Stock Market: अमेरिका-ईरान तनाव से सहमा शेयर बाजार, सेंसेक्स 1100 अंक टूटा, निफ्टी भी रही कमजोर

Stock Market: अमेरिका-ईरान तनाव से सहमा शेयर बाजार, सेंसेक्स 1100 अंक टूटा, निफ्टी भी रही कमजोर

United States-Iran तनाव के बीच भारतीय बाजार में तेज गिरावट आई। सेंसेक्स 1100 अंक टूटा, निफ्टी 24900 के नीचे फिसला। एशियाई बाजारों में कमजोरी और कच्चे तेल में उछाल से निवेशकों की चिंता बढ़ी।

Stock Market Update: सप्ताह की शुरुआत भारतीय बाजार के लिए भारी दबाव के साथ हुई। सोमवार 2 मार्च 2026 को बाजार खुलते ही तेज गिरावट देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। सेंसेक्स करीब 1100 अंक गिरकर खुला, जबकि निफ्टी 24900 के नीचे फिसल गया।

बाजार में यह गिरावट अचानक नहीं आई। पिछले कुछ दिनों से मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने ग्लोबल मार्केट में अस्थिरता बढ़ा दी थी। जैसे ही अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई की खबर सामने आई, निवेशकों ने जोखिम कम करना शुरू कर दिया। इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा।

गिफ्ट निफ्टी से मिले कमजोर संकेत

सोमवार सुबह 8:10 बजे गिफ्ट निफ्टी फ्यूचर्स 124 अंक की गिरावट के साथ 25,161 पर कारोबार करता दिखा। यह संकेत दे रहा था कि निफ्टी-50 कमजोर शुरुआत कर सकता है। एशियाई बाजारों में गिरावट के बीच भारतीय बाजार भी दबाव में खुला।

ट्रेडिंग के शुरुआती मिनटों में ही बैंकिंग, आईटी और मेटल सेक्टर में बिकवाली देखी गई। निवेशक फिलहाल सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर झुकते नजर आए। बाजार में वोलैटिलिटी बढ़ने से ट्रेडर्स सतर्क हो गए हैं।

ईरान-अमेरिका विवाद ने बढ़ाई चिंता

रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता आयतोल्ला अली खामेनेई और कई वरिष्ठ अधिकारियों की अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई में मौत की खबर सामने आई है। यह घटना क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकती है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने बयान दिया है कि ईरान की जवाबी कार्रवाई में जिन अमेरिकी सैनिकों की जान गई है, उनकी मौत का बदला लिया जाएगा। इस बयान के बाद बाजार में घबराहट और बढ़ गई। निवेशकों को डर है कि अगर यह टकराव लंबा खिंचता है तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

एशियाई बाजारों में भारी गिरावट

ग्लोबल मार्केट की बात करें तो एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में सोमवार सुबह बड़ी गिरावट देखी गई। जापान का निक्केई 225 करीब 2.7 प्रतिशत गिर गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी 2.43 प्रतिशत तक लुढ़क गया।

अमेरिका के शेयर बाजार के फ्यूचर्स में भी रविवार को 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई। एसएंडपी 500 और डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज दोनों 1.11 प्रतिशत नीचे बंद हुए। एशियाई कारोबार के दौरान डाउ जोंस और एसएंडपी 500 के फ्यूचर्स भी क्रमशः 0.6 प्रतिशत और 0.54 प्रतिशत की गिरावट में कारोबार करते दिखे।

ग्लोबल कमजोरी का सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। विदेशी निवेशकों की बिकवाली से दबाव और बढ़ गया।

कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल

भू-राजनीतिक तनाव का सबसे बड़ा असर कमोडिटी बाजार में दिखा। ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 13.76 प्रतिशत उछलकर 82.37 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। यह जनवरी 2025 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।

तेल सप्लाई के लिहाज से अहम क्षेत्र में तनाव बढ़ने से चिंता और गहरा गई है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल सप्लाई गुजरती है, इस समय चर्चा का केंद्र बना हुआ है। अभी इस समुद्री रास्ते को बंद नहीं किया गया है, लेकिन हमले के डर से कई टैंकर दोनों ओर रुके हुए हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ जहाजों को बीमा मिलने में भी दिक्कत आ सकती है। अगर सप्लाई चेन प्रभावित होती है तो तेल की कीमतों में और उछाल आ सकता है। इसका असर भारत जैसे तेल आयातक देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

भारतीय बाजार पर तेल महंगाई का असर

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई देता है। तेल महंगा होने से कंपनियों की लागत बढ़ सकती है। इससे मुनाफे पर दबाव आ सकता है।

ऑटो, एविएशन और पेंट कंपनियों जैसे सेक्टर विशेष रूप से प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा, बढ़ती तेल कीमतों से महंगाई बढ़ने की आशंका भी रहती है। अगर महंगाई बढ़ती है तो ब्याज दरों पर भी असर पड़ सकता है।

निवेशक फिलहाल इन सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए सतर्क रुख अपना रहे हैं।

आईपीओ बाजार में हलचल

जहां एक ओर शेयर बाजार में गिरावट है, वहीं IPO मार्केट में गतिविधि जारी है। स्ट्राइडर्स इम्पेक्स IPO को अप्लाई करने का सोमवार को तीसरा और अंतिम दिन है। यह 36.29 करोड़ रुपये का बुक बिल्ड इश्यू है। इसमें नए शेयर जारी किए जा रहे हैं और ऑफर फॉर सेल भी शामिल है। कंपनी के शेयरों की संभावित लिस्टिंग 6 मार्च को हो सकती है।

वहीं एसेटेक ई-कॉमर्स का IPO दूसरे दिन में प्रवेश कर चुका है। यह 48.95 करोड़ रुपये का इश्यू है और इसमें केवल नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसकी संभावित लिस्टिंग 9 मार्च को हो सकती है।

बाजार की मौजूदा अस्थिरता के बीच निवेशकों को IPO में निवेश से पहले जोखिम का आकलन जरूर करना चाहिए।

Leave a comment