सोना और चांदी के ETFs में सोमवार को जोरदार तेजी रही। Silver ETFs 8-9% और Gold ETFs 5-9% बढ़े। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित संपत्ति की ओर शिफ्ट हुए, जिससे ETFs में उछाल आया।
Gold-Silver ETFs: सोमवार, 2 मार्च 2026 को सोना और चांदी के एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) में जोरदार तेजी देखने को मिली। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। इस दौरान कीमती धातुओं में आई तेजी सीधे ETFs पर असर डाल रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब वैश्विक शेयर बाजार और जोखिम वाले एसेट दबाव में होते हैं, तो निवेशक अपनी पूंजी सुरक्षित संपत्ति जैसे सोना और चांदी में स्थानांतरित करते हैं। यही कारण है कि ETFs में जोरदार उछाल देखने को मिला।
Silver ETFs में 8-9% की तेजी
सोमवार को सिल्वर ETFs में शानदार उछाल दर्ज किया गया। HDFC सिल्वर ETF 8.5 प्रतिशत बढ़ा, कोटक सिल्वर ETF 8 प्रतिशत ऊपर गया। Nippon India Silver ETF और ICICI Prudential Silver ETF लगभग 9 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुए। SBI Silver ETF में 8.3 प्रतिशत की बढ़त रही, जबकि Axis Silver ETF 8.9 प्रतिशत तक चढ़ा।
इस तेजी का मुख्य कारण वैश्विक अस्थिरता और निवेशकों का सुरक्षित विकल्प की ओर रुख है। Silver ETFs में यह उछाल निवेशकों की सुनियोजित रणनीति को दर्शाता है।
Gold ETFs की चमक भी 9% तक बढ़ी
गोल्ड ETFs में भी सोमवार को मजबूत तेजी देखने को मिली। Aditya Birla Sun Life Gold ETF 5.2 प्रतिशत बढ़ा, Axis Gold ETF 5.5 प्रतिशत चढ़ा और Tata Gold ETF 9 प्रतिशत तक उछला। Nippon India Gold ETF में 7.9 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, LIC MF Gold ETF 7 प्रतिशत ऊपर गया और DSP Gold ETF करीब 6 प्रतिशत चढ़ा।
सोने और चांदी के ETFs में आई यह तेजी सीधे MCX पर कीमतों में बढ़ोतरी के अनुरूप रही।
MCX पर सोने-चांदी की कीमतें
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 2 अप्रैल के सोना फ्यूचर्स सोमवार को 3.12 प्रतिशत बढ़कर ₹1,67,155 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गए। चांदी के 5 मई के कॉन्ट्रैक्ट 3.05 प्रतिशत चढ़कर ₹2,91,275 प्रति किलो पर बंद हुए।
ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक सोने में 19.5 प्रतिशत और चांदी में 16 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है। जबकि निफ्टी और सेंसेक्स क्रमशः 0.9 प्रतिशत और 0.85 प्रतिशत नीचे हैं।
क्यों बढ़ी सेफ हेवन एसेट्स की मांग
पश्चिम एशिया में हालात अस्थिर होने के कारण निवेशक सुरक्षित संपत्ति की ओर बढ़े। शनिवार को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर मिसाइल हमले किए। इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर आई।
इसके जवाब में ईरान ने इजराइल, सऊदी अरब, कतर, UAE, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों और अन्य लक्ष्यों पर हमला किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि सेना ने नौ नौसैनिक जहाज डुबो दिए हैं और सभी उद्देश्यों की पूर्ति तक सैन्य अभियान जारी रहेगा।
तेल की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल
पश्चिम एशिया में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। ब्रेंट क्रूड 13 प्रतिशत तक बढ़कर 82 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया। एलकेपी सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे प्रमुख मार्गों से आपूर्ति बाधित होने की आशंका भी कीमतों में उछाल का कारण बन रही है।
इस स्थिति में वैश्विक निवेशक जोखिम से बचने के लिए सोना और चांदी जैसी सुरक्षित संपत्ति में निवेश कर रहे हैं। यही वजह है कि ETFs में तेजी लगातार जारी है।
रिस्क-ऑफ का माहौल
विशेषज्ञों के अनुसार जब वैश्विक शेयर बाजार दबाव में होता है और जोखिम वाले एसेट्स कमजोर होते हैं, तो निवेशक अपनी पूंजी सुरक्षित विकल्पों जैसे Gold-Silver ETFs में डालते हैं। यह अनिश्चितता के खिलाफ एक हेज का काम करता है।
जतीन त्रिवेदी ने कहा कि हालिया सत्रों में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिली है। यदि पश्चिम एशिया में संघर्ष और बढ़ता है, तो यह रुझान आगे भी जारी रह सकता है।











