दिल्ली के लाल किले धमाके में कानपुर कनेक्शन सामने आया। डॉक्टर शाहीन सिद्दीकी गिरफ्तार, उनके पास AK-47, जिंदा कारतूस और विस्फोटक बरामद। यूपी, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर की एजेंसियां नेटवर्क की जांच में जुटी हैं।
Delhi Blast: दिल्ली के लाल किला में हुए धमाके के बाद देशभर में सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया है। इस धमाके के तार अब कानपुर से भी जुड़े पाए गए हैं। जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में फैले एक बड़े आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है, जिसमें डॉ. शाहीन सिद्दीकी का नाम सामने आया है। जिनके पास से AK-47 राइफल और जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं, उनका कानपुर मेडिकल कॉलेज से पुराना कनेक्शन उजागर हुआ है।
सूत्रों के मुताबिक, डॉ. शाहीन पहले गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल (GSVM) मेडिकल कॉलेज, कानपुर में प्रवक्ता (लेक्चरर) के पद पर तैनात थीं। मंगलवार सुबह एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) की टीम ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर शाहीन के रिकॉर्ड, अटेंडेंस शीट्स, तबादला फाइलें और विभागीय दस्तावेज जब्त किए।
AK-47 और विस्फोटक बरामद
सोमवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने डॉ. शाहीन को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान उनकी स्विफ्ट डिजायर कार की डिक्की से AK-47 राइफल, कई मैगजीन, जिंदा कारतूस और संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए। यह कार्रवाई एक अंतरराज्यीय आतंकी मॉड्यूल के खिलाफ संयुक्त अभियान का हिस्सा थी। इसमें जम्मू-कश्मीर पुलिस, यूपी ATS, हरियाणा पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां शामिल थीं।
इस अभियान में कुल 2,900 किलोग्राम विस्फोटक, IED बनाने की सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, टाइमर, एके-56 राइफल, चीनी पिस्टल और अन्य हथियार जब्त किए गए। फरीदाबाद के धौज गांव में तीन महीने पहले डॉ. शाहीन और उनके कथित प्रेमी डॉ. मुजम्मिल शकील ने किराए का फ्लैट लिया था, जहां IED असेंबली की जा रही थी।
आतंकी मॉड्यूल और दिल्ली सहित कई शहरों की प्लानिंग
पुलिस के अनुसार, डॉ. मुजम्मिल शकील पुलवामा का निवासी है और फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में लेक्चरर था। वह डॉ. शाहीन के करीबी और कथित प्रेमी हैं। आरोप है कि दोनों ने फरीदाबाद फ्लैट में विस्फोटक और हथियार रखने और असेंबली का काम किया।
खुफिया एजेंसियों का मानना है कि यह मॉड्यूल पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गजवत-उल-हिंद (AGUH) के इशारे पर काम कर रहा था। इसका उद्देश्य दिल्ली, लखनऊ और अन्य प्रमुख शहरों में बड़े धमाके करना था। इस नेटवर्क में तीन डॉक्टर समेत आठ लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, जिसमें डॉ. आदिल राथर (सहारनपुर) और डॉ. उमर नबी (अलीगढ़) शामिल हैं।

गिरफ्तार डॉ. शाहीन को हवाई मार्ग से श्रीनगर ले जाया गया है, जहां उनके खिलाफ गहन पूछताछ की जा रही है।
कानपुर मेडिकल कॉलेज का कनेक्शन
डॉ. शाहीन सिद्दीकी का मेडिकल करियर शुरू में काफी चमकदार था। यूपीPSC की परीक्षा पास करने के बाद वे GSVM मेडिकल कॉलेज, कानपुर में प्रवक्ता के पद पर तैनात हुईं। उन्होंने मेडिसिन विभाग में छात्रों को पढ़ाया। 2009-2010 के बीच उनका तबादला कन्नौज के राजकीय मेडिकल कॉलेज में हुआ। कुछ समय बाद वे कानपुर लौट आईं।
लेकिन 2013 में अचानक बिना किसी सूचना या इस्तीफे के गायब हो गईं। कॉलेज प्रशासन ने कई नोटिस जारी किए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिलने पर उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
पूर्व सहकर्मी डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि शाहीन पढ़ाने में उत्कृष्ट थीं। हालांकि कन्नौज तबादले के बाद वह थोड़ी परेशान थीं, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि वे इस तरह की राह पर चली जाएंगी। ATS अब उनकी कॉलेज के दौरान के संपर्कों, सहपाठियों और परिवार की जांच कर रही है। सवाल उठ रहा है कि क्या बर्खास्तगी के बाद वे अवैध गतिविधियों में फंस गईं।
आरोप और गिरफ्तार डॉक्टरों की भूमिका
जांच में सामने आया कि डॉ. शाहीन डॉ. मुजम्मिल शकील की करीबी सहयोगी थीं। दोनों ने फरीदाबाद में IED और हथियारों की ढुलाई के लिए कार का इस्तेमाल किया। शाहीन पर आरोप है कि उन्होंने जैश-ए-मोहम्मद के लिए भर्ती, प्रचार और लॉजिस्टिक्स सप्लाई का काम संभाला।
खुफिया एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क 'डी गैंग' (डॉक्टर गैंग) का हिस्सा था, जिसमें पांच डॉक्टर शामिल थे। दिल्ली के रेड फोर्ट ब्लास्ट जैसी घटनाओं में भी इस गैंग के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।
इस मामले ने मेडिकल प्रोफेशनल्स की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़ा किया है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि डॉक्टरों जैसे सम्मानित पदों का दुरुपयोग आतंकी संगठनों की नई रणनीति है। ऐसे मामले दिखाते हैं कि ‘स्लीपर सेल्स’ और आतंकी नेटवर्क समाज में गहराई से पैठ बना सकते हैं।
केंद्र और राज्य सरकारें इस घटना पर हाई-लेवल मीटिंग कर रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों को रोकने और भविष्य में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाना आवश्यक है।
कानपुर से आतंकवाद की चेतावनी
डॉ. शाहीन के कानपुर मेडिकल कॉलेज कनेक्शन ने दिखाया है कि आतंकवादी नेटवर्क किसी भी पेशेवर क्षेत्र में infiltrate कर सकते हैं। एजेंसियों को अब यह पता लगाना है कि कॉलेज के समय से ही कोई संदिग्ध लिंक था या बाद में वे इस नेटवर्क में शामिल हुईं।
इस घटना ने पूरे देश में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे उत्तर प्रदेश और पड़ोसी राज्यों में सतर्क हो गई हैं। कानपुर और लखनऊ सहित अन्य शहरों में जांच और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।











