MP में 6 महीने पुरानी ₹104 करोड़ की सड़क बही, UP के 19 जिलों में बाढ़, उत्तराखंड में हाईवे बंद

MP में 6 महीने पुरानी ₹104 करोड़ की सड़क बारिश में बह गई। UP के 19 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं, जबकि उत्तराखंड में गंगोत्री हाईवे बंद है।

लगातार बारिश से मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में हालात बिगड़े हैं। सीधी में ₹104 करोड़ की सड़क बह गई, यूपी के 19 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं और उत्तरकाशी में भूस्खलन से गंगोत्री हाईवे बंद है।

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। मध्य प्रदेश में सीधी की छह महीने पुरानी ₹104 करोड़ की सड़क का हिस्सा बह गया, जबकि यूपी के 19 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हैं। वाराणसी के 84 घाट जलमग्न हैं और उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भूस्खलन के बाद गंगोत्री हाईवे पर आवाजाही बंद हो गई है।

MP में सड़क बही, नाले में तीन लोग बहे

मध्य प्रदेश में लगातार बारिश के कारण कई जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं। सीधी में करीब छह महीने पहले ₹104 करोड़ की लागत से बनी सड़क का बड़ा हिस्सा तेज पानी के बहाव में बह गया। इससे सड़क निर्माण की गुणवत्ता और बारिश के दौरान बुनियादी ढांचे की स्थिति को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।

सतना के नागौद इलाके में ललचहा-इटमा नाले में बाइक समेत तीन लोग बह गए। इनमें बालेंद्र सिंह और दीपू पांडेय तैरकर बाहर निकल आए, जबकि तीसरा व्यक्ति अभी लापता है। पन्ना में भी उफनती नदी में एक डंपर बहने की जानकारी सामने आई है। नरसिंहपुर में रेतघाट पुल भी पानी में डूब गया है।

रविवार को राज्य के 14 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, रायसेन, नर्मदापुरम और बैतूल समेत कई जिलों में तेज बारिश का अनुमान है। भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना, सागर और छतरपुर में भी बारिश हो सकती है।

UP के 19 जिलों में बाढ़ जैसे हालात

उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर से 19 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। 92 गांवों की फसलें पानी में डूब गई हैं, जबकि 26 गांवों का संपर्क अन्य क्षेत्रों से कट गया है। प्रभावित इलाकों में नाव और मोटर बोट के जरिए राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।

प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने से घाट और रिवर फ्रंट जलमग्न हैं। दारागंज घाट की सीढ़ियां पानी में डूबने के बाद अंतिम संस्कार के लिए सड़क का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। बड़े हनुमान मंदिर की सीढ़ियों तक भी पानी पहुंच गया है।

वाराणसी में सभी 84 प्रमुख घाट जलमग्न हो चुके हैं। अस्सी घाट पर जहां दुकानें लगती थीं, वहां अब नावें चल रही हैं। दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती छत पर कराई जा रही है। वरुणा नदी का पानी रिहाइशी कॉलोनियों तक पहुंच गया है।

कानपुर में गंगा के साथ पांडू नदी का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है। निचले इलाकों के कई घरों में चार से छह फीट तक पानी भरने की स्थिति सामने आई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी है।

उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से गंगोत्री हाईवे बंद

उत्तराखंड में लगातार बारिश के बीच उत्तरकाशी में शनिवार को भूस्खलन हुआ। इसके कारण गंगोत्री हाईवे पर मलबा आने से मार्ग बंद हो गया। जोशियाड़ा क्षेत्र में बारिश का पानी घरों में घुस गया है।

प्रदेश में करीब 80 सड़कें बंद बताई गई हैं। इनमें नैनीताल की 15, जबकि चमोली और पिथौरागढ़ की 13-13 सड़कें शामिल हैं। देहरादून में तमसा नदी के उफान पर आने से टपकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में भी बाढ़ की स्थिति बनी है। मसूरी में भारी बारिश के दौरान पेड़ गिरने से एक होटल की छत को नुकसान पहुंचा।

हिमाचल प्रदेश के मंडी में बारिश के कारण पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे पर सड़क धंस गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है। हालांकि राज्य में अगले कुछ दिनों में मानसून कमजोर पड़ने और अधिकांश इलाकों में मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है।

कई राज्यों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 24 अगस्त को ओडिशा में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी है। अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश की संभावना है।

25 अगस्त को भी ओडिशा में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। इसके अलावा कई पूर्वोत्तर राज्यों, बिहार, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश का अनुमान है।

दिल्ली में भी सुबह से कई इलाकों में बारिश हुई है। दिल्ली एयरपोर्ट के आसपास खराब मौसम को लेकर चेतावनी जारी की गई, हालांकि उड़ानों का संचालन सामान्य बताया गया है। यात्रियों को अपनी उड़ान की स्थिति के लिए संबंधित एयरलाइन से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

जम्मू-कश्मीर के रामबन में तेज बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं के बाद प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। लोगों से नदियों, नालों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।

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