मानसा पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत अर्श डल्ला गैंग से जुड़े दो आरोपितों अमृत पाल सिंह और कुलदीप सिंह को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से पांच पिस्टल और 12 कारतूस बरामद हुए।
मानसा: पंजाब के मानसा में पुलिस ने अर्श डल्ला गैंग से जुड़े दो आरोपितों को गिरफ्तार कर बड़ी वारदात की आशंका को टाल दिया। ऑपरेशन प्रहार के तहत कार्रवाई में अमृत पाल सिंह उर्फ जैकी और कुलदीप सिंह उर्फ घुग्गी पकड़े गए। पुलिस ने उनके पास से चार .32 बोर पिस्टल, 12 कारतूस और एक .315 बोर देसी पिस्टल बरामद की है।
नेहरू कॉलेज के पीछे संदिग्ध गतिविधि पर पुलिस ने पकड़ा
जिला पुलिस की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस टीम गश्त कर रही थी। इसी दौरान टीम नेहरू कॉलेज की बैक साइड पहुंची। पुलिस के मुताबिक, वहां दो युवक एक थैले से कुछ निकालकर अपने डब्बे और जेब में डालते हुए दिखाई दिए। संदेह होने पर पुलिस पार्टी ने दोनों को काबू कर लिया।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मानसा शहर के वार्ड नंबर 9 निवासी अमृत पाल सिंह उर्फ जैकी पुत्र गोरा सिंह और गांव मूसा निवासी कुलदीप सिंह उर्फ घुग्गी पुत्र करनैल सिंह के रूप में हुई है। एसएसपी वैभव चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिरफ्तारी और हथियारों की बरामदगी की जानकारी दी।
पांच पिस्टल और 12 कारतूस बरामद
पुलिस ने दोनों आरोपितों के कब्जे से चार .32 बोर पिस्टल के साथ 12 कारतूस और एक .315 बोर देसी पिस्टल बरामद की है। इस मामले में थाना सिटी-2 में आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब अदालत से आरोपितों का पुलिस रिमांड हासिल कर मामले की आगे की जांच करेगी।
एसएसपी के अनुसार, प्राथमिक पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपित अर्श डल्ला गैंग के लिए काम करते थे। पुलिस को यह भी पता चला है कि वे अवैध तरीके से हथियारों की सप्लाई मध्य प्रदेश से मंगवाते थे। जांच एजेंसी अब हथियारों के स्रोत और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाएगी।
दोनों आरोपितों पर पहले से दर्ज हैं कई मामले
पुलिस के मुताबिक, अमृत पाल सिंह के खिलाफ पहले से तीन मामले दर्ज हैं, जबकि कुलदीप सिंह के खिलाफ दो मामले दर्ज हैं। इन मामलों में एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट और लूटपाट से संबंधित मामले शामिल हैं। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था और इनके जरिए किसी वारदात की योजना तो नहीं बनाई जा रही थी।
एसएसपी वैभव चौधरी ने कहा कि दोनों आरोपितों की समय रहते गिरफ्तारी से एक बड़ी वारदात टल गई। पुलिस रिमांड के दौरान हथियारों के स्रोत, सप्लाई नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य आरोपितों के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस प्रतिबद्ध है तथा गैरकानूनी गतिविधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। इस दौरान एसपी जसबिंदर सिंह, डीएसपी जसविंदर सिंह और पुशपिंदर सिंह भी मौजूद रहे।








