की प्रतीक हैं, उन्हें गद्दार कहना गलत है।”












