Dhoot Transmission IPO: 10 अगस्त को खुलेगा ₹3,067 करोड़ का इश्यू, जानिए निवेश से जुड़ी अहम जानकारी

ऑटो कंपोनेंट निर्माता Dhoot Transmission का ₹3,066.89 करोड़ का IPO 10 अगस्त 2026 को निवेशकों के लिए खुलेगा। कंपनी ने ₹829-871 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया

ऑटोमोबाइल कंपोनेंट निर्माता धूत ट्रांसमिशन का बहुप्रतीक्षित आईपीओ 10 अगस्त को निवेशकों के लिए खुलेगा और 12 अगस्त को बंद होगा। कंपनी ने एंकर निवेशकों के लिए इश्यू को 7 अगस्त से खोलने का फैसला किया है।

बिजनेस न्यूज़: भारत के ऑटोमोबाइल कंपोनेंट सेक्टर की प्रमुख कंपनियों में शामिल Dhoot Transmission अपना बहुप्रतीक्षित प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) 10 अगस्त 2026 को निवेशकों के लिए खोलने जा रही है। कंपनी इस आईपीओ के माध्यम से लगभग ₹3,067 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। ऑटोमोबाइल उद्योग में इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स की बढ़ती मांग के बीच यह इश्यू निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

कंपनी ने अपने आईपीओ के लिए ₹829 से ₹871 प्रति शेयर का प्राइस बैंड निर्धारित किया है। यह इश्यू 12 अगस्त 2026 तक खुला रहेगा, जबकि एंकर निवेशकों के लिए सब्सक्रिप्शन 7 अगस्त से शुरू होगा।

IPO की प्रमुख तारीखें

धूत ट्रांसमिशन का आईपीओ 10 अगस्त को खुलेगा और 12 अगस्त को बंद होगा। शेयर आवंटन (Allotment) की प्रक्रिया 13 अगस्त को पूरी होने की संभावना है। सफल आवेदकों के डीमैट खातों में 14 अगस्त को शेयर जमा कर दिए जाएंगे, जबकि असफल निवेशकों को उसी दिन रिफंड जारी किया जाएगा।कंपनी के शेयर 17 अगस्त 2026 को भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख एक्सचेंजों—BSE और NSE—पर सूचीबद्ध (लिस्ट) होने की उम्मीद है।

कंपनी ने प्रत्येक इक्विटी शेयर का अंकित मूल्य (Face Value) ₹2 रखा है। आईपीओ के लिए निर्धारित प्राइस बैंड ₹829-₹871 प्रति शेयर है। रिटेल निवेशकों के लिए एक लॉट में 17 शेयर होंगे। ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर एक लॉट खरीदने के लिए लगभग ₹14,807 का निवेश करना होगा। रिटेल श्रेणी में निवेशक अधिकतम 13 लॉट के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसके लिए लगभग ₹1.92 लाख का निवेश आवश्यक होगा। कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए विशेष छूट की भी घोषणा की है। पात्र कर्मचारियों को प्रति शेयर ₹80 की छूट प्रदान की जाएगी।

IPO का आकार और संरचना

धूत ट्रांसमिशन का कुल आईपीओ आकार ₹3,067 करोड़ का है। इसमें दो हिस्से शामिल हैं:

  • ₹1,400 करोड़ का फ्रेश इश्यू
  • ₹1,667 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS)

ऑफर फॉर सेल के तहत कंपनी के मौजूदा प्रमोटर और शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचेंगे। वहीं, फ्रेश इश्यू से जुटाई गई राशि सीधे कंपनी के विस्तार और विकास योजनाओं में इस्तेमाल की जाएगी।

जुटाई गई पूंजी का उपयोग

कंपनी ने बताया है कि आईपीओ से प्राप्त धनराशि का उपयोग कई रणनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। इनमें शामिल हैं:

  • मौजूदा ऋणों का आंशिक या पूर्ण पुनर्भुगतान
  • सहायक कंपनियों (Subsidiaries) के कर्ज का निपटान
  • हरियाणा के झज्जर और तमिलनाडु के होसुर में नए वायरिंग हार्नेस विनिर्माण संयंत्रों की स्थापना
  • संभावित अधिग्रहण और विस्तार योजनाएं
  • दीर्घकालिक व्यावसायिक विकास के लिए पूंजीगत निवेश

विशेषज्ञों का मानना है कि इन निवेशों से कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उसकी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत होगी।

कंपनी का व्यवसाय और बाजार स्थिति

धूत ट्रांसमिशन की स्थापना वर्ष 1999 में राहुल धूत द्वारा की गई थी। कंपनी ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का निर्माण करती है। इसके प्रमुख उत्पादों में शामिल हैं:

  • वायरिंग हार्नेस
  • इलेक्ट्रॉनिक सेंसर
  • कंट्रोलर सिस्टम
  • ऑटोमोटिव स्विच
  • पावर कॉर्ड
  • केबल और कनेक्टर
  • टर्मिनल्स

ऑटोमोबाइल क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs), स्मार्ट वाहन तकनीक और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की बढ़ती मांग के कारण कंपनी के उत्पादों की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। ऑटो कंपोनेंट उद्योग भारत के सबसे तेजी से विकसित हो रहे विनिर्माण क्षेत्रों में से एक है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, निर्यात वृद्धि और वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की बढ़ती भूमिका इस सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

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