रिजेक्शन और रिप्लेसमेंट के बाद तारा सुतारिया ने बनाई पहचान, बोलीं- फिल्मों से निकाले जाने पर बहुत तकलीफ होती थी

अभिनेत्री तारा सुतारिया ने टीवी और थिएटर से शुरुआत कर बॉलीवुड में पहचान बनाई। उन्होंने फिल्मों से रिप्लेस होने, रिजेक्शन और आउटसाइडर होने के अनुभव साझा किए।

तारा सुतारिया ने टेलीविजन और म्यूजिकल थिएटर से करियर शुरू कर बॉलीवुड में पहचान बनाई। ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2’ से डेब्यू के बाद उन्होंने कई फिल्मों में काम किया। रिजेक्शन और रिप्लेसमेंट के अनुभवों के बावजूद तारा ने अभिनय और संगीत दोनों पर फोकस जारी रखा।

बॉलीवुड: हिंदी सिनेमा में अपनी पहचान बनाने का सफर हर कलाकार के लिए अलग होता है। कुछ कलाकारों को फिल्मी परिवार की पृष्ठभूमि का फायदा मिलता है, जबकि कुछ कलाकार अपने हुनर, मेहनत और लगातार प्रयास के दम पर इंडस्ट्री में जगह बनाने की कोशिश करते हैं। अभिनेत्री तारा सुतारिया का करियर भी इसी तरह के संघर्ष और अनुभवों से गुजरा है। अभिनय के साथ संगीत और गायकी में रुचि रखने वाली तारा ने टेलीविजन से अपने करियर की शुरुआत की और 2019 में करण जौहर की फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2’ से बॉलीवुड में कदम रखा।

तारा सुतारिया ने अपने अब तक के करियर में रोमांस, ड्रामा, एक्शन और थ्रिलर जैसे अलग-अलग जॉनर की फिल्मों में काम किया है। ‘मरजावां’, ‘तड़प’, ‘हीरोपंती 2’ और ‘एक विलेन रिटर्न्स’ के बाद उन्होंने ‘अपूर्वा’ में मुख्य भूमिका निभाई। इस दौरान उन्हें फिल्मों से रिप्लेस किए जाने और आउटसाइडर होने की चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा।

बचपन से संगीत और मंच से जुड़ी रहीं तारा

तारा सुतारिया का जन्म 19 नवंबर 1995 को मुंबई में हुआ। उन्हें बचपन से ही संगीत और परफॉर्मिंग आर्ट्स में दिलचस्पी थी। उन्होंने कम उम्र में गायन की ट्रेनिंग शुरू कर दी थी। संगीत के अलावा उन्होंने डांस और मंच पर प्रस्तुति देने का अनुभव भी हासिल किया।

तारा करीब 15 साल की उम्र से मंच पर परफॉर्म करती रही हैं। शुरुआती दौर में उनका सपना अभिनेत्री बनने के बजाय एक गायिका और परफॉर्मर बनने का था। फिल्मों में अभिनय का अवसर मिलने के बाद भी संगीत उनके जीवन और करियर का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहा।

उन्होंने म्यूजिकल थिएटर में भी काम किया। तारा रैल पदमसी के प्रोडक्शन ‘ग्रीस’ और अश्विन गिडवानी के ‘ब्लेम इट ऑन यशराज’ जैसे म्यूजिकल प्रोजेक्ट्स से जुड़ी रहीं। मंच पर काम करने के इन अनुभवों ने उन्हें दर्शकों के सामने प्रस्तुति देने और अपनी परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने का मौका दिया।

डिज्नी चैनल से शुरू हुआ अभिनय का सफर

बड़े पर्दे पर आने से पहले तारा सुतारिया टेलीविजन पर काम कर चुकी थीं। उन्होंने डिज्नी चैनल के शो ‘द सूट लाइफ ऑफ करण एंड कबीर’ और ‘ओए जस्सी’ में अभिनय किया। इसके अलावा उन्होंने ‘बिग बड़ा बूम’ में गायिका और परफॉर्मर के रूप में भी काम किया।

तारा ‘एंटरटेनमेंट के लिए कुछ भी करेगा’ और ‘बेस्ट ऑफ लक निक्की’ जैसे टीवी शोज में भी नजर आईं। टेलीविजन के इस शुरुआती अनुभव ने उन्हें कैमरे के सामने काम करने और दर्शकों से जुड़ने का मौका दिया।

गायकी को लेकर भी तारा ने कई बार अपनी इच्छा जाहिर की है। PTI को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि वह फिल्मों में गाना चाहती हैं और भविष्य में बॉलीवुड फिल्मों के लिए भी अपनी आवाज देना चाहती हैं।

‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2’ से बॉलीवुड डेब्यू

2019 तारा सुतारिया के करियर के लिए महत्वपूर्ण साल रहा। इसी वर्ष उन्होंने पुनीत मल्होत्रा के निर्देशन में बनी फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2’ से बॉलीवुड डेब्यू किया। फिल्म में उनके साथ टाइगर श्रॉफ और अनन्या पांडे मुख्य भूमिकाओं में थे।

