Dia Mirza on Short Roles: ‘स्क्रीन टाइम नहीं, किरदार की सच्चाई मायने रखती है’, छोटे रोल चुनने पर बोलीं दीया मिर्जा

अभिनेत्री दीया मिर्जा ने छोटे रोल चुनने को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि उनके लिए स्क्रीन टाइम से ज्यादा किरदार की सच्चाई और कहानी में उसका महत्व

Dia Mirza उन अभिनेत्रियों में शामिल हैं जो चुनिंदा प्रोजेक्ट्स पर काम करना पसंद करती हैं और अपने करियर में गुणवत्ता को प्राथमिकता देती हैं। साल 2026 में वह अब तक ‘अल्फा’ और ‘इक्का’ जैसी फिल्मों में नजर आ चुकी हैं, जिनमें उनके अभिनय को सराहा गया है।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: भारतीय फिल्म अभिनेत्री दीया मिर्जा इन दिनों अपने लगातार रिलीज हो रहे प्रोजेक्ट्स को लेकर सुर्खियों में हैं। वर्ष 2026 में अब तक वह कई चर्चित फिल्मों और डिजिटल प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रही हैं। हालांकि, उनके हालिया प्रोजेक्ट्स में उनकी भूमिकाएं अपेक्षाकृत छोटी रही हैं, जिसे लेकर सोशल मीडिया और फिल्म जगत में चर्चा भी हुई।

अब अभिनेत्री ने इस विषय पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया है कि किसी फिल्म या सीरीज में काम करने का निर्णय वह स्क्रीन टाइम के आधार पर नहीं, बल्कि किरदार की गहराई और कहानी में उसके महत्व को देखकर लेती हैं। उनके अनुसार, एक मजबूत और प्रभावशाली चरित्र कुछ मिनटों की मौजूदगी में भी दर्शकों पर गहरा प्रभाव छोड़ सकता है।

“किरदार की सच्चाई सबसे महत्वपूर्ण है”

एक हालिया इंटरव्यू में दीया मिर्जा ने अपने अभिनय करियर और फिल्मों के चयन को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि किसी कहानी का हिस्सा बनने का फैसला केवल इस आधार पर नहीं किया जाना चाहिए कि कलाकार को स्क्रीन पर कितना समय मिलेगा। दीया के अनुसार, किसी भी अभिनेता के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह जिस किरदार को निभा रहा है, उसमें कितनी सच्चाई, भावनात्मक गहराई और प्रभाव मौजूद है। यदि कोई भूमिका कहानी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देती है, तो उसका आकार मायने नहीं रखता।

उन्होंने कहा कि कई बार कलाकार किसी किरदार से भावनात्मक रूप से जुड़ जाता है और महसूस करता है कि वह उस चरित्र के अनुभवों और भावनाओं को ईमानदारी से पर्दे पर उतार सकता है। ऐसे में भूमिका छोटी हो या बड़ी, उसका महत्व कम नहीं होता।

करियर के शुरुआती दौर में थीं अलग प्राथमिकताएं

दीया मिर्जा ने स्वीकार किया कि अपने करियर के शुरुआती वर्षों में उनकी सोच आज से अलग थी। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने फिल्म उद्योग में कदम रखा था, तब वह अपेक्षाकृत युवा और अनुभवहीन थीं। उनके अनुसार, शुरुआती दौर में वह अपने करियर की दिशा समझने की कोशिश कर रही थीं और संभव है कि उस समय उन्होंने कुछ अच्छे प्रोजेक्ट्स केवल इसलिए छोड़ दिए हों क्योंकि उनमें उनकी भूमिका लंबी नहीं थी।

हालांकि, समय के साथ उनके दृष्टिकोण में बदलाव आया। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में उन्होंने कभी भी किसी भूमिका का मूल्यांकन केवल उसके स्क्रीन टाइम के आधार पर नहीं किया। अब उनके लिए कहानी और किरदार की गुणवत्ता कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।

बदलते सिनेमा में बदल रही है भूमिकाओं की परिभाषा

फिल्म उद्योग में पिछले कुछ वर्षों में कहानी कहने का तरीका काफी बदल गया है। आज दर्शक केवल मुख्य पात्रों पर आधारित फिल्मों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मजबूत सहायक किरदारों और बहुस्तरीय कथाओं को भी पसंद कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और कंटेंट-आधारित सिनेमा के बढ़ते प्रभाव ने कलाकारों को अधिक विविध और चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं चुनने का अवसर दिया है। 

ऐसे में कई स्थापित अभिनेता और अभिनेत्रियां अब पारंपरिक “मुख्य भूमिका” की बजाय प्रभावशाली किरदारों को प्राथमिकता दे रहे हैं। दीया मिर्जा का दृष्टिकोण भी इसी बदलते सिनेमाई परिदृश्य को दर्शाता है, जहां किसी भूमिका की लंबाई से अधिक उसके प्रभाव को महत्व दिया जा रहा है।

‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में निभाएंगी अहम किरदार

दीया मिर्जा जल्द ही अपनी नई वेब सीरीज ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में नजर आने वाली हैं। यह सीरीज एक महत्वपूर्ण सैन्य पृष्ठभूमि पर आधारित कहानी को दर्शाती है और इसमें कई प्रमुख कलाकार शामिल हैं। सीरीज में दीया विंग कमांडर टोनी धनोआ की पत्नी की भूमिका निभा रही हैं। भले ही उनका किरदार स्क्रीन पर सीमित समय के लिए दिखाई दे, लेकिन कहानी के भावनात्मक पक्ष को मजबूत बनाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रही है।

अभिनेत्री का मानना है कि ऐसे किरदार अक्सर कहानी में संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण जोड़ते हैं, जो दर्शकों को पात्रों से भावनात्मक रूप से जोड़ने में मदद करते हैं।

7 अगस्त को रिलीज होगी नई सीरीज

‘ऑपरेशन सफेद सागर’ का निर्देशन ओनी सेन ने किया है और यह 7 अगस्त को वैश्विक स्तर पर स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने जा रही है।सीरीज में दीया मिर्जा के अलावा सिद्धार्थ, जिमी शेरगिल, अभय वर्मा, प्राजक्ता कोली, आदिल हुसैन, मिहिर आहूजा, तारुक रैना, अर्णव भसीन और अमृता बागची जैसे कलाकार भी प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे।

इस परियोजना को लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही उत्सुकता बनी हुई है, खासकर इसलिए क्योंकि यह सैन्य इतिहास और मानवीय भावनाओं को एक साथ प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।

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