Cement Stocks में एक बार फिर रफ्तार लौटती दिख रही है। देश के कई हिस्सों में सीमेंट कीमतें बढ़ी हैं। ब्रोकरेज Emkay के मुताबिक फरवरी में और तेजी संभव है, जिससे सीमेंट कंपनियों के मार्जिन मजबूत हो सकते हैं।
Cement Stocks को लेकर बाजार में एक बार फिर सकारात्मक माहौल बनता दिख रहा है। देश के कई हिस्सों में सीमेंट के दाम बढ़ने शुरू हो गए हैं और फरवरी में इसमें आगे और तेजी की उम्मीद जताई जा रही है। ब्रोकरेज फर्म Emkay की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, जिन कंपनियों की पकड़ नॉन-ट्रेड सेगमेंट में मजबूत है, उन्हें इस कीमत बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा फायदा मिल सकता है।
सीमेंट की कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में देखने को मिल रही है, जब दिसंबर में मांग मजबूत रही थी और जनवरी में कंपनियों ने दाम बढ़ाने की पहल शुरू कर दी है। यही वजह है कि निवेशकों का ध्यान एक बार फिर सीमेंट सेक्टर और इससे जुड़े शेयरों पर जा रहा है।
Cement Price Hike से बदला माहौल
पिछले 2–3 दिनों में देश के कई हिस्सों में सीमेंट की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। Emkay के मुताबिक, नॉन-ट्रेड सेगमेंट में औसतन ₹15–20 प्रति बैग की बढ़ोतरी हुई है। वहीं ट्रेड सेगमेंट में यह बढ़ोतरी कुछ राज्यों में सीमित रही है और यहां दाम ₹5–7 प्रति बैग तक ही बढ़े हैं।
कंपनियों ने यह कदम मजबूत दिसंबर डिमांड के बाद उठाया है। निर्माण गतिविधियों में तेजी और सरकारी परियोजनाओं के चलते दिसंबर के दूसरे हिस्से में सीमेंट की खपत अच्छी रही थी। इसका असर अब जनवरी में कीमतों पर दिखने लगा है।
जनवरी की शुरुआत में मांग रही कमजोर
Emkay की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2026 के पहले पखवाड़े में सीमेंट की मांग में थोड़ी सुस्ती देखी गई है। दिसंबर के मुकाबले जनवरी की शुरुआत धीमी रही, लेकिन इसे अस्थायी माना जा रहा है।
मार्केट से मिले संकेत बताते हैं कि मार्च 2026 के आखिर तक सीमेंट की मांग में धीरे-धीरे सुधार हो सकता है। अगर जनवरी के दूसरे हिस्से में निर्माण गतिविधियां तेज होती हैं और मौजूदा बढ़े हुए दाम बाजार में टिक जाते हैं, तो फरवरी 2026 के पहले हफ्ते में सीमेंट कंपनियां फिर से कीमतें बढ़ा सकती हैं।
कच्चे माल की लागत से राहत
सीमेंट कंपनियों के लिए राहत की बात यह है कि कच्चे माल की लागत में फिलहाल कोई बड़ा इजाफा नहीं हुआ है। सीमेंट निर्माण में इस्तेमाल होने वाला पेट कोक और कोयला दिसंबर 2025 के स्तर के आसपास ही बना हुआ है।
पेट कोक की कीमत करीब 118 डॉलर प्रति टन और कोयले की कीमत लगभग 102 डॉलर प्रति टन पर है। इसका मतलब यह है कि कंपनियों पर लागत का अतिरिक्त दबाव नहीं है और कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा फायदा उनके मार्जिन पर पड़ सकता है।
उत्तर भारत में ठंड बनी बाधा
उत्तर भारत में 10 जनवरी से सीमेंट के दाम बढ़ाए गए हैं। यहां नॉन-ट्रेड सेगमेंट में ₹10–15 प्रति बैग और ट्रेड सेगमेंट में करीब ₹5 प्रति बैग की बढ़ोतरी हुई है।
