हरियाणा राज्यसभा चुनाव 2026: भाजपा की रणनीति को मिलेगी कांग्रेस की चुनौती

हरियाणा राज्यसभा चुनाव 2026: भाजपा की रणनीति को मिलेगी कांग्रेस की चुनौती

हरियाणा में 16 मार्च 2026 को दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होने जा रहे हैं। इस बार राज्यसभा चुनाव राजनीतिक रणनीति और क्रॉस वोटिंग की संभावना के कारण विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल इस चुनाव में पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं।

चंडीगढ़: हरियाणा की दो सीटों पर होने वाले Rajya Sabha चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। भाजपा के राज्यसभा सदस्यों Kiran Choudhary और Ramchandra Jangra का कार्यकाल पूरा होने पर खाली हो रही इन दोनों सीटों पर 16 मार्च को चुनाव होना है। राज्यसभा की दो सीटों पर तीन उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए हैं, जिससे मुकाबला न केवल रोचक बनेगा, बल्कि क्रॉस वोटिंग की आशंका भी बलवती हो गई है।

चुनाव की पृष्ठभूमि

हरियाणा की विधानसभा में 90 सदस्य हैं और भाजपा के राज्यसभा सदस्य किरण चौधरी और रामचंद्र जांगड़ा का कार्यकाल समाप्त होने पर इन दो सीटों पर चुनाव होना है। इस बार कुल तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। भाजपा ने संजय भाटिया को अपना उम्मीदवार बनाया है और कांग्रेस के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को समर्थन दिया है। इस कदम से क्रॉस वोटिंग की संभावना बढ़ गई है।

पिछले राज्यसभा चुनावों में 2016 और 2022 में भी भाजपा ने निर्दलीय उम्मीदवारों के माध्यम से कांग्रेस को चुनौती दी थी। उस समय कांग्रेस के पास अपने विधायकों की संख्या के बावजूद क्रॉस वोटिंग के कारण भाजपा समर्थित उम्मीदवार जीतने में सफल रहे थे। इस बार भी यही रणनीति दोहराई जा सकती है।

भाजपा की रणनीति 

भाजपा ने संजय भाटिया को अपनी सीट के लिए सीधा उम्मीदवार बनाया है, जिसे जीत लगभग तय माना जा रहा है। वहीं कांग्रेस के हिस्से की सीट पर भाजपा ने सतीश नांदल को चुनावी मैदान में उतारा है। सतीश नांदल हरियाणा भाजपा के उपाध्यक्ष हैं और पूर्व में तीन बार विधानसभा चुनाव हार चुके हैं। भाजपा की योजना यह है कि यदि सतीश नांदल कांग्रेस के विधायकों को क्रॉस वोटिंग के लिए प्रेरित कर लें, तो यह विपक्ष के लिए बड़ा झटका होगा।

भाजपा ने इस रणनीति के लिए शनिवार को नई दिल्ली में हरियाणा के प्रमुख नेताओं की बैठक बुलाई। इसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, भाजपा प्रभारी डॉ. सतीश पुनिया, सह प्रभारी सुरेंद्र नागर और प्रदेश अध्यक्ष मोहन बडौली शामिल होंगे। बैठक में 2016 और 2022 के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार की रणनीति तैयार की जाएगी।

कांग्रेस की चुनौती 

कांग्रेस ने इस बार दलित नेता कर्मवीर बौद्ध को उम्मीदवार बनाया है। अंबाला निवासी कर्मवीर बौद्ध को राज्यसभा उम्मीदवार बनवाने में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और दलित नेता उदय राज एवं राजेंद्रपाल गौतम की मदद रही है। हालांकि, भाजपा ने इस कमी का फायदा उठाने की कोशिश की है क्योंकि कई कांग्रेस विधायक कर्मवीर बौद्ध के नाम से संतुष्ट नहीं हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा का ध्यान इस बात पर है कि उनके विधायक क्रॉस वोटिंग न करें। हुड्डा का मानना है कि एक सीट कांग्रेस और एक सीट भाजपा के खाते में जाना तय है, लेकिन क्रॉस वोटिंग के कारण हालात हमेशा बदल सकते हैं।

गोपाल कांडा पर भरोसा क्यों नहीं जताया गया

राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि भाजपा ने हरियाणा लोकहित पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व विधायक गोपाल कांडा को क्यों समर्थन नहीं दिया। कांडा भाजपा के सहयोगी हैं और पूर्व में हरियाणा के गृह राज्य मंत्री भी रहे। सूत्रों के अनुसार, भाजपा ने चुनाव में ऐसा उम्मीदवार चुना जो सीधे जाट पॉलिटिक्स कर सके और कांग्रेस के पुराने प्रभाव को चुनौती दे सके। इस भूमिका के लिए सतीश नांदल को फिट माना गया।

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