तारा ने फिल्म में मिया चावला का किरदार निभाया था। कहानी कॉलेज लाइफ, दोस्ती, प्यार और प्रतियोगिता के इर्द-गिर्द घूमती थी। फिल्म को समीक्षकों की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली, लेकिन तारा के लिए यह बड़े पर्दे पर अपनी पहचान बनाने की शुरुआत थी।

तारा ने बाद में फिल्म के प्रदर्शन को लेकर कहा था कि लोगों की राय अलग हो सकती है, लेकिन वह फिल्म को असफल नहीं मानती थीं। उनके मुताबिक, फिल्म ने कमाई की थी। तारा ने यह भी बताया था कि ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2’ की शूटिंग के दौरान ही उन्हें दूसरी फिल्मों के ऑफर मिलने लगे थे, जिनमें ‘कबीर सिंह’ और ‘मरजावां’ जैसी फिल्में शामिल थीं।

‘मरजावां’ में निभाया अलग किरदार

‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2’ के बाद तारा 2019 में ही ‘मरजावां’ में नजर आईं। मिलाप जावेरी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा, रितेश देशमुख और रकुल प्रीत सिंह प्रमुख भूमिकाओं में थे।

तारा ने फिल्म में जोया का किरदार निभाया था। उनका किरदार बोल और सुन नहीं सकता था। ऐसे में उन्हें संवादों के बजाय भाव-भंगिमा और सांकेतिक भाषा के जरिए अपनी भूमिका निभानी थी।

तारा ने इस किरदार के लिए सांकेतिक भाषा सीखने पर काम किया था। वह चाहती थीं कि उनके अभिनय में ऐसी गलती न हो जिससे संबंधित समुदाय को ठेस पहुंचे। ‘मरजावां’ उनके लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि इसमें उन्होंने अपनी पहली फिल्म के कॉलेज रोमांस से अलग भूमिका निभाई।

फिल्मों से रिप्लेस किए जाने का अनुभव

फिल्म इंडस्ट्री में किसी प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने के बाद भी कलाकारों को कई बार बदलावों का सामना करना पड़ता है। तारा सुतारिया ने भी अपने करियर में फिल्मों से रिप्लेस किए जाने का अनुभव साझा किया है।

जूम टीवी एंटरटेनमेंट को दिए इंटरव्यू में तारा ने बताया था कि कुछ मौकों पर उन्हें ऐसी फिल्मों से बाहर किए जाने की जानकारी मिली, जिनका हिस्सा बनने की उन्हें उम्मीद थी। उनके लिए यह अनुभव भावनात्मक रूप से मुश्किल था।

किसी प्रोजेक्ट से जुड़े होने के बाद अचानक किसी दूसरे कलाकार को अपनी जगह देखना उनके लिए आसान नहीं था। शुरुआती करियर में ऐसे अनुभवों ने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री के काम करने के तरीके को समझने का अवसर दिया।

‘तड़प’ में रोमांटिक ड्रामा का अनुभव

2021 में तारा सुतारिया ‘तड़प’ में नजर आईं। मिलन लुथरिया के निर्देशन में बनी यह फिल्म तेलुगु फिल्म ‘RX 100’ का हिंदी रीमेक थी। फिल्म में तारा के साथ अहान शेट्टी ने अभिनय किया था। अहान शेट्टी की यह बॉलीवुड डेब्यू फिल्म थी।

तारा ने फिल्म में रमिसा नौटियाल का किरदार निभाया था। कहानी प्यार, रिश्तों और भावनात्मक उतार-चढ़ाव पर आधारित थी। ‘तड़प’ के जरिए तारा को एक और रोमांटिक भूमिका निभाने का मौका मिला।

‘हीरोपंती 2’ में दिखा एक्शन अवतार

2022 में तारा सुतारिया ‘हीरोपंती 2’ में नजर आईं। अहमद खान के निर्देशन में बनी इस फिल्म में टाइगर श्रॉफ और नवाजुद्दीन सिद्दीकी प्रमुख भूमिकाओं में थे। तारा ने फिल्म में इनाया सरन का किरदार निभाया था।

यह फिल्म एक्शन और रोमांस पर आधारित थी और इसमें बड़े स्तर के एक्शन सीक्वेंस शामिल थे। ‘हीरोपंती 2’ तारा के लिए इससे अलग अनुभव था, क्योंकि इससे पहले वह मुख्य रूप से रोमांटिक और ड्रामा आधारित फिल्मों में नजर आई थीं। हालांकि, फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित सफलता नहीं मिली।

‘एक विलेन रिटर्न्स’ में निभाया थ्रिलर रोल

उसी साल तारा सुतारिया ‘एक विलेन रिटर्न्स’ में भी दिखाई दीं। मोहित सूरी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अर्जुन कपूर, जॉन अब्राहम और दिशा पाटनी प्रमुख भूमिकाओं में थे।

तारा ने फिल्म में आरवी मल्होत्रा का किरदार निभाया था। फिल्म में रोमांस, थ्रिलर और इमोशनल ड्रामा को शामिल किया गया था। यह 2014 में रिलीज हुई ‘एक विलेन’ फ्रेंचाइजी का हिस्सा थी, हालांकि इसकी कहानी अलग थी।

