अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका चाहे तो ईरान को एक घंटे में खत्म कर सकता है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान की नौसेना और माइन शिप्स को भारी नुकसान पहुंचाया है।
व्हाइट हाउस, वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका चाहे तो ईरान को मात्र एक घंटे में समाप्त किया जा सकता है। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान की नौसेना लगभग पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है। उनका यह बयान मध्य पूर्व में चल रही तनावपूर्ण स्थिति के बीच आया है, जहां अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान लगातार जवाबी हमले कर रहा है।
मिडिल ईस्ट में यह संघर्ष आज तेरहवें दिन में प्रवेश कर चुका है और दोनों तरफ से मिसाइल, बम और गोलाबारूद का आदान-प्रदान जारी है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान को भारी नुकसान पहुंचाया है, लेकिन युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि हम चाहें तो ईरान को एक घंटे के भीतर खत्म कर सकते हैं और वे फिर कभी उठ नहीं पाएंगे।
अमेरिका के पास दुनिया की सबसे बड़ी सेना
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना दुनिया की अब तक की सबसे बड़ी और शक्तिशाली सेना है। उनसे जब पूछा गया कि अगर मोजतबा खामेनेई ईरान के नए सुप्रीम लीडर बने रहते हैं तो क्या अमेरिका ईरान के खिलाफ जीत का दावा करेगा, तो उन्होंने इस पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना का कोई मुकाबला नहीं कर सकता और उनकी ताकत किसी भी देश की सेना के पास नहीं है।
इस दौरान ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ इतिहास में सबसे भीषण प्रहार किया है और उनका काम अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि अमेरिका को ईरान में कुछ बुरे लोगों को खत्म करने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी, जो पिछले 47 वर्षों से अमेरिकी हितों और लोगों के खिलाफ खतरा पैदा कर रहे थे।
माइन शिप का नुकसान
व्हाइट हाउस में मीडिया द्वारा पूछे जाने पर कि क्या स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल कंपनियों को अपने ऑपरेशन जारी रखने देना चाहिए, ट्रंप ने कहा कि यह जरूरी है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना ने एक रात में ईरान के लगभग सभी माइन शिप्स को नष्ट कर दिया, जबकि ईरानी नौसेना का बड़ा हिस्सा समुद्र की गहराई में चला गया।

ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई मध्य पूर्व में सुरक्षा बनाए रखने और समुद्री मार्गों को खुला रखने के लिए की गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान अब अमेरिकी सेना के प्रभाव और नियंत्रण में है और उन्हें किसी भी तरह की उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि वे इससे बच पाएंगे।
ईरान के नए सुप्रीम लीडर
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की अमेरिका और इजरायल के हमलों में मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया है। ट्रंप ने इस पर कोई टिप्पणी करने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना की ताकत के सामने ईरान की योजनाएं और रणनीतियाँ असफल साबित होंगी।
ट्रंप ने बताया कि ईरान पिछले 47 वर्षों से अमेरिकी लोगों और हितों के खिलाफ लगातार हिंसक गतिविधियों में लगा हुआ है। उनका कहना था कि अब ईरान की गतिविधियों पर अमेरिकी सेना का पूरा नियंत्रण है और कोई भी योजना उन्हें नुकसान पहुंचाने में सक्षम नहीं होगी।
मध्य पूर्व में जारी तनाव
मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान-इजरायल के बीच जारी संघर्ष के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। दोनों तरफ से लगातार मिसाइल, बम और गोलाबारूद का आदान-प्रदान हो रहा है। ट्रंप ने कहा कि ईरान पूरी तरह से अमेरिकी सैन्य ताकत के प्रभाव में है और उनके खिलाफ किसी भी तरह का खतरा समाप्त हो चुका है।
ट्रंप ने कहा कि ईरान पूरी तरह से कमजोर हो चुका है और अमेरिका ने उनकी रणनीति और नौसैनिक शक्ति पर निर्णायक प्रभाव डाला है। उनका दावा है कि अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान फिर कभी इस स्तर पर हमला करने में सक्षम नहीं रहेगा।











