दिल्ली के निहाल विहार में 31 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर विनय गुप्ता की मौत के मामले में पुलिस ने पत्नी और उसके तीन रिश्तेदारों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, घटना से पहले CCTV बंद हुआ था। जांच में मारपीट और हत्या के आरोप सामने आए हैं।
नई दिल्ली: दिल्ली के निहाल विहार इलाके में 31 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर विनय गुप्ता की मौत के मामले में पुलिस ने उनकी पत्नी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में आरोप है कि घटना से पहले घर का CCTV कैमरा बंद किया गया और इसके बाद विनय के साथ मारपीट हुई। गंभीर रूप से घायल विनय ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। मामले की जांच जारी है।
घटना से पहले CCTV बंद करने का आरोप
निहाल विहार में सॉफ्टवेयर इंजीनियर विनय गुप्ता की मौत ने परिवार और स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया है। पुलिस के अनुसार, 21 अगस्त को हुई घटना से कुछ समय पहले घर में लगा CCTV कैमरा बंद कर दिया गया था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कैमरा किस परिस्थिति में और किसके कहने पर बंद किया गया।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि CCTV बंद होने के बाद विनय की पत्नी रेखा के भाई और भाभी घर पहुंचे। इसके बाद विनय के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई। गंभीर रूप से घायल विनय को अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने मामले में रेखा सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में रेखा के भाई राजू, वेदप्रकाश और भाभी पूनम भी शामिल हैं। हालांकि, आरोपों और घटना के पूरे क्रम की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
बच्चे की दवा को लेकर शुरू हुआ विवाद
पुलिस के मुताबिक, घटना की शुरुआत परिवार में हुए एक घरेलू विवाद से हुई। शुक्रवार सुबह विनय ने अपनी पत्नी से उनके छोटे बेटे के शरीर पर हुए छालों पर दवा लगाने के लिए कहा था। आरोप है कि रेखा ने ऐसा करने से इनकार किया, जिसके बाद दोनों के बीच बहस हो गई।
पुलिस की जांच के अनुसार, विवाद बढ़ने के बाद रेखा घर से बाहर चली गईं और अपने भाई राजू, वेदप्रकाश तथा भाभी पूनम को वहां बुलाया। कुछ समय बाद उनके घर पहुंचने के बाद स्थिति बिगड़ गई और विनय के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई।
जांचकर्ता अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि घर में मौजूद लोगों के बीच विवाद किस तरह हिंसक हुआ और मारपीट में किसकी क्या भूमिका थी।
पिता ने बताया कैसे बढ़ा विवाद
विनय के पिता प्रेमचंद और मां रेणु गुप्ता भी उसी घर में रहते हैं। परिवार की ओर से पुलिस को दिए गए बयान में घटना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं।
विनय के पिता के मुताबिक, रेखा के मायके से आए लोगों ने बताया था कि वे विनय से बातचीत करने के लिए आए हैं। इसके बाद वह उनके लिए पानी लेने अंदर चले गए। कुछ देर बाद जब वह वापस लौटे तो उन्होंने कथित तौर पर विनय के साथ मारपीट होते देखी।
परिवार का आरोप है कि विनय को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन हमलावरों ने उनकी बात नहीं मानी। विनय की मां ने भी अपने बेटे को बचाने का प्रयास किया। पुलिस अब परिवार के सदस्यों के बयानों का मिलान CCTV फुटेज और अन्य उपलब्ध सबूतों से कर रही है।
मां ने लगाए गंभीर आरोप
विनय की मां के अनुसार, आरोपियों ने उनके बेटे को जमीन पर गिराया और उसके साथ मारपीट की। उन्होंने आरोप लगाया कि विनय को बेड पर पटका गया और गर्दन पकड़ने के साथ पेट पर लात-घूंसे मारे गए।
मां का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो उन्हें भी धक्का दिया गया। स्थिति गंभीर होने पर वह पड़ोसियों को बुलाने के लिए बाहर गईं। जब वह वापस लौटीं, तब विनय की हालत बेहद खराब थी।
परिवार के मुताबिक, विनय को अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर मौत की वास्तविक वजह की भी जांच कर रही है।
नोएडा की कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे विनय
विनय गुप्ता लक्ष्मी पार्क इलाके में रहते थे और नोएडा की एक मल्टीनेशनल कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम करते थे। उनकी शादी करीब साढ़े तीन साल पहले रेखा से हुई थी।
परिवार के अनुसार, दंपती के चार महीने के जुड़वां बच्चे हैं। घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि घरेलू विवाद पहले से चल रहा था या घटना अचानक हुई।
जांचकर्ताओं के सामने अब यह महत्वपूर्ण सवाल है कि घटना से पहले CCTV क्यों बंद किया गया और घर में मौजूद प्रत्येक व्यक्ति की गतिविधि क्या थी।
पत्नी समेत चार लोगों पर हत्या का केस
पुलिस ने रेखा, राजू, वेदप्रकाश और पूनम को गिरफ्तार किया है। निहाल विहार थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या और धारा 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य सबूतों को खंगाल रही है। अधिकारियों का उद्देश्य घटना से पहले से लेकर विनय की मौत तक का पूरा घटनाक्रम स्थापित करना है।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि घर में मौजूद लोगों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की घटना में भूमिका थी या नहीं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर घटना के कारण और कथित हमले की परिस्थितियों को स्पष्ट करने का प्रयास कर रही है।
CCTV और गवाहों के बयान अहम सबूत
इस मामले में CCTV फुटेज जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कैमरा कब बंद हुआ, उससे पहले और बाद में कौन-कौन लोग घर में दाखिल हुए और घटना के समय घर के भीतर क्या गतिविधियां हुईं।
इसके अलावा पड़ोसियों के बयान भी जांच में अहम माने जा रहे हैं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना के दौरान किसी ने शोर, विवाद या मदद की पुकार सुनी थी या नहीं।
मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि इससे विनय की मौत के कारण और शरीर पर लगी चोटों की प्रकृति के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकती है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों तथा पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आई जानकारी के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप अदालत में साबित होना बाकी हैं।
जांच पूरी होने के बाद CCTV फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है। वहीं, विनय की मौत के बाद उनके परिवार के सामने चार महीने के जुड़वां बच्चों की देखभाल समेत कई गंभीर चुनौतियां भी खड़ी हो गई हैं।











