देवरिया में मुख्यमंत्री आवास योजना की रफ्तार धीमी, 385 लक्ष्य के मुकाबले मिले सिर्फ 174 आवेदन

देवरिया में मुख्यमंत्री आवास योजना के 385 लक्ष्य के मुकाबले अब तक 174 आवेदन मिले हैं। प्रशासन 211 और पात्र लाभार्थियों की तलाश में जुटा है।

देवरिया में मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 385 आवासों का लक्ष्य मिला है, लेकिन पात्र लाभार्थियों की कमी के कारण अब तक केवल 174 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं। विभाग को लक्ष्य पूरा करने के लिए 211 और पात्रों की तलाश है।

देवरिया: मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत देवरिया जिले में लाभार्थियों के पंजीकरण की रफ्तार अपेक्षा से काफी धीमी है। जिले को 385 आवासों का लक्ष्य मिला है, लेकिन पात्र आवेदकों की कमी के कारण अब तक आधे से भी कम आवेदन प्राप्त हुए हैं। प्रशासन अब पात्र परिवारों की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया तेज करने में जुटा है।

पात्र लाभार्थियों की कमी से लक्ष्य पूरा करना बना चुनौती

देवरिया जिले में मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वर्ष 2026-27 के लिए मिले लक्ष्य को पूरा करना प्रशासन के लिए चुनौती बनता जा रहा है। जिले को कुल 385 आवासों का लक्ष्य मिला है, लेकिन पात्र लाभार्थियों की कमी के कारण अब तक केवल 174 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं। यानी लक्ष्य पूरा करने के लिए अभी 211 और पात्र परिवारों का पंजीकरण होना बाकी है। विभाग का मानना है कि यदि जल्द नए पात्र नहीं मिले तो निर्धारित लक्ष्य हासिल करना मुश्किल हो सकता है।

सत्यापन और जियो टैगिंग का काम जारी

ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार प्राप्त आवेदनों में से अब तक केवल 52 आवेदनों की जियो टैगिंग पूरी हो सकी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आवेदनों का भौतिक सत्यापन और दस्तावेजों की जांच के बाद ही अंतिम पात्रों का चयन किया जाएगा। योजना के तहत चयनित प्रत्येक लाभार्थी को पक्का मकान बनाने के लिए 1.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। प्रशासन पात्र परिवारों की पहचान के लिए ब्लॉक स्तर पर लगातार अभियान चला रहा है।

कई ब्लॉकों में आवेदन संख्या लक्ष्य से काफी कम

ब्लॉकवार स्थिति पर नजर डालें तो कई क्षेत्रों में आवेदन अपेक्षा से काफी कम मिले हैं। बैतालपुर में 25 के लक्ष्य के मुकाबले केवल 8 आवेदन आए हैं, जबकि भलुअनी में 40 के मुकाबले 23 और गौरीबाजार में 35 के मुकाबले 12 आवेदन प्राप्त हुए हैं। भटनी में 25 के सापेक्ष 13, पथरदेवा में 30 के मुकाबले 12 और देवरिया सदर में 20 के मुकाबले केवल 6 आवेदन मिले हैं।

सबसे खराब स्थिति रामपुर कारखाना ब्लॉक की है, जहां 15 आवासों के लक्ष्य के बावजूद अब तक एक भी आवेदन नहीं मिला है। वहीं सलेमपुर में 20 के मुकाबले सिर्फ 2 और तरकुलवा में 15 के मुकाबले केवल 1 आवेदन दर्ज किया गया है। हालांकि बनकटा और बरहज जैसे कुछ ब्लॉकों में लक्ष्य के बराबर या उससे अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं।

इन परिवारों को योजना में दी जाएगी प्राथमिकता

मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ उन परिवारों को दिया जाएगा जिनके पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं है या जो कच्चे घरों में रह रहे हैं। इसके अलावा दिव्यांगजन, 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की निराश्रित विधवा महिलाएं, अनुसूचित जनजाति के परिवार, प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोग, मुसहर, नट और बांसफोर समुदाय, जेई-एईएस प्रभावित परिवार तथा एसिड अटैक पीड़ित भी योजना के पात्र हैं।

विभाग का कहना है कि पात्र लाभार्थियों की तलाश लगातार जारी है। अधिकारियों को गांव-गांव जाकर ऐसे परिवारों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को योजना का लाभ मिल सके और जिले को मिला आवास निर्माण का लक्ष्य समय पर पूरा किया जा सके।

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