दिल्ली में प्रदूषण ने छू लिया खतरनाक स्तर, GRAP-3 लागू, सांस लेना हुआ मुश्किल

दिल्ली में प्रदूषण ने छू लिया खतरनाक स्तर, GRAP-3 लागू, सांस लेना हुआ मुश्किल

राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है और शहर में हर तरफ धुंध और स्मॉग देखा जा सकता है। बढ़ते प्रदूषण के मद्देनज़र केंद्र सरकार ने दिल्ली-एनसीआर में गैर-जरूरी निर्माण कार्यों पर पाबंदी लगा दी है। इसके साथ ही GRAP-3 के तहत आवश्यक प्रतिबंध भी लागू कर दिए गए हैं।

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है और मंगलवार को AQI 425 तक पहुंच गया। इस गंभीर स्थिति के कारण अधिकारियों ने GRAP-3 (Graded Response Action Plan – तीसरा चरण) को सक्रिय कर दिया है। GRAP-3 लागू होने के साथ ही निर्माण गतिविधियों, वाहनों और स्कूलों पर सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं।

दिल्ली-एनसीआर में धुआं और धुंध का घना कोहरा नजर आने लगा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, हवाओं की शांति और प्रतिकूल सर्दियों की स्थिति के कारण प्रदूषण कण सतह के पास ही स्थिर हो रहे हैं, जिससे सांस लेना और बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।

GRAP-3 लागू, क्या हैं नए प्रतिबंध

  • निर्माण और खनन पर रोक: तीसरे चरण के तहत सभी गैर-जरूरी निर्माण कार्य, स्टोन क्रशर और खनन गतिविधियां तत्काल प्रभाव से रोक दी गई हैं। यह कदम दिल्ली-एनसीआर के वायु गुणवत्ता स्तर को नियंत्रित करने के लिए लिया गया है।
  • स्कूलों में हाइब्रिड शिक्षा: कक्षा पांच तक के छात्रों को ऑनलाइन और ऑफलाइन हाइब्रिड मोड में पढ़ाई करने की सलाह दी गई है। अभिभावक अपनी सुविधा के अनुसार बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प दे सकते हैं।
  • वाहनों पर कड़ा नियंत्रण: बीएस-III पेट्रोल और बीएस-IV डीजल चार पहिया वाहनों का उपयोग GRAP-3 के दौरान प्रतिबंधित है। माल ढुलाई के लिए बीएस-IV डीजल इंजन वाले वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। केवल आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को छूट दी जाएगी।दिल्ली के बाहर पंजीकृत बीएस-IV या उससे कम मानक वाले डीजल इंजन वाले वाहनों को एनसीआर क्षेत्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। विकलांग व्यक्तियों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।
  • सरकारी कार्यालयों में बदलाव: GRAP-3 के तहत सरकारी और सिविक एजेंसियों के कार्यालयों का समय आवश्यकतानुसार बदला जा सकता है। सभी संबंधित एजेंसियों को नए प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करना होगा।

GRAP-3 लागू करने की आवश्यकता

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CQM) ने बताया कि AQI 401 से 450 के बीच होने पर GRAP का तीसरा चरण लागू किया जाता है। GRAP-3 लागू होने पर:

  • सड़कों की नियमित सफाई और पानी का छिड़काव किया जाएगा।
  • निर्माण स्थलों पर धूल और मलबे का सही तरीके से निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा।
  • वाहनों और उद्योगों पर नियंत्रण बढ़ाया जाएगा।

CQM के अनुसार, यह कदम दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को नियंत्रित करने और आम जनता को स्वास्थ्य जोखिमों से बचाने के लिए सख्त लेकिन आवश्यक है।

 

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