मसूद पेजेश्कियन का बड़ा बयान, पड़ोसी देशों से मांगी माफी, लेकिन सरेंडर करने से किया इनकार

मसूद पेजेश्कियन का बड़ा बयान, पड़ोसी देशों से मांगी माफी, लेकिन सरेंडर करने से किया इनकार

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने पड़ोसी देशों से माफी मांगी और मिसाइल हमले रोकने का संकेत दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका-इजरायल के दबाव में ईरान कभी सरेंडर नहीं करेगा और अपनी सीमाओं की रक्षा जारी रखेगा।

Iran News: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने हाल ही में पड़ोसी देशों से माफी मांगी है और क्षेत्र में चल रही हिंसा को कम करने की दिशा में पहला कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि जब तक पड़ोसी देशों की ओर से ईरान पर हमला नहीं होता, तब तक ईरान उन पर मिसाइल या ड्रोन हमले रोक देगा। यह बयान मिडिल-ईस्ट में पिछले कुछ दिनों से जारी संघर्ष के बीच आया है, जिसमें अमेरिका और इजरायल ने ईरानी ठिकानों पर हमले किए थे।

पड़ोसी देशों पर हमलों के लिए माफी

पेजेश्कियन ने कई खाड़ी देशों पर किए गए हमलों के लिए माफी मांगी। उन्होंने कहा कि "मुझे अपनी ओर से और ईरान की ओर से उन पड़ोसी देशों से माफी मांगनी चाहिए जिन पर हमले किए गए हैं।" अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार, इस फैसले को ईरान की अस्थायी नेतृत्व परिषद ने मंजूरी दी है। इसे क्षेत्र में कई दिनों से जारी भीषण संघर्ष के बाद तनाव कम करने की दिशा में पहला स्पष्ट कदम माना जा रहा है।

इस संघर्ष की शुरुआत पिछले हफ्ते हुई थी जब अमेरिका और इजरायल ने ईरानी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की। इन हमलों में कथित रूप से ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई अन्य लोग मारे गए। इसके जवाब में ईरान ने अमेरिकी और इजरायली हितों से जुड़े कई ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इस प्रतिक्रिया ने मीडिल-ईस्ट में व्यापक युद्ध की आशंकाओं को बढ़ा दिया।

ईरान का स्पष्ट संदेश: सरेंडर नहीं

हालांकि पेजेश्कियन ने पड़ोसी देशों पर हमलों को रोकने का संकेत दिया है, उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि ईरान किसी भी तरह इजरायल या अमेरिका के दबाव के आगे नहीं झुकेगा। सरकारी टेलीविजन पर अपने भाषण में उन्होंने कहा कि ईरानी जनता कभी सरेंडर नहीं करेगी। पेजेश्कियन ने चेतावनी दी कि जो लोग ईरान के सरेंडर की उम्मीद कर रहे हैं, उन्हें सफलता नहीं मिलेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश अपनी रक्षा जारी रखेगा और किसी भी स्थिति में अपनी संप्रभुता को खतरे में नहीं आने देगा।

एएफपी के अनुसार पेजेश्कियन ने कहा, "दुश्मनों को ईरानी जनता के सरेंडर की अपनी इच्छा को अपने साथ कब्र में ले जाना चाहिए।" यह बयान ईरान की दृढ़ता और अपनी सीमाओं व हितों की सुरक्षा के प्रति संकल्प को स्पष्ट करता है।

मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष ने मिडिल ईस्ट में सुरक्षा और राजनीतिक अस्थिरता को बढ़ा दिया है। ईरान द्वारा खाड़ी देशों पर किए गए हमलों ने क्षेत्र के देशों को सतर्क कर दिया है और वैश्विक बाजारों में भी तनाव का असर देखा जा रहा है। मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण तेल की आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और स्थानीय सुरक्षा परिस्थितियों पर असर पड़ा है।

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