दिल्ली धमाके के बाद असम में सख्त कार्रवाई, हिंसा समर्थकों पर सरकार ने कसा शिकंजा

दिल्ली धमाके के बाद असम में सख्त कार्रवाई, हिंसा समर्थकों पर सरकार ने कसा शिकंजा

दिल्ली ब्लास्ट के बाद असम पुलिस ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने के आरोप में 15 लोगों को गिरफ्तार किया। मुख्यमंत्री हिमंता विश्व शर्मा ने चेतावनी दी कि हिंसा या आतंकवाद का समर्थन करने वालों पर किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।

Delhi Blast: दिल्ली के लाल किला (Red Fort) के पास हुए कार ब्लास्ट के बाद अब जांच और कार्रवाई का दायरा देशभर में फैल गया है। असम पुलिस (Assam Police) ने राज्य के अलग-अलग जिलों से 15 लोगों को गिरफ्तार किया है जिन्होंने सोशल मीडिया पर इस हमले से जुड़ी ‘अपमानजनक’ और ‘उत्तेजक’ पोस्ट की थीं। मुख्यमंत्री हिमंता विश्व शर्मा ने कहा है कि हिंसा या आतंकवाद का महिमामंडन करने वालों पर किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।

सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट के बाद कार्रवाई

असम पुलिस के मुताबिक, दिल्ली ब्लास्ट के बाद कुछ लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऐसी पोस्ट डाल रहे थे जिनमें धमाके की घटना का मज़ाक उड़ाया गया था या उसे समर्थन देने वाले संदेश लिखे गए थे। इन पोस्ट्स को राज्य में सांप्रदायिक तनाव (Communal Tension) फैलाने की कोशिश माना गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अलग-अलग जिलों में 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वालों के खिलाफ ‘सख्त संदेश’ है।

मुख्यमंत्री ने दी कड़ी चेतावनी

असम के मुख्यमंत्री हिमंता विश्व शर्मा ने गुरुवार सुबह X (पूर्व में Twitter) पर पोस्ट करते हुए कहा कि दिल्ली ब्लास्ट जैसे आतंकवादी कृत्य का समर्थन करने वालों के खिलाफ पुलिस पूरी सख्ती से पेश आएगी। उन्होंने लिखा, “असम पुलिस हिंसा का महिमामंडन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और इसमें कोई समझौता नहीं किया जाएगा।”

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह सिर्फ कानून का मामला नहीं है बल्कि समाज में शांति और एकता बनाए रखने की जिम्मेदारी का हिस्सा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि असम में आतंकवाद या हिंसा का समर्थन करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।

गिरफ्तार लोगों की पहचान हुई

मुख्यमंत्री के पोस्ट के बाद असम पुलिस ने एक विस्तृत बयान जारी किया, जिसमें गिरफ्तार लोगों के नाम और जिलों का उल्लेख किया गया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में शामिल हैं —
रफीजुल अली (बोंगाईगांव), फरीद उद्दीन लस्कर (हैलाकांडी), इनामुल इस्लाम (लखीमपुर), फिरुज अहमद उर्फ पपोन (लखीमपुर), शाहिल शोमान सिकदर उर्फ शाहिदुल इस्लाम (बारपेटा), रकीबुल सुल्तान (बारपेटा), नसीम अकरम (होजाई), तस्लीम अहमद (कामरूप) और अब्दुर रोहिम मोल्लाह उर्फ बप्पी हुसैन (साउथ सलमारा)।

पुलिस ने बताया कि बुधवार रात से लेकर गुरुवार सुबह तक लगातार छापेमारी की गई और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल की मदद से इन संदिग्धों को पकड़ा गया। सभी पर आईटी एक्ट (IT Act) और राज्य सुरक्षा कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया है।

असम पुलिस की सख्त निगरानी

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वाली पोस्ट्स पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। असम के पुलिस मुख्यालय में एक विशेष टीम बनाई गई है जो Facebook, X, Instagram, Telegram और YouTube जैसे प्लेटफॉर्म्स पर लगातार नजर रख रही है। जो भी व्यक्ति हिंसा का समर्थन करने वाली या आतंकवादियों के प्रति सहानुभूति जताने वाली पोस्ट करता पाया जाएगा, उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने भी अपने बयान में कहा, “हम सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। असम शांति का प्रदेश है, और इसे अशांति में झोंकने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”

दिल्ली ब्लास्ट के बाद बढ़ा तनाव

दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए ब्लास्ट में कम से कम 12 लोगों की मौत और 20 से ज्यादा के घायल होने की पुष्टि हुई थी। यह धमाका एक खड़ी कार में हुआ था, जिसमें भारी मात्रा में IED (Improvised Explosive Device) लगाया गया था। जांच एजेंसी एनआईए (NIA) ने बताया कि यह एक सुनियोजित आतंकी हमला (Planned Terror Attack) था, जिसमें तुर्किये और अन्य देशों से जुड़े कनेक्शन सामने आए हैं।

असम पुलिस की कार्रवाई उसी संदर्भ में देखी जा रही है। माना जा रहा है कि सोशल मीडिया पर ऐसी पोस्ट डालने वाले लोग आतंकी विचारधारा का प्रचार करने की कोशिश कर रहे थे, जिससे माहौल बिगड़ सकता था।

हिंसा का समर्थन करने वालों पर कड़ी नजर

असम सरकार ने स्पष्ट कहा है कि आतंकवाद का समर्थन करने वाले या हिंसा को ‘न्यायोचित’ बताने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने हर जिले में साइबर सेल को अलर्ट किया है। अगर कोई व्यक्ति ऑनलाइन या ऑफलाइन तरीके से आतंकवाद के पक्ष में बोलता या लिखता है तो उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा।

असम पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुछ गिरफ्तार व्यक्तियों ने दिल्ली ब्लास्ट को लेकर सोशल मीडिया पर ‘विवादित मीम्स’ और ‘विडियो’ शेयर किए थे। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि कुछ ने इन पोस्ट्स को विदेशी अकाउंट्स से रीशेयर किया था, जिससे मामला और गंभीर हो गया।

खुफिया एजेंसियों का बड़ा खुलासा

खुफिया सूत्रों ने बताया है कि दिल्ली ब्लास्ट के पीछे एक बड़ी आतंकी साजिश थी। संदिग्धों ने चार अलग-अलग जगहों पर हमले (Multiple Blasts) की योजना बनाई थी। उन्होंने पुरानी गाड़ियों में विस्फोटक लगाकर दिल्ली समेत कुछ अन्य शहरों को निशाना बनाने की तैयारी की थी। जांच में पता चला है कि इस नेटवर्क में 8 संदिग्ध शामिल थे और सभी दो-दो के समूह में काम कर रहे थे।

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