हालांकि, कड़ाके की ठंड की वजह से निर्माण कार्यों पर असर पड़ा है। ठंड के चलते कई जगहों पर काम धीमा हो गया है, जिससे मांग फिलहाल कमजोर बनी हुई है। Emkay का मानना है कि जैसे ही मौसम में सुधार होगा, निर्माण गतिविधियां तेज होंगी और मांग में भी सुधार देखने को मिलेगा।
मध्य भारत में कीमतों की मजबूती
मध्य भारत में सीमेंट की कीमतों में स्थिर लेकिन सकारात्मक रुख देखा गया है। यहां नॉन-ट्रेड सेगमेंट में ₹15 प्रति बैग की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
ट्रेड सेगमेंट में कीमतें अभी दिसंबर के स्तर पर ही बनी हुई हैं। इसके बावजूद, नॉन-ट्रेड सेगमेंट की मजबूती इस बात का संकेत है कि कंपनियां धीरे-धीरे कीमतें बढ़ाने में सफल हो रही हैं।
पूर्वी भारत में तेज बढ़ोतरी
पूर्वी भारत में सीमेंट की कीमतों में ज्यादा मजबूती देखने को मिली है। 13 जनवरी से यहां ट्रेड और नॉन-ट्रेड दोनों सेगमेंट में ₹20 प्रति बैग की बढ़ोतरी की गई है।
हालांकि, पश्चिम बंगाल को छोड़कर अन्य राज्यों में ट्रेड बिक्री कीमतें दिसंबर के मुकाबले ₹5–7 प्रति बैग ज्यादा रही हैं। नॉन-ट्रेड सेगमेंट में भी यहां ₹10 प्रति बैग की तेजी दर्ज की गई है। यह दर्शाता है कि इस क्षेत्र में डिमांड की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर बनी हुई है।
पश्चिम और दक्षिण भारत में मिला-जुला रुझान
पश्चिम और दक्षिण भारत में सीमेंट कीमतों का असर मिला-जुला रहा है। नॉन-ट्रेड सेगमेंट में यहां ₹15–20 प्रति बैग तक की बढ़ोतरी देखने को मिली है।
गुजरात में ट्रेड सेगमेंट की कीमतों में ₹5–10 प्रति बैग की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं महाराष्ट्र में 15 जनवरी को होने वाले स्थानीय चुनावों के कारण जनवरी के पहले हिस्से में मांग कमजोर रही है। चुनावी गतिविधियों और अस्थायी रुकावटों के चलते निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है।
Non-Trade Segment वाली कंपनियों को फायदा
Emkay का साफ मानना है कि नॉन-ट्रेड सेगमेंट में ज्यादा एक्सपोजर रखने वाली कंपनियों को इस कीमत बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा। नॉन-ट्रेड सेगमेंट में कंपनियों की कीमत तय करने की क्षमता ज्यादा होती है, जिससे मार्जिन बेहतर रहते हैं।
ब्रोकरेज के अनुसार Dalmia Bharat, UltraTech Cement, JK Cement और JSW Cement इस कैटेगरी में मजबूत स्थिति में हैं। इन कंपनियों की बाजार में पकड़ अच्छी है और डिमांड बढ़ने पर ये कीमतों का फायदा बेहतर तरीके से उठा सकती हैं।
Emkay की टॉप पिक्स कौन सी
मांग में संभावित सुधार और फरवरी में कीमतों में और तेजी की उम्मीद को देखते हुए Emkay ने बड़ी सीमेंट कंपनियों में निवेश का मौका बताया है।
ब्रोकरेज ने UltraTech Cement, Shree Cement और JK Cement को अपनी टॉप पिक्स में बनाए रखा है। इसके अलावा Star Cement को भी पसंदीदा शेयरों की लिस्ट में शामिल किया गया है। Emkay का मानना है कि इन कंपनियों के फंडामेंटल मजबूत हैं और आने वाले महीनों में इनके प्रदर्शन में सुधार देखने को मिल सकता है।