‘अपूर्वा’ में मुख्य भूमिका से बदली इमेज

2023 में तारा सुतारिया ‘अपूर्वा’ में मुख्य भूमिका में नजर आईं। निखिल नागेश भट्ट के निर्देशन में बनी यह सर्वाइवल थ्रिलर थी। फिल्म की कहानी एक युवती के इर्द-गिर्द घूमती है, जो खतरनाक परिस्थितियों में फंस जाती है और अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करती है।

तारा ने फिल्म में अपूर्वा कश्यप का किरदार निभाया। यह उनके करियर की अलग तरह की फिल्म थी, क्योंकि इससे पहले उनकी कई फिल्मों में रोमांस और ग्लैमर का हिस्सा अधिक रहा था। ‘अपूर्वा’ में उन्हें कहानी के केंद्र में रहते हुए तनावपूर्ण और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अभिनय करने का अवसर मिला।

आउटसाइडर होने की चुनौतियों पर खुलकर बोलीं

तारा सुतारिया ने बॉलीवुड में अपने सफर और आउटसाइडर होने के अनुभव पर भी बात की है। बॉम्बे टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने इंडस्ट्री में अपने शुरुआती वर्षों के बारे में बताया था।

तारा के मुताबिक, जब उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में शुरुआत की थी, तब वह बहुत कम लोगों को जानती थीं। फिल्मी दुनिया के काम करने के तरीके और यहां मिलने वाले अवसरों को समझने में उन्हें कई साल लगे।

उन्होंने कहा था कि फिल्मी परिवार से आने वाले लोगों को इंडस्ट्री के कामकाज और प्रोजेक्ट्स के बारे में कई जानकारियां पहले से मिल जाती हैं। इसके विपरीत बाहर से आने वाले कलाकारों के लिए इस व्यवस्था को समझना आसान नहीं होता।

तारा ने अपने इस अनुभव को मुश्किल और कई बार अकेलेपन भरा बताया था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनके माता-पिता और दोस्तों का समर्थन उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा।

रिजेक्शन ने खुद से सवाल करने पर मजबूर किया

तारा ने फिल्मों से बाहर किए जाने के अनुभव के बारे में बात करते हुए यह भी बताया था कि ऐसे मौकों पर उन्हें काफी तकलीफ होती थी। किसी फिल्म से जुड़ने की उम्मीद के बाद प्रोजेक्ट से बाहर होना उन्हें भावनात्मक रूप से प्रभावित करता था और वह खुद से सवाल करने लगती थीं।

हालांकि, समय के साथ उन्होंने इन अनुभवों से सीखने की कोशिश की। तारा के अनुसार, इंडस्ट्री में काम करते हुए धीरे-धीरे उन्हें यह समझ आया कि हर प्रोजेक्ट उनके करियर का हिस्सा नहीं बन सकता और कलाकार के लिए अपने काम को लेकर धैर्य रखना जरूरी है।

अब काम की संख्या नहीं, गुणवत्ता पर ध्यान

तारा सुतारिया ने अपने करियर के आगे के दौर को लेकर कहा है कि अब वह फिल्मों की संख्या से ज्यादा उनके कंटेंट और गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहती हैं।

उन्होंने बताया था कि करियर के शुरुआती दौर में वह एक साल में करीब तीन फिल्मों की शूटिंग करती थीं, लेकिन अब वह सोच-समझकर प्रोजेक्ट चुनना चाहती हैं। उनके लिए ऐसा काम अधिक महत्वपूर्ण है जिसमें उन्हें रचनात्मक संतुष्टि मिले।

अभिनय के अलावा तारा अपनी गायकी को भी आगे बढ़ाना चाहती हैं। संगीत उनके करियर का वह हिस्सा है जो फिल्मी सफर शुरू होने से पहले ही उनके साथ रहा है।

‘टॉक्सिक’ से दक्षिण भारतीय सिनेमा में कदम

तारा सुतारिया की फिल्मोग्राफी में ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ भी शामिल है। गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी इस फिल्म में यश, नयनतारा, कियारा आडवाणी और अन्य कलाकार नजर आए।

फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के दौरान तारा ने इसे अपने लिए सपने के सच होने जैसा अनुभव बताया था। ‘टॉक्सिक’ के जरिए उनका करियर दक्षिण भारतीय सिनेमा के बड़े प्रोजेक्ट से भी जुड़ा।

टेलीविजन से शुरुआत करने वाली तारा सुतारिया ने संगीत और थिएटर से होते हुए बॉलीवुड में अपनी जगह बनाने की कोशिश की। डेब्यू के बाद मिली फिल्मों, रिप्लेसमेंट और रिजेक्शन जैसे अनुभवों के बीच उन्होंने अलग-अलग किरदारों के साथ खुद को तलाशने की कोशिश की। अब वह अभिनय के साथ संगीत को भी अपने करियर का अहम हिस्सा बनाए रखते हुए ऐसे प्रोजेक्ट चुनने पर ध्यान दे रही हैं, जिनसे उन्हें रचनात्मक संतुष्टि मिल सके।

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