धनबाद में इलाज कराने आई गर्भवती महिला की ट्रक की चपेट में आने से मौत, गोविंदपुर में जीटी रोड जाम; पति और बच्चे बाल-बाल बचे

धनबाद के गोविंदपुर में इलाज कराकर लौट रही गर्भवती महिला की बाइक को ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में महिला की मौत के बाद जीटी रोड जाम किया गया।
धनबाद में इलाज कराने आई गर्भवती महिला की ट्रक की चपेट में आने से मौत, गोविंदपुर में जीटी रोड जाम; पति और बच्चे बाल-बाल बचे
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झारखंड के धनबाद जिले के गोविंदपुर में सोमवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में गर्भवती महिला की मौत हो गई। अमरपुर के पास जीटी रोड पर तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। बाइक पर महिला अपने पति और दो बच्चों के साथ सवार थी। टक्कर के बाद महिला सड़क पर गिर गई और ट्रक की चपेट में आ गई। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पति और दोनों बच्चे बाल-बाल बच गए। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने मुआवजे की मांग को लेकर जीटी रोड जाम कर दिया।

मृतका की पहचान कुलसुम आरा के रूप में हुई है। वह टुंडी थाना क्षेत्र के महाराजगंज-मोहनाद की रहने वाली बताई गई है। हादसे के समय वह गर्भवती थी और इलाज कराने के लिए अपने पति फिरोज अंसारी तथा दोनों बच्चों के साथ बाइक से गोविंदपुर आई थी। डॉक्टर से इलाज कराने के बाद परिवार बाइक से वापस अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान अमरपुर के पास पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक अनियंत्रित हो गई। कुलसुम बाइक से सड़क पर गिर गई और इसी दौरान ट्रक की चपेट में आ गई। गंभीर रूप से कुचल जाने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। ट्रक चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलने पर गोविंदपुर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और ट्रक तथा बाइक को कब्जे में ले लिया। पुलिस फरार चालक की तलाश कर रही है और हादसे की जांच शुरू कर दी गई है।

घटना के समय कुलसुम के पिता भी दूसरी बाइक से पीछे-पीछे आ रहे थे। हादसे की जानकारी मिलते ही वह मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में मृतका के अन्य परिजन और स्थानीय लोग भी घटनास्थल पर जुट गए। गर्भवती महिला की मौत से लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर मुआवजे की मांग शुरू कर दी और देखते ही देखते जीटी रोड पर आवागमन बाधित हो गया।

सड़क जाम होने के कारण जीटी रोड पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक जाम का असर करीब छह किलोमीटर तक दिखाई दिया। दिल्ली लेन पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ और राहगीरों तथा वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना था कि गोविंदपुर क्षेत्र में सड़क और निर्माण कार्य से जुड़ी समस्याओं के कारण पहले से ही यातायात व्यवस्था प्रभावित रहती है और आए दिन हादसे हो रहे हैं।

लोगों की मुख्य मांग मृतका के आश्रित परिवार को उचित मुआवजा देने की थी। सूचना मिलने के बाद गोविंदपुर के सीओ यशवंत कुमार सिन्हा और थाना प्रभारी विष्णु प्रसाद राउत मौके पर पहुंचे। जिला परिषद सदस्य सोहराब अंसारी और झामुमो नेता एजाज अहमद भी घटनास्थल पर पहुंचे और लोगों से बातचीत की। अधिकारियों ने परिजनों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया।

मौके पर तत्काल आर्थिक सहायता देने का भी आश्वासन दिया गया। अधिकारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों की ओर से व्यक्तिगत रूप से 10-10 हजार रुपये की सहायता समेत कुल 40 हजार रुपये देने की बात कही गई। सीओ ने परिवार को अंबेडकर आवास सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का भरोसा भी दिया। इसके बाद लोगों ने जाम समाप्त किया और जीटी रोड पर यातायात धीरे-धीरे सामान्य हुआ।

हादसे के बाद पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं दुर्घटना में शामिल ट्रक को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस अब ट्रक चालक की पहचान और उसके ठिकाने का पता लगाने में जुटी है। हादसा किस वजह से हुआ, ट्रक की रफ्तार कितनी थी और चालक की लापरवाही कितनी थी, इन सभी बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है।

इस हादसे ने गोविंदपुर के जीटी रोड पर सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस रास्ते से रोजाना बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं, वहां भारी वाहनों की तेज रफ्तार और सड़क की मौजूदा स्थिति लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य और यातायात दबाव के बीच सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किए जाने की जरूरत है।

कुलसुम के साथ हादसे के समय उसके पति और दो छोटे बच्चे भी बाइक पर मौजूद थे। हादसे की भयावहता के बीच पति और दोनों बच्चों का सुरक्षित बच जाना परिवार के लिए एक राहत की बात जरूर है, लेकिन पत्नी और मां की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

रिपोर्ट के अनुसार कुलसुम का मायका जमडीहा में बताया गया है। वह यासीन अंसारी की पुत्री थी। गर्भावस्था के दौरान वह इलाज के लिए पति और बच्चों के साथ गोविंदपुर आई थी। किसी ने नहीं सोचा था कि डॉक्टर को दिखाकर घर लौटते समय रास्ते में ही इतना बड़ा हादसा हो जाएगा। इलाज कराने के बाद घर लौट रहे परिवार के लिए जीटी रोड का सफर आखिरी सफर साबित हुआ।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सिर्फ मुआवजे की मांग ही नहीं की, बल्कि सड़क की स्थिति में सुधार और हादसों पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग भी की है। उनका कहना है कि लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर यातायात नियंत्रण, सड़क की मरम्मत और भारी वाहनों की रफ्तार पर निगरानी जरूरी है। स्थानीय स्तर पर सड़क सुरक्षा से जुड़े उपाय नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में भी ऐसे हादसों का खतरा बना रह सकता है।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशासन की बातचीत के दौरान परिवार को तत्काल 40 हजार रुपये की सहायता के अलावा सरकारी मुआवजा और बीमा क्लेम से आर्थिक मदद दिलाने की बात भी सामने आई। साथ ही सड़क को जल्द दुरुस्त कराने पर सहमति बनने की जानकारी दी गई है। हालांकि सरकारी मुआवजे और अन्य सहायता की अंतिम प्रक्रिया संबंधित विभागों के स्तर पर पूरी की जानी होगी।

धनबाद के गोविंदपुर में हुआ यह हादसा एक बार फिर बताता है कि सड़क पर छोटी सी लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है। एक परिवार इलाज के लिए घर से निकला था और वापस लौटते समय परिवार की एक सदस्य की जान चली गई। पीछे रह गए पति और बच्चों के सामने अब भावनात्मक सदमे के साथ परिवार की जिम्मेदारियों की भी बड़ी चुनौती है।

फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना में शामिल ट्रक को जब्त कर लिया गया है। फरार चालक की तलाश जारी है। वहीं प्रशासन की ओर से परिजनों को आर्थिक सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया गया है। जीटी रोड पर जाम खत्म होने के बाद यातायात बहाल हो गया, लेकिन हादसे के बाद स्थानीय लोगों में सड़क सुरक्षा को लेकर नाराजगी और चिंता बनी हुई है।

 